{"_id":"69dbdef2877b01489900d28a","slug":"women-should-be-given-participation-in-decision-making-process-dr-mamta-rewari-news-c-198-1-rew1001-236655-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी मिले : डॉ. ममता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी मिले : डॉ. ममता
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:35 PM IST
विज्ञापन
कृषि महाविद्यालय में एकजुट विद्यार्थी व स्टाफ। स्रोत : कॉलेज
विज्ञापन
बावल। कृषि महाविद्यालय बावल में नारी शक्ति वंदन अधिनियम विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। करीब 100 छात्राओं ने भाग लिया। अधिनियम के समर्थन में हस्ताक्षर कर सहमति जताई।
मुख्य अतिथि हरियाणा लोक सेवा आयोग की सदस्य डॉ. ममता ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तीकरण तभी संभव है, जब उन्हें निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी मिले। उन्होंने बताया कि हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है जो अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है।
कार्यक्रम में डॉ. अनिल ने संसद में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण दिए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है लेकिन अभी और अवसर दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने छात्राओं को नेतृत्व में आगे आने और समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इससे पहले प्रधानाचार्य डॉ. नरेश कौशिक ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में धर्मबीर यादव ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
Trending Videos
मुख्य अतिथि हरियाणा लोक सेवा आयोग की सदस्य डॉ. ममता ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तीकरण तभी संभव है, जब उन्हें निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी मिले। उन्होंने बताया कि हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है जो अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम में डॉ. अनिल ने संसद में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण दिए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है लेकिन अभी और अवसर दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने छात्राओं को नेतृत्व में आगे आने और समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इससे पहले प्रधानाचार्य डॉ. नरेश कौशिक ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में धर्मबीर यादव ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।