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युद्ध का असर : बहादुरगढ़ के फुटवियर उत्पाद 8 से 15 प्रतिशत तक महंगे
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फोटो-56: बहादुरगढ़ के फुटवियर कलस्टर में हुई बैठक में मौजूद उद्यमी। संवाद
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बहादुरगढ़। अमेरिका-इस्राइल और ईरान में चल रहे युद्ध के कारण जूते अब महंगे मिलेंगे। कच्चे माल की कीमतों बढ़ोतरी के बाद नुकसान से बचने के लिए फुटवियर उद्यमियों ने जूते, चप्पल और अन्य नॉन-लेदर फुटवियर उत्पादों के दाम 8 से 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला लिया है।
वीरवार शाम को एचएसआईआईडीसी के सेक्टर-17 स्थित फुटवियर क्लस्टर भवन में आयोजित बैठक में उद्यमियों ने यह निर्णय लिया गया। बैठक में 50 से अधिक फुटवियर उद्यमी शामिल हुए जबकि 20 से ज्यादा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर सुझाव दिए।
एक्शन शूज कंपनी के मालिक राजकुमार गुप्ता और बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रधान सुभाष जग्गा ने बताया कि पॉलीमर में 50-60 प्रतिशत, ईवा में 35-40 प्रतिशत, केमिकल में 20-30 प्रतिशत और पैकेजिंग में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। इससे औसतन उत्पादन लागत 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ रही है। इसे देखते हुए उद्यमियों ने सर्वसम्मति से जूते, चप्पल और अन्य नॉन-लेदर फुटवियर उत्पादों के एमआरपी या फैक्टरी प्राइस में न्यूनतम 8 प्रतिशत और अधिकतम 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है।
बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करें सरकार
बहादुरगढ़ में नॉन लेदर की करीब ढ़ाई हजार फैक्टरियां हैं और देश का 60 प्रतिशत फुटवियर यहां बनता है।उद्यमियों ने कच्चे माल के दामों में हो रही बेतहाशा वृद्धि और कालाबाजारी पर रोक लगाकर कीमतों को नियंत्रित करने की मांग भी सरकार से की।
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उद्यमी बोले- कच्चा माल ही नहीं, ढुलाई खर्च भी दोगुना हो गया
फुटवियर उद्यमी इंद्र छाबड़ा ने बताया कि पॉलीमर के दाम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं जिससे उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है। ऐसे में उत्पादों के दाम बढ़ाना जरूरी हो गया है। वीसी के माध्यम से जुड़े संजीव नारंग ने कहा कि ईवा मेकिंग में गैस और सॉल्वेंट की जरूरत होती है जिनके दाम काफी बढ़ गए हैं।
डायमंड शूज के रजत ने बताया कि चीन से आने वाले कच्चे माल का किराया लगभग दोगुना हो गया है और युद्ध के कारण बने हालात सामान्य होने में तीन से चार महीने का समय लग सकता है।
बैठक में बीसीसीआई के वरिष्ठ उपप्रधान नरेंद्र छिकारा, विकास आनंद सोनी, पवन जैन सहित बड़ी संख्या में फुटवियर उद्यमी मौजूद रहे।
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वीरवार शाम को एचएसआईआईडीसी के सेक्टर-17 स्थित फुटवियर क्लस्टर भवन में आयोजित बैठक में उद्यमियों ने यह निर्णय लिया गया। बैठक में 50 से अधिक फुटवियर उद्यमी शामिल हुए जबकि 20 से ज्यादा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर सुझाव दिए।
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एक्शन शूज कंपनी के मालिक राजकुमार गुप्ता और बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रधान सुभाष जग्गा ने बताया कि पॉलीमर में 50-60 प्रतिशत, ईवा में 35-40 प्रतिशत, केमिकल में 20-30 प्रतिशत और पैकेजिंग में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। इससे औसतन उत्पादन लागत 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ रही है। इसे देखते हुए उद्यमियों ने सर्वसम्मति से जूते, चप्पल और अन्य नॉन-लेदर फुटवियर उत्पादों के एमआरपी या फैक्टरी प्राइस में न्यूनतम 8 प्रतिशत और अधिकतम 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है।
बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करें सरकार
बहादुरगढ़ में नॉन लेदर की करीब ढ़ाई हजार फैक्टरियां हैं और देश का 60 प्रतिशत फुटवियर यहां बनता है।उद्यमियों ने कच्चे माल के दामों में हो रही बेतहाशा वृद्धि और कालाबाजारी पर रोक लगाकर कीमतों को नियंत्रित करने की मांग भी सरकार से की।
उद्यमी बोले- कच्चा माल ही नहीं, ढुलाई खर्च भी दोगुना हो गया
फुटवियर उद्यमी इंद्र छाबड़ा ने बताया कि पॉलीमर के दाम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं जिससे उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है। ऐसे में उत्पादों के दाम बढ़ाना जरूरी हो गया है। वीसी के माध्यम से जुड़े संजीव नारंग ने कहा कि ईवा मेकिंग में गैस और सॉल्वेंट की जरूरत होती है जिनके दाम काफी बढ़ गए हैं।
डायमंड शूज के रजत ने बताया कि चीन से आने वाले कच्चे माल का किराया लगभग दोगुना हो गया है और युद्ध के कारण बने हालात सामान्य होने में तीन से चार महीने का समय लग सकता है।
बैठक में बीसीसीआई के वरिष्ठ उपप्रधान नरेंद्र छिकारा, विकास आनंद सोनी, पवन जैन सहित बड़ी संख्या में फुटवियर उद्यमी मौजूद रहे।