{"_id":"69b32ab17152026c7704c033","slug":"chirag-yojanadepartment-does-not-have-details-of-vacant-seats-in-private-schools-rohtak-news-c-195-1-nnl1001-132693-2026-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: चिराग योजना...विभाग के पास नहीं निजी स्कूलों में रिक्त सीटों का ब्योरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: चिराग योजना...विभाग के पास नहीं निजी स्कूलों में रिक्त सीटों का ब्योरा
विज्ञापन
12jjrp02- घोसियान मोहल्ला स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय। संवाद
विज्ञापन
झज्जर। चिराग योजना के तहत कक्षा छठीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों के दाखिले को लेकर शुक्रवार से निजी स्कूलों में आवेदन प्रक्रिया शुरू हो होगी। अब तक न तो निजी स्कूलों ने नोटिस बोर्ड पर रिक्त सीटों की सूची प्रदर्शित की है और न ही शिक्षा विभाग के पास रिक्त सीटों का ब्यौरा है।
विद्यार्थियों के दाखिले के लिए अभिभावक स्कूलों और खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन रिक्ट सीटों से संबंधित कोई सूचना नहीं दी जा रही है। अधिकारी भी मुख्यालय से सूचना आने से इन्कार कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग की तरफ से 28 जनवरी को ही पत्र जारी कर दिया गया था कि निजी स्कूल 15 फरवरी तक सीटों की जानकारी और सहमति प्रदान करेंगे। 10 मार्च से निजी स्कूलों को सीटों की जानकारी नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर प्रदर्शित करनी थी लेकिन अधिकतर स्कूलों ने अब तक ऐसा नहीं किया है।
इनको मिलेगा योजना का लाभ
योजना का लाभ सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले उन विद्यार्थियों को मिलेगा जिनकी परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 8 लाख रुपये या कम है। योजना के तहत छठीं से 12वीं कक्षा के बच्चों को निजी स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा। छात्र जिस भी ब्लॉक के स्कूल के सरकारी स्कूल में पढ़ रहे हैं उसी खंड के मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल में दाखिला लेने के लिए आवेदन कर सकतें हैं। एक छात्र एक से अधिक स्कूल में भी आवेदन कर सकता है। जिस भी स्कूल में बच्चा आवेदन करेगा उस स्कूल की तरफ से आवेदन जमा करने की रसीद दी जाएगी। आवेदन करने वाले छात्र के परिवार की परिवार पहचान पत्र में इनकम सत्यापित होनी चाहिए। दाखिला होने पर बच्चे को पिछली कक्षा का एसएलसी लेना होगा।
यह है चिराग योजना
जरूरतमंद बच्चों को चिराग योजना के तहत शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाता है। इस योजना से पहले ये एडमिशन नियम-134ए के तहत होते थे। सरकार ने नियम-134ए खत्म कर चिराग योजना की शुरुआत की थी। इस योजना में सरकार दूसरी कक्षा से लेकर पांचवीं तक के हर छात्र को 700 रुपये, कक्षा छठी से आठवीं तक 900 रुपये और कक्षा नौवीं से 12वीं तक के हर छात्र को 1100 रुपये प्रति माह फीस के रूप में निजी स्कूलों को देती है। फार्म-6 भरने वाले स्कूलों को ही सरकार फीस का भुगतान करेगी।
विभाग की तरफ से यह जारी किया शेड्यूल...
-निजी स्कूलों को 15 फरवरी तक पोर्टल पर सीटें अपलोड करनी थी।
-10 मार्च से स्कूलों को नोटिस बोर्ड पर सीटें दिखानी थी।
-13 से 30 मार्च तक पात्र छात्र दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे।
-11 से 5 अप्रैल तक दाखिले के लिए ड्रा निकाला जाएगा।
-15 अप्रैल तक स्कूलों को दाखिला प्रक्रिया संपन्न करनी होगी।
-16 से 30 अप्रैल तक खाली सीटों पर वेटिंग लिस्ट में शामिल छात्रों को दाखिला देना होगा।
-30 अप्रैल तक स्कूलों को विद्यार्थियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
मैं अपने बच्चे का दाखिला सातवीं कक्षा में निजी स्कूल में करवाना चाहता हूं। इसके लिए बीईओ और डीईईओ कार्यालय में तीन दिन से चक्कर लगा रहा हूं लेकिन यह जानकारी नहीं दी जा रही कि कौन से स्कूल में कितनी सीटें रिक्त हैं। न ही निजी स्कूल से जानकारी मिल रही है। आखिर वह आवेदन कैसे करें। कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। -केशव भारद्वाज, छावनी मोहल्ला निवासी
वर्जन
अब तक मुख्यालय से चिराग योजना के तहत निजी स्कूलों की रिक्त सीटों का ब्यौरा नहीं आया है। जैसे ही जानकारी आएगी उसे शेयर कर लिया जाएगा।-राजबाला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
Trending Videos
विद्यार्थियों के दाखिले के लिए अभिभावक स्कूलों और खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन रिक्ट सीटों से संबंधित कोई सूचना नहीं दी जा रही है। अधिकारी भी मुख्यालय से सूचना आने से इन्कार कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा विभाग की तरफ से 28 जनवरी को ही पत्र जारी कर दिया गया था कि निजी स्कूल 15 फरवरी तक सीटों की जानकारी और सहमति प्रदान करेंगे। 10 मार्च से निजी स्कूलों को सीटों की जानकारी नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर प्रदर्शित करनी थी लेकिन अधिकतर स्कूलों ने अब तक ऐसा नहीं किया है।
इनको मिलेगा योजना का लाभ
योजना का लाभ सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले उन विद्यार्थियों को मिलेगा जिनकी परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 8 लाख रुपये या कम है। योजना के तहत छठीं से 12वीं कक्षा के बच्चों को निजी स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा। छात्र जिस भी ब्लॉक के स्कूल के सरकारी स्कूल में पढ़ रहे हैं उसी खंड के मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल में दाखिला लेने के लिए आवेदन कर सकतें हैं। एक छात्र एक से अधिक स्कूल में भी आवेदन कर सकता है। जिस भी स्कूल में बच्चा आवेदन करेगा उस स्कूल की तरफ से आवेदन जमा करने की रसीद दी जाएगी। आवेदन करने वाले छात्र के परिवार की परिवार पहचान पत्र में इनकम सत्यापित होनी चाहिए। दाखिला होने पर बच्चे को पिछली कक्षा का एसएलसी लेना होगा।
यह है चिराग योजना
जरूरतमंद बच्चों को चिराग योजना के तहत शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाता है। इस योजना से पहले ये एडमिशन नियम-134ए के तहत होते थे। सरकार ने नियम-134ए खत्म कर चिराग योजना की शुरुआत की थी। इस योजना में सरकार दूसरी कक्षा से लेकर पांचवीं तक के हर छात्र को 700 रुपये, कक्षा छठी से आठवीं तक 900 रुपये और कक्षा नौवीं से 12वीं तक के हर छात्र को 1100 रुपये प्रति माह फीस के रूप में निजी स्कूलों को देती है। फार्म-6 भरने वाले स्कूलों को ही सरकार फीस का भुगतान करेगी।
विभाग की तरफ से यह जारी किया शेड्यूल...
-निजी स्कूलों को 15 फरवरी तक पोर्टल पर सीटें अपलोड करनी थी।
-10 मार्च से स्कूलों को नोटिस बोर्ड पर सीटें दिखानी थी।
-13 से 30 मार्च तक पात्र छात्र दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे।
-11 से 5 अप्रैल तक दाखिले के लिए ड्रा निकाला जाएगा।
-15 अप्रैल तक स्कूलों को दाखिला प्रक्रिया संपन्न करनी होगी।
-16 से 30 अप्रैल तक खाली सीटों पर वेटिंग लिस्ट में शामिल छात्रों को दाखिला देना होगा।
-30 अप्रैल तक स्कूलों को विद्यार्थियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
मैं अपने बच्चे का दाखिला सातवीं कक्षा में निजी स्कूल में करवाना चाहता हूं। इसके लिए बीईओ और डीईईओ कार्यालय में तीन दिन से चक्कर लगा रहा हूं लेकिन यह जानकारी नहीं दी जा रही कि कौन से स्कूल में कितनी सीटें रिक्त हैं। न ही निजी स्कूल से जानकारी मिल रही है। आखिर वह आवेदन कैसे करें। कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। -केशव भारद्वाज, छावनी मोहल्ला निवासी
वर्जन
अब तक मुख्यालय से चिराग योजना के तहत निजी स्कूलों की रिक्त सीटों का ब्यौरा नहीं आया है। जैसे ही जानकारी आएगी उसे शेयर कर लिया जाएगा।-राजबाला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी