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Rewari News: ग्रामीणों की सेहत दुरुस्त रखने के लिए 5 गांवों में बनाए जाएंगे उपस्वास्थ्य केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:11 PM IST
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बावल में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
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रेवाड़ी। जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। जारी टेंडर के अनुसार गांव झोलरी (खंड नाहड़), अलावलपुर (खंड बावल), मनेठी (खंड खोल), खरगवास (खंड रेवाड़ी) और सुलखा (खंड बावल) में उपस्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे।
प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर 46 लाख 63 हजार रुपये से 46 लाख 83 हजार रुपये तक की राशि खर्च की जाएगी। सभी निविदाएं जमा कराने की अंतिम तिथि 16 अप्रैल निर्धारित की गई है। कोसली-कनीना मार्ग पर स्थित गांव लुखी में सब हेल्थ सेंटर का बनाया जाएगा। इस पर 55 लाख 88 हजार रुपये खर्च होंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने 48 गांवों में सब हेल्थ सेंटर बनाने की योजना बनाई है। इनमें से 24 हेल्थ सेंटर का प्रस्ताव भेजा गया है। जिन गांव में सब हेल्थ सेंटर बनाने की योजना है वहां पर जमीन फाइनल होने के बाद टेंडर जारी किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष 12 गांवों में सब हेल्थ सेंटर बनाने के लिए टेंडर जारी किए गए थे। इनमें गांव बेरवल, छिल्लर, मोहनपुर, रोहडाई, मामडिया आसमपुर, सुठानी, झाबुआ, नेहरूगढ़, सुठानी, नांगल शहबाजपुर, जैतपुर शेखपुर, सुर्खपुर शामिल था।
जिन 48 गांव में सब हेल्थ सेंटर खोलने की योजना बनाई गई है वहां पहले स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे किया था। यह देखा गया कि आसपास स्वास्थ्य की सुविधा कैसी है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 48 गांवों को सब हेल्थ सेंटर के लिए चिह्नित किया गया था। इनका प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया था। मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी किए जा रहे हैं।
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5 हजार की आबादी पर खुलता है एक उप-स्वास्थ्य केंद्र
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन उप स्वास्थ्य केंद्रों के बनने से ग्रामीणों को गांव में ही प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। वर्तमान में कई गांवों के लोगों को छोटी-बीमारियों के इलाज के लिए भी दूर जाना पड़ता है। उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए आबादी का मानक भारत सरकार द्वारा तय किया गया है। सामान्य (मैदानी) क्षेत्रों में लगभग 5 हजार की आबादी पर एक उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाता है जबकि पहाड़ी, जनजातीय व दुर्गम क्षेत्रों में यह मानक 3 हजार की आबादी पर निर्धारित है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इन्हें स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों में भी विकसित किया जा रहा है।
चार नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे
जिले के नाहड़, जाटूसाना और धारूहेड़ा ब्लॉक में चार नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निर्माण किया जाएगा। गुड़ियानी, जाटूसाना, बख्तापुर और लिलोढ़ गांव में पीएचसी के निर्माण पर 14.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भाड़ावास को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के रूप में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है। अपग्रेडेशन के बाद इस केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टर, अत्याधुनिक जांच सुविधाएं, इमरजेंसी सेवाएं, अधिक बेड क्षमता और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को समय पर बेहतर चिकित्सा सेवा मिल सकेगी।
उप स्वास्थ्य केंद्र गांव में बनना है। धर्मशाला में अभी केंद्र चल रहा है। जगह फाइनल की जा चुकी है।-देशराज, मनेठी, सरंपच।
कई गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र बनाने की योजना है। प्रस्ताव पूरे हो चुके हैं। टेंडर जारी किए जा रहे हैं।-डॉ. नरेंद्र दहिया, सीएमओ
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प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर 46 लाख 63 हजार रुपये से 46 लाख 83 हजार रुपये तक की राशि खर्च की जाएगी। सभी निविदाएं जमा कराने की अंतिम तिथि 16 अप्रैल निर्धारित की गई है। कोसली-कनीना मार्ग पर स्थित गांव लुखी में सब हेल्थ सेंटर का बनाया जाएगा। इस पर 55 लाख 88 हजार रुपये खर्च होंगे।
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स्वास्थ्य विभाग ने 48 गांवों में सब हेल्थ सेंटर बनाने की योजना बनाई है। इनमें से 24 हेल्थ सेंटर का प्रस्ताव भेजा गया है। जिन गांव में सब हेल्थ सेंटर बनाने की योजना है वहां पर जमीन फाइनल होने के बाद टेंडर जारी किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष 12 गांवों में सब हेल्थ सेंटर बनाने के लिए टेंडर जारी किए गए थे। इनमें गांव बेरवल, छिल्लर, मोहनपुर, रोहडाई, मामडिया आसमपुर, सुठानी, झाबुआ, नेहरूगढ़, सुठानी, नांगल शहबाजपुर, जैतपुर शेखपुर, सुर्खपुर शामिल था।
जिन 48 गांव में सब हेल्थ सेंटर खोलने की योजना बनाई गई है वहां पहले स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे किया था। यह देखा गया कि आसपास स्वास्थ्य की सुविधा कैसी है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 48 गांवों को सब हेल्थ सेंटर के लिए चिह्नित किया गया था। इनका प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया था। मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी किए जा रहे हैं।
5 हजार की आबादी पर खुलता है एक उप-स्वास्थ्य केंद्र
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन उप स्वास्थ्य केंद्रों के बनने से ग्रामीणों को गांव में ही प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। वर्तमान में कई गांवों के लोगों को छोटी-बीमारियों के इलाज के लिए भी दूर जाना पड़ता है। उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए आबादी का मानक भारत सरकार द्वारा तय किया गया है। सामान्य (मैदानी) क्षेत्रों में लगभग 5 हजार की आबादी पर एक उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाता है जबकि पहाड़ी, जनजातीय व दुर्गम क्षेत्रों में यह मानक 3 हजार की आबादी पर निर्धारित है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इन्हें स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों में भी विकसित किया जा रहा है।
चार नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे
जिले के नाहड़, जाटूसाना और धारूहेड़ा ब्लॉक में चार नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निर्माण किया जाएगा। गुड़ियानी, जाटूसाना, बख्तापुर और लिलोढ़ गांव में पीएचसी के निर्माण पर 14.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भाड़ावास को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के रूप में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है। अपग्रेडेशन के बाद इस केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टर, अत्याधुनिक जांच सुविधाएं, इमरजेंसी सेवाएं, अधिक बेड क्षमता और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को समय पर बेहतर चिकित्सा सेवा मिल सकेगी।
उप स्वास्थ्य केंद्र गांव में बनना है। धर्मशाला में अभी केंद्र चल रहा है। जगह फाइनल की जा चुकी है।-देशराज, मनेठी, सरंपच।
कई गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र बनाने की योजना है। प्रस्ताव पूरे हो चुके हैं। टेंडर जारी किए जा रहे हैं।-डॉ. नरेंद्र दहिया, सीएमओ