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Rohtak News: फायर ब्रिगेड को तीन बार किया कॉल पर उठाया नहीं, जल्दी आ जाते तो कम होता नुकसान
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31-रोहतक डी पार्क अग्निकांड के दो दिन बाद बिजली सुधार कार्य करते बिजली निगम के कर्मचारी। संवा
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रोहतक। गोल मार्केट की आग में लेटलतीफी का घी असल में फायर ब्रिगेड ने ही डाला था। अग्निकांड के चश्मदीद गौरांक्ष के मुताबिक यही है। वे बताते हैं कि हादसे की सूचना देने के लिए तीन बार फायर ब्रिगेड को कॉल किया था लेकिन फोन ही नहीं उठा। बात होने पर जल्द गाड़ी भेजने के लिए कहा पर पहली गाड़ी 20 मिनट व दूसरी 40 मिनट बाद आई। तब तक आग कई दुकानों का चपेट में ले चुकी थी।
आगजनी की भेंट चढ़ीं दर्जनभर दुकानों के ठीक पीछे ही एलआईसी के अधिकारी साहिल अरोड़ा का घर है। उनके बेटे गौरांक्ष बताते हैं कि मंगलवार दोपहर पिता ड्यूटी पर गए हुए थे। वह लैपटॉप पर कुछ काम कर रहे थे और मां वंदना घर पर आराम कर रही थीं।
इस बीच, साथ लगती रोहतक-शूज की दुकान की छत से कुछ अंतराल पर धमाके की आवाज आई। उन्हें लगा छत पर बंदर आ गए हैं। बेटे ने सीसीटीवी कैमरे में देखा तो कोई बंदर नहीं दिखा। बाहर निकले तो दुकान की ऊपरी मंजिल पर आग लगी थी।
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गौरांक्ष फौरन दुकान के बाहर खड़ी कार को बचाने दौड़े लेकिन भयावह आग देखकर मां से कहा कि कार छोड़ो। फिर घर खुला छोड़कर वे पिछली गली से निकल गए। वंदना कहती हैं, जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भी यहां की दुकानें जली थीं लेकिन यह आग उससे भी भयानक थी।
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तीन दिन से लाइट नहीं, गली पार आग फैलती तो फट जाती पीएनजी लाइन
गोल मार्केट के दूसरी तरफ पीएनजी लाइन है। आग यहां तक पहुंचने से पूरा मॉडल टाउन तबाह हो सकता था। दुकानदार विक्की बताते हैं कि हादसे के बाद तुरंत पीएनजी की आपूर्ति बंद करा दी थी।
बिजली निगम ने शुरू किया काम
आगजनी के बाद से अरोड़ा वाली गली में तीन दिन से लाइट नहीं है। वीरवार को बिजली निगम की टीम ने जनजीवन सुचारु करने के लिए काम शुरू कर दिया।
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बंद रहीं दुकानें, बिल्डिंंग गिरने का भी है खतरा, पुलिस तैनात
अग्निकांड के बाद से बंद दुकानें वीरवार को भी नहीं खुलीं। दूसरी आशंका और भी खतरनाक है। डर है कि कई दुकानें इतनी ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गई हैं कि वह किसी भी समय गिर सकती हैं। इनसे लोगों को दूर रखने के लिए पुलिस की तीन टीमें भी तैनात की गई हैं।
आगजनी की भेंट चढ़ीं दर्जनभर दुकानों के ठीक पीछे ही एलआईसी के अधिकारी साहिल अरोड़ा का घर है। उनके बेटे गौरांक्ष बताते हैं कि मंगलवार दोपहर पिता ड्यूटी पर गए हुए थे। वह लैपटॉप पर कुछ काम कर रहे थे और मां वंदना घर पर आराम कर रही थीं।
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इस बीच, साथ लगती रोहतक-शूज की दुकान की छत से कुछ अंतराल पर धमाके की आवाज आई। उन्हें लगा छत पर बंदर आ गए हैं। बेटे ने सीसीटीवी कैमरे में देखा तो कोई बंदर नहीं दिखा। बाहर निकले तो दुकान की ऊपरी मंजिल पर आग लगी थी।
गौरांक्ष फौरन दुकान के बाहर खड़ी कार को बचाने दौड़े लेकिन भयावह आग देखकर मां से कहा कि कार छोड़ो। फिर घर खुला छोड़कर वे पिछली गली से निकल गए। वंदना कहती हैं, जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भी यहां की दुकानें जली थीं लेकिन यह आग उससे भी भयानक थी।
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तीन दिन से लाइट नहीं, गली पार आग फैलती तो फट जाती पीएनजी लाइन
गोल मार्केट के दूसरी तरफ पीएनजी लाइन है। आग यहां तक पहुंचने से पूरा मॉडल टाउन तबाह हो सकता था। दुकानदार विक्की बताते हैं कि हादसे के बाद तुरंत पीएनजी की आपूर्ति बंद करा दी थी।
बिजली निगम ने शुरू किया काम
आगजनी के बाद से अरोड़ा वाली गली में तीन दिन से लाइट नहीं है। वीरवार को बिजली निगम की टीम ने जनजीवन सुचारु करने के लिए काम शुरू कर दिया।
बंद रहीं दुकानें, बिल्डिंंग गिरने का भी है खतरा, पुलिस तैनात
अग्निकांड के बाद से बंद दुकानें वीरवार को भी नहीं खुलीं। दूसरी आशंका और भी खतरनाक है। डर है कि कई दुकानें इतनी ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गई हैं कि वह किसी भी समय गिर सकती हैं। इनसे लोगों को दूर रखने के लिए पुलिस की तीन टीमें भी तैनात की गई हैं।

31-रोहतक डी पार्क अग्निकांड के दो दिन बाद बिजली सुधार कार्य करते बिजली निगम के कर्मचारी। संवा