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Rohtak News: रोहतक में रजबहा टूटने से गेहूं की 60 एकड़ फसल जलमग्न
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राेहतक के महम क्षेत्र के मुरादपुर टेकना गांव के खेतों में टूटा रजबहा। स्रोत : किसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
महम (रोहतक)। मुरादपुर टेकना में शनिवार अलसुबह कलानौर रजबहा टूट गया। इससे आसपास की करीब 60 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने पानी अधिक होने की वजह से रजबहा टूटने व फसल में नुकसान होने की बात कही है।
सिंचाई विभाग का दावा है कि रजबहा टूटने की वजह चूहों का बिल है। किसानों ने समय रहते अपने प्रयास से पानी रोका और सरकार से फसल में हुए नुकसान का मुआवजा मांगा है।
शनिवार सुबह किसानों को रजबहा टूटने से खेतों में पानी भरने का पता लगा। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू किया। किसी तरह बुलडोजर की मदद से मिट्टी डालकर टूटे रजबहे को दुरुस्त किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद सिंचाई विभाग की टीम ने मौके का मुआयना किया।
किसान संदीप, जयसिंह, प्रकाश, रण सिंह, मांगेराम का कहना है कि माइनर टूटने से गेहूं की फसल खराब हो गई। विभाग की लापरवाही से रजबहा टूटा है। इससे खेत जलमग्न हो गए। क्षेत्र की करीब 60 एकड़ फसलों में जलभराव हुआ है। विभाग व सरकार खेतों से पानी निकासी का प्रबंध करे व नुकसान का उचित मुआवजा दे।
पानी निकासी के साथ मुआवजा दे सरकार
रजबहा देर रात टूटा है। इससे पहले एक सप्ताह तक पानी चलता रहा। इस समय अचानक पानी की मात्रा अधिक आने से रजबहा टूटा है। किसान अपने स्तर पर पानी निकासी की कोशिश कर रहे हैं। सिंचाई विभाग की ओर से किसी प्रकार की मदद नहीं की जा रही है।
- बलजीत, किसान
रजबहा पहले ठीक था। पिछले सप्ताह इसमें पानी चल रहा था। अब पानी आया तो यह टूट गया। इसमें पानी अधिक छोड़ने से यह यह घटना हुई है। किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। सिंचाई विभाग अपनी गलती छिपाने का प्रयास कर रहा है।
- सूरजमल, किसान
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रजबहे के किनारे दस मिनट की सप्लाई के बाद पाट दिए गए थे। इसके लिए सप्लाई तुरंत रोकी गई। फसलों में इसका कोई नुकसान नहीं है। रजबहे की पटरी पर चूहों ने बिल किए गए थे। पानी रिसाव होने से रजबहा टूट गया। विभाग का बुलडोजर वहीं खड़ा था। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए जल्दी ही क्षतिग्रस्त हिस्सा दुरुस्त कर दिया था।
- अरुण मुंजाल, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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महम (रोहतक)। मुरादपुर टेकना में शनिवार अलसुबह कलानौर रजबहा टूट गया। इससे आसपास की करीब 60 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने पानी अधिक होने की वजह से रजबहा टूटने व फसल में नुकसान होने की बात कही है।
सिंचाई विभाग का दावा है कि रजबहा टूटने की वजह चूहों का बिल है। किसानों ने समय रहते अपने प्रयास से पानी रोका और सरकार से फसल में हुए नुकसान का मुआवजा मांगा है।
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शनिवार सुबह किसानों को रजबहा टूटने से खेतों में पानी भरने का पता लगा। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू किया। किसी तरह बुलडोजर की मदद से मिट्टी डालकर टूटे रजबहे को दुरुस्त किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद सिंचाई विभाग की टीम ने मौके का मुआयना किया।
किसान संदीप, जयसिंह, प्रकाश, रण सिंह, मांगेराम का कहना है कि माइनर टूटने से गेहूं की फसल खराब हो गई। विभाग की लापरवाही से रजबहा टूटा है। इससे खेत जलमग्न हो गए। क्षेत्र की करीब 60 एकड़ फसलों में जलभराव हुआ है। विभाग व सरकार खेतों से पानी निकासी का प्रबंध करे व नुकसान का उचित मुआवजा दे।
पानी निकासी के साथ मुआवजा दे सरकार
रजबहा देर रात टूटा है। इससे पहले एक सप्ताह तक पानी चलता रहा। इस समय अचानक पानी की मात्रा अधिक आने से रजबहा टूटा है। किसान अपने स्तर पर पानी निकासी की कोशिश कर रहे हैं। सिंचाई विभाग की ओर से किसी प्रकार की मदद नहीं की जा रही है।
- बलजीत, किसान
रजबहा पहले ठीक था। पिछले सप्ताह इसमें पानी चल रहा था। अब पानी आया तो यह टूट गया। इसमें पानी अधिक छोड़ने से यह यह घटना हुई है। किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। सिंचाई विभाग अपनी गलती छिपाने का प्रयास कर रहा है।
- सूरजमल, किसान
रजबहे के किनारे दस मिनट की सप्लाई के बाद पाट दिए गए थे। इसके लिए सप्लाई तुरंत रोकी गई। फसलों में इसका कोई नुकसान नहीं है। रजबहे की पटरी पर चूहों ने बिल किए गए थे। पानी रिसाव होने से रजबहा टूट गया। विभाग का बुलडोजर वहीं खड़ा था। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए जल्दी ही क्षतिग्रस्त हिस्सा दुरुस्त कर दिया था।
- अरुण मुंजाल, एक्सईएन, सिंचाई विभाग

राेहतक के महम क्षेत्र के मुरादपुर टेकना गांव के खेतों में टूटा रजबहा। स्रोत : किसान