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Rohtak News: नीरज चोपड़ा सा बनना चाहता था आर्यन, पिता बोले-पैर में ही गोली मार देती पुलिस
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44-गुरुग्राम में एनकाउंटर में मारे गए आर्यन के घर में शोकाकुल परिवार की महिलाए। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। गुरुग्राम में वीरवार की रात पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भालौठ गांव के युवक नितिन, आर्यन व अंकित का शुक्रवार शाम को साढ़े छह बजे गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। आर्यन के पिता संजय ने कहा, मेरा बेटा जेवलिन थ्रो का उभरता हुआ खिलाड़ी था। वह नीरज चोपड़ा की तरह देश का नाम रोशन करना चाहता था। गुरुग्राम जाकर गलती की तो पुलिस पैर में गोली मार देती।
पुलिस के एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा, बेटे को गलती सुधारने का एक मौका तो देते। हालात को देखते हुए पुलिस की स्पेशल टीम गांव के बाहर तैनात रही।
गुरुग्राम से पुलिस करीब सात बजे तीनों शव एंबुलेंस में लेकर पहुंची जहां पहले से ही तीनों घरों के सामने ग्रामीण एकत्रित थे। कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं था। सभी दबी जुबान में बोल रहे थे। शव देखकर महिलाओं की चीख-पुकार मच गई।
नितिन व आर्यन का अंतिम संस्कार गांव के नए जोहड़ के पास बने श्मशान में एक साथ किया गया जबकि अंकित का अंतिम संस्कार गांव के बाहर बलियाना रोड स्थित श्मशान में किया गया। अंकित के पिता अनिल ने कहा कि उसका बेटा अंकित आईएमटी स्थित अमूल प्लांट में ठेकेदार के माध्यम से नौकरी करता था।
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कहा, बेटे ने आठवीं पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। पता नहीं कैसे गुरुग्राम पहुंचा। वहीं, टैक्सी चालक की नौकरी करने वाले संजय ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। नितिन बड़ा था जबकि छोटे ने 12वीं पास की है। 10वीं पास करने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। फरवरी 2025 में भी पुलिस ने उसके बेटे को फंसाया था अब तो एनकाउंटर ही कर दिया।
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दादी बोलीं-मेरा पोता तो बाइक ठीक कराने गया था
आर्यन की दादी सोना देवी ने कहा कि उनका पोता तो बुधवार शाम को घर से बाइक ठीक कराने गया था। उसके बाद नितिन अपने साथ ले गया। पता नहीं कैसे गुरुग्राम पहुंचे। इतना कहते ही सोना देवी की आंखों में आंसू आ गए। पास की महिलाओं ने किसी तरह उन्हें संभाला।
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आर्यन आंख उठाकर नहीं देखता था : कोच
राजीव गांधी स्टेडियम में दो साल से जेवलिन थ्रो का आर्यन व उनके ताऊ राजेश के बेटे अरमान को ट्रेनिंग दे रहे कोच सुनील फौगाट उर्फ शीलू ने बताया कि आर्यन होनहार खिलाड़ी था। वह नीरज चोपड़ा की तरह देश का नाम रोशन करना चाहता था। राजस्थान व यूपी में हुई ओपन प्रतियोगिता में भाग ले चुका था। प्रैक्टिस के समय कभी डांट भी देता तो आंख नीचे कर लेता था। ऊंची आवाज में बात करना तो दूर की बात है। किसी खिलाड़ी तक ने भी शिकायत नहीं की कि आर्यन अभद्रता कर रहा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे जैसे ही आर्यन के एनकाउंटर की सूचना मिली वे स्तब्ध रह गए। आर्यन खेल महाकुंभ की तैयारी कर रहा था लेकिन किस्मत में कुछ और ही लिखा हुआ था।
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रोहतक। गुरुग्राम में वीरवार की रात पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भालौठ गांव के युवक नितिन, आर्यन व अंकित का शुक्रवार शाम को साढ़े छह बजे गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। आर्यन के पिता संजय ने कहा, मेरा बेटा जेवलिन थ्रो का उभरता हुआ खिलाड़ी था। वह नीरज चोपड़ा की तरह देश का नाम रोशन करना चाहता था। गुरुग्राम जाकर गलती की तो पुलिस पैर में गोली मार देती।
पुलिस के एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा, बेटे को गलती सुधारने का एक मौका तो देते। हालात को देखते हुए पुलिस की स्पेशल टीम गांव के बाहर तैनात रही।
गुरुग्राम से पुलिस करीब सात बजे तीनों शव एंबुलेंस में लेकर पहुंची जहां पहले से ही तीनों घरों के सामने ग्रामीण एकत्रित थे। कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं था। सभी दबी जुबान में बोल रहे थे। शव देखकर महिलाओं की चीख-पुकार मच गई।
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नितिन व आर्यन का अंतिम संस्कार गांव के नए जोहड़ के पास बने श्मशान में एक साथ किया गया जबकि अंकित का अंतिम संस्कार गांव के बाहर बलियाना रोड स्थित श्मशान में किया गया। अंकित के पिता अनिल ने कहा कि उसका बेटा अंकित आईएमटी स्थित अमूल प्लांट में ठेकेदार के माध्यम से नौकरी करता था।
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कहा, बेटे ने आठवीं पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। पता नहीं कैसे गुरुग्राम पहुंचा। वहीं, टैक्सी चालक की नौकरी करने वाले संजय ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। नितिन बड़ा था जबकि छोटे ने 12वीं पास की है। 10वीं पास करने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। फरवरी 2025 में भी पुलिस ने उसके बेटे को फंसाया था अब तो एनकाउंटर ही कर दिया।
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दादी बोलीं-मेरा पोता तो बाइक ठीक कराने गया था
आर्यन की दादी सोना देवी ने कहा कि उनका पोता तो बुधवार शाम को घर से बाइक ठीक कराने गया था। उसके बाद नितिन अपने साथ ले गया। पता नहीं कैसे गुरुग्राम पहुंचे। इतना कहते ही सोना देवी की आंखों में आंसू आ गए। पास की महिलाओं ने किसी तरह उन्हें संभाला।
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आर्यन आंख उठाकर नहीं देखता था : कोच
राजीव गांधी स्टेडियम में दो साल से जेवलिन थ्रो का आर्यन व उनके ताऊ राजेश के बेटे अरमान को ट्रेनिंग दे रहे कोच सुनील फौगाट उर्फ शीलू ने बताया कि आर्यन होनहार खिलाड़ी था। वह नीरज चोपड़ा की तरह देश का नाम रोशन करना चाहता था। राजस्थान व यूपी में हुई ओपन प्रतियोगिता में भाग ले चुका था। प्रैक्टिस के समय कभी डांट भी देता तो आंख नीचे कर लेता था। ऊंची आवाज में बात करना तो दूर की बात है। किसी खिलाड़ी तक ने भी शिकायत नहीं की कि आर्यन अभद्रता कर रहा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे जैसे ही आर्यन के एनकाउंटर की सूचना मिली वे स्तब्ध रह गए। आर्यन खेल महाकुंभ की तैयारी कर रहा था लेकिन किस्मत में कुछ और ही लिखा हुआ था।

44-गुरुग्राम में एनकाउंटर में मारे गए आर्यन के घर में शोकाकुल परिवार की महिलाए। संवाद

44-गुरुग्राम में एनकाउंटर में मारे गए आर्यन के घर में शोकाकुल परिवार की महिलाए। संवाद

44-गुरुग्राम में एनकाउंटर में मारे गए आर्यन के घर में शोकाकुल परिवार की महिलाए। संवाद