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Rohtak News: डॉ. सोनिया की बगिया में लहलहा रहे 150 पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 15 Jun 2026 06:11 AM IST
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07-सुभाष नगर स्थित मकान पर बगिया में पौधों को पानी देती डॉक्टर सोनिया अरोड़ा। संवाद
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मेरी बगिया :
सुभाष नगर निवासी सोनिया ने 10 साल पहले बनाई थी बगिया
बगिया में फूलदार, फलदार, औषधीय व सजावटी पौधे
बगिया में खुद देती हैं खाद-पानी, रखती हैं खास ख्याल
फोटो ::: 07
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। भीषण गर्मी में भी सुभाष नगर की रहने वाली डॉ. सोनिया की बगिया हरी-भरी है। इसमें 150 से अधिक पौधे लहलहा रहे हैं। डॉ. सोनिया ने 10 साल पहले इस बगिया तो तैयार किया था। उनकी बगिया में फूल, फलदार, औषधीय और छायादार पौधे हैं।
बगिया में विभिन्न प्रजातियों के पौधों में वे खाद-पानी खुद देती हैं। पौधों को गर्मी और धूप से बचाने के लिए ग्रीन नेट लगाया हुआ है। दोनों समय पौधों में पानी भी देती हैं। दंत चिकित्सक डॉ. सोनिया के अनुसार 10 साल पहले उन्होंने मकान बनाया था। उस समय उन्होंने बगिया भी लगाई थी।
पंजाब के फाजिल्का की बेटी सोनिया अरोड़ा की शादी 28 साल पहले रोहतक के डॉक्टर जोगिंदर अरोड़ा से हुई। पति को भी पौधों का बहुत शौक है। वह भी बगिया की देखभाल में उनका सहयोग करते हैं। बीडीएस डॉक्टर सोनिया इनर व्हील क्लब ऑफ रोहतक सिटी की संस्थापक अध्यक्ष भी हैं।
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डॉ. सोनिया का यादगार पौधा
करीब 22 साल पहले वे दिल्ली गई हुई थीं। उस समय दिल्ली में बारिश की वजह से बहुत ज्यादा पानी भरा हुआ था। वहां सड़क के किनारे एक पौधा उखड़ा पड़ा था। वहां से वे उस पौधे को लेकर आईं और अपने घर में गमले में लगा दिया। पोनी टेल पाम प्रजाति के उस पौधे से आज और भी कई बेबी प्लांट उन्होंने तैयार किए हैं जो उनके लिए यादगार हैं।
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नए पौधे करतीं हैं तैयार
वे जहां भी परिवार सहित जाती हैं और कोई पौधा पसंद आ जाता है तो उसकी कटिंग लेकर आती हैं। उससे वे नया पौधा तैयार कर लेती हैं। जब वह बड़ा होता है तो उसी की कटिंग करके और पौधे तैयार करती हैं। उसे अपने जानकारों व रिश्तेदारों को गिफ्ट भी करती हैं।
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गर्मी में पौधों की विशेष देखभाल
गर्मी में पौधों की विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इसके लिए पौधों को सूरज की सीधी धूप से बचाने के लिए ग्रीन नेट लगाया हुआ है। पौधों के बीच में ही एक बड़े से टब में पानी डालकर रखती हैं ताकि पौधों को नमी मिल सके और पौधा भी ठीक रहे।
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बगिया में कई प्रजातियों के पौधे
उनके मकान के गेट से लेकर टेरेस तक कई प्रजातिजों के पौधे हैं। इनमें गुलाब, चमेली, चंपा, गेंदा, गुड़हल, मधुमालती, एलोवेरा, तुलसी, इलायची, ग्वारपाठा, लेमनग्रास, रोज बेरी, आल स्पाइस, वाटर लिली, रेन लिली, अनार, नींबू, नारंगी, सहजन, बास का पेड़, स्नेक प्लांट सहित अन्य प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। घर की रसोई में बचने वाले वेस्ट से ही कंपोस्ट खाद बनाकर वे पौधों में डालती हैं।
सुभाष नगर निवासी सोनिया ने 10 साल पहले बनाई थी बगिया
बगिया में फूलदार, फलदार, औषधीय व सजावटी पौधे
बगिया में खुद देती हैं खाद-पानी, रखती हैं खास ख्याल
फोटो ::: 07
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। भीषण गर्मी में भी सुभाष नगर की रहने वाली डॉ. सोनिया की बगिया हरी-भरी है। इसमें 150 से अधिक पौधे लहलहा रहे हैं। डॉ. सोनिया ने 10 साल पहले इस बगिया तो तैयार किया था। उनकी बगिया में फूल, फलदार, औषधीय और छायादार पौधे हैं।
बगिया में विभिन्न प्रजातियों के पौधों में वे खाद-पानी खुद देती हैं। पौधों को गर्मी और धूप से बचाने के लिए ग्रीन नेट लगाया हुआ है। दोनों समय पौधों में पानी भी देती हैं। दंत चिकित्सक डॉ. सोनिया के अनुसार 10 साल पहले उन्होंने मकान बनाया था। उस समय उन्होंने बगिया भी लगाई थी।
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पंजाब के फाजिल्का की बेटी सोनिया अरोड़ा की शादी 28 साल पहले रोहतक के डॉक्टर जोगिंदर अरोड़ा से हुई। पति को भी पौधों का बहुत शौक है। वह भी बगिया की देखभाल में उनका सहयोग करते हैं। बीडीएस डॉक्टर सोनिया इनर व्हील क्लब ऑफ रोहतक सिटी की संस्थापक अध्यक्ष भी हैं।
डॉ. सोनिया का यादगार पौधा
करीब 22 साल पहले वे दिल्ली गई हुई थीं। उस समय दिल्ली में बारिश की वजह से बहुत ज्यादा पानी भरा हुआ था। वहां सड़क के किनारे एक पौधा उखड़ा पड़ा था। वहां से वे उस पौधे को लेकर आईं और अपने घर में गमले में लगा दिया। पोनी टेल पाम प्रजाति के उस पौधे से आज और भी कई बेबी प्लांट उन्होंने तैयार किए हैं जो उनके लिए यादगार हैं।
नए पौधे करतीं हैं तैयार
वे जहां भी परिवार सहित जाती हैं और कोई पौधा पसंद आ जाता है तो उसकी कटिंग लेकर आती हैं। उससे वे नया पौधा तैयार कर लेती हैं। जब वह बड़ा होता है तो उसी की कटिंग करके और पौधे तैयार करती हैं। उसे अपने जानकारों व रिश्तेदारों को गिफ्ट भी करती हैं।
गर्मी में पौधों की विशेष देखभाल
गर्मी में पौधों की विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इसके लिए पौधों को सूरज की सीधी धूप से बचाने के लिए ग्रीन नेट लगाया हुआ है। पौधों के बीच में ही एक बड़े से टब में पानी डालकर रखती हैं ताकि पौधों को नमी मिल सके और पौधा भी ठीक रहे।
बगिया में कई प्रजातियों के पौधे
उनके मकान के गेट से लेकर टेरेस तक कई प्रजातिजों के पौधे हैं। इनमें गुलाब, चमेली, चंपा, गेंदा, गुड़हल, मधुमालती, एलोवेरा, तुलसी, इलायची, ग्वारपाठा, लेमनग्रास, रोज बेरी, आल स्पाइस, वाटर लिली, रेन लिली, अनार, नींबू, नारंगी, सहजन, बास का पेड़, स्नेक प्लांट सहित अन्य प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। घर की रसोई में बचने वाले वेस्ट से ही कंपोस्ट खाद बनाकर वे पौधों में डालती हैं।