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Rohtak News: नारनौल अनाज मंडी में किसानों का प्रदर्शन, खरीद व्यवस्था और सुविधाओं पर उठाए सवाल
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फोटो 9मार्केट सचिव को ज्ञापन सौंपते संगठन के सदस्य।स्रोत: संगठन
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नारनौल। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों ने सोमवार को नई अनाज मंडी, नारनौल में मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए विभिन्न मांगें उठाईं।
इससे पहले संगठन के जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह, छाजूराम रावत और भीमसेन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंडी में पहुंचकर किसानों से बातचीत की और रबी फसल खरीद के दौरान आ रही समस्याओं का जायजा लिया।
इस दौरान मंडी में भोजन, शुद्ध पेयजल और छाया जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी सामने आई। किसानों के लिए चल रही रसोई पिछले तीन दिनों से बंद पाई गई।
किसानों ने मांग की है कि जिले की सभी मंडियों में रबी फसल की खरीद तुरंत शुरू की जाए। साथ ही मंडी में लागू किए जा रहे नए ऑनलाइन पोर्टल और बायोमीट्रिक सिस्टम को किसानों के लिए परेशानी बताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की गई।
ज्ञापन में भीषण गर्मी के दौरान गेहूं की फसल में आग लगने की घटनाओं पर चिंता जताई गई। किसानों ने आगजनी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए नीति बनाने और प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की। अटेली मंडी क्षेत्र के गांव राता कलां के किसान नरेश कुमार की 12 एकड़ गेहूं की फसल शॉर्ट सर्किट से जलने का मामला भी उठाया गया।
इसके अलावा किसानों ने बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने, स्मार्ट मीटर योजना रद्द करने और बिजली संशोधन बिल-2025 वापस लेने की मांग रखी।
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इससे पहले संगठन के जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह, छाजूराम रावत और भीमसेन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंडी में पहुंचकर किसानों से बातचीत की और रबी फसल खरीद के दौरान आ रही समस्याओं का जायजा लिया।
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इस दौरान मंडी में भोजन, शुद्ध पेयजल और छाया जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी सामने आई। किसानों के लिए चल रही रसोई पिछले तीन दिनों से बंद पाई गई।
किसानों ने मांग की है कि जिले की सभी मंडियों में रबी फसल की खरीद तुरंत शुरू की जाए। साथ ही मंडी में लागू किए जा रहे नए ऑनलाइन पोर्टल और बायोमीट्रिक सिस्टम को किसानों के लिए परेशानी बताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की गई।
ज्ञापन में भीषण गर्मी के दौरान गेहूं की फसल में आग लगने की घटनाओं पर चिंता जताई गई। किसानों ने आगजनी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए नीति बनाने और प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की। अटेली मंडी क्षेत्र के गांव राता कलां के किसान नरेश कुमार की 12 एकड़ गेहूं की फसल शॉर्ट सर्किट से जलने का मामला भी उठाया गया।
इसके अलावा किसानों ने बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने, स्मार्ट मीटर योजना रद्द करने और बिजली संशोधन बिल-2025 वापस लेने की मांग रखी।
