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Rohtak News: बीजदान अभियान के तहत अर्जुन के 3000 बीजों का किया संग्रह
Sun, 02 Aug 2026 06:37 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 02 Aug 2026 06:37 PM IST
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03 अर्जुन पेड के 3000 बीजों का संग्रह करते अभियान के संयोजक डाॅ. जसमेर हुड्डा व स्वयंसेवक। संव
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक । अमर उजाला और सुनो नहरों की पुकार मिशन की ओर से चलाए बीजदान-भविष्य का बीजारोपण अभियान के तहत अर्जुन के 3000 बीजों का संग्रह किया गया। इसके लिए सरकारी कर्मचारी कॉलोनी में अभियान चलाया गया। इन बीजों को जनसहयोग से रोपा जाएगा।
अभियान के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. अनुज नरवाल ने कहा कि हर नागरिक अपने आसपास से बीज एकत्रित करने का संकल्प ले तो हरियाली बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।
बीज संग्रहण अभियान में डॉ. जसमेर सिंह, ईश्वर सिंह दलाल, राजवीर कालीरमन, अजय हुड्डा आदि ने सक्रिय भागीदारी निभाई। डॉ. जसमेर सिंह ने कहा कि लोग फल खाने के बाद उनके बीजों को कूड़ेदान में फेंकने के बजाय बीजदान-भविष्य का बीजारोपण अभियान को समर्पित करें।
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उन्होंने बताया कि स्वयंसेवक नहरों के किनारों, सार्वजनिक स्थलों व अन्य उपयुक्त स्थानों पर बीजों का बिखराव करेंगे ताकि वर्षा का लाभ लेकर अधिक से अधिक बीज अंकुरित हो सकें। उन्होंने पर्यावरण प्रेमियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस अभियान में शामिल होकर इसे जनभागीदारी का आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
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पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मददगार है पिलखन
पिलखन, मोरेसी कुल का पर्णपाती वृक्ष है जो भारतीय उपमहाद्वीप के उष्ण कटिबंधीय एवं उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके फल पक्षियों, चमगादड़ों, बंदरों व अन्य वन्य जीवों के लिए भोजन का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। कार्बन संचयन, मृदा संरक्षण, सूक्ष्म जलवायु निर्माण व वायु गुणवत्ता में सुधार के माध्यम से पilखन पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। सदियों से स्थानीय समुदाय इसकी छाल, पत्तियों, फलों व दूधिया रस का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा और दैनिक जीवन में करते आए हैं। आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान इसके एंटीऑक्सीडेंट, सूजनरोधी, जीवाणुरोधी व अन्य जैव सक्रिय गुणों की पुष्टि कर रहे हैं। -डॉ. सुरेंद्र सिंह गुलिया, सहायक प्रोफेसर, बॉटनी विभाग, पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय रोहतक।
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रोहतक । अमर उजाला और सुनो नहरों की पुकार मिशन की ओर से चलाए बीजदान-भविष्य का बीजारोपण अभियान के तहत अर्जुन के 3000 बीजों का संग्रह किया गया। इसके लिए सरकारी कर्मचारी कॉलोनी में अभियान चलाया गया। इन बीजों को जनसहयोग से रोपा जाएगा।
अभियान के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. अनुज नरवाल ने कहा कि हर नागरिक अपने आसपास से बीज एकत्रित करने का संकल्प ले तो हरियाली बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।
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बीज संग्रहण अभियान में डॉ. जसमेर सिंह, ईश्वर सिंह दलाल, राजवीर कालीरमन, अजय हुड्डा आदि ने सक्रिय भागीदारी निभाई। डॉ. जसमेर सिंह ने कहा कि लोग फल खाने के बाद उनके बीजों को कूड़ेदान में फेंकने के बजाय बीजदान-भविष्य का बीजारोपण अभियान को समर्पित करें।
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उन्होंने बताया कि स्वयंसेवक नहरों के किनारों, सार्वजनिक स्थलों व अन्य उपयुक्त स्थानों पर बीजों का बिखराव करेंगे ताकि वर्षा का लाभ लेकर अधिक से अधिक बीज अंकुरित हो सकें। उन्होंने पर्यावरण प्रेमियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस अभियान में शामिल होकर इसे जनभागीदारी का आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मददगार है पिलखन
पिलखन, मोरेसी कुल का पर्णपाती वृक्ष है जो भारतीय उपमहाद्वीप के उष्ण कटिबंधीय एवं उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके फल पक्षियों, चमगादड़ों, बंदरों व अन्य वन्य जीवों के लिए भोजन का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। कार्बन संचयन, मृदा संरक्षण, सूक्ष्म जलवायु निर्माण व वायु गुणवत्ता में सुधार के माध्यम से पilखन पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। सदियों से स्थानीय समुदाय इसकी छाल, पत्तियों, फलों व दूधिया रस का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा और दैनिक जीवन में करते आए हैं। आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान इसके एंटीऑक्सीडेंट, सूजनरोधी, जीवाणुरोधी व अन्य जैव सक्रिय गुणों की पुष्टि कर रहे हैं। -डॉ. सुरेंद्र सिंह गुलिया, सहायक प्रोफेसर, बॉटनी विभाग, पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय रोहतक।

03 अर्जुन पेड के 3000 बीजों का संग्रह करते अभियान के संयोजक डाॅ. जसमेर हुड्डा व स्वयंसेवक। संव