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Rohtak News: किडनी उम्मीदें खा गई...दंपती पटरी पर खाक हो गया
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12jjrp10- झज्जर। मौके पर मौजूद परिजन व अन्य। संवाद
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झज्जर। सुनील पत्नी हिमांशी से बेहद प्यार करते थे। जब से हिमांशी की किडनी खराब हुई थी वह अवसाद में रहने लगे थे। कई बार साथियों से भी पत्नी की बीमारी का जिक्र किया था। पिछले तीन दिन से वह ड्यूटी पर भी नहीं आ रहे थे। ऐसा लगता है किडनी ने पत्नी की जिंदा रहने की सारी उम्मीदें खत्म कर दी थीं। एक साथ जीवित न रहने के डर से दोनों ने एक साथ मरना ठीक समझा और ट्रेन के आगे लेटकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली।
पुलिस कमिश्नर राजश्री के कैंप कार्यालय की गारद में तैनात जौंधी गांव के होमगार्ड सुनील काफी मिलनसार थे। उन्होंने कई बार साथियों से जिक्र किया था कि पत्नी हमेशा बीमार रहती है। उसका दुख देखा नहीं जाता है। हर जगह इलाज करवा लिया है लेकिन कहीं आराम नहीं मिल रहा है।
पिता की पहले ही हो चुकी है मौत
ढाई साल पहले ही सुनील की हिमांशी से शादी हुई थी। दोनों की करीब आठ माह की एक बेटी भी है। सुनील के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में मां, एक भाई और दो बहनें हैं। अब दंपती की मौत से आठ माह की मासूम बेटी के सिर से मां-बाप का साया उठ गया है।
हिमांशी का 30 मीटर, सुनील का 70 मीटर तक बिखरा था शव
हादसे के बाद हिमांशी का शव करीब 30 मीटर तो सुनील का शव करीब 70 मीटर तक बिखरा पड़ा था। हादसा इतना भयानक था कि ट्रेन दोनों को घसीटते हुए अपने साथ काफी दूर तक ले गई। दोनों के शव इकट्ठे करने में करीब तीन घंटे का समय लग गया।
अपने निर्धारित समय से लेट थी ट्रेन
रोहतक से मदार के लिए चलाई गई एक्सप्रेस ट्रेन वीरवार को अपने निर्धारित समय से लेट थी। रेल को झज्जर रेलवे स्टेशन पर दोपहर 2:03 बजे पहुंचना था लेकिन गाड़ी झज्जर रेलवे स्टेशन पर 2:22 बजे पहुंची। इस दौरान हादसे वाली जगह सी-28 पर भी गाड़ी अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंची।
हादसे के बाद धीमी गति से निकाली मालगाड़ी
हादसे के बाद सी-28 रेलवे फाटक पर पुलिस जांच कर रही थी। इस दौरान रोहतक की तरफ से आ रही एक मालगाड़ी के चालक को मौके पर मौजूद पुलिस ने धीमी गति से जाने के लिए कहा। इसके बाद लोको पायलट ने मालगाड़ी को सी-28 फाटक पर धीमी गति से निकाला।
जिला परिषद चेयरमैन ने परिजनों को दी सांत्वना
दंपती की मौत बाद से परिवार में शोक की लहर है। मौके पर पहुंचे सुनील के भाई अनिल, नरेंद्र जाखड़ व अन्य परिजन गमजदा थे। सूचना पर पहुंचे जिला परिषद चेयरमैन कप्तान बिरधाना ने परिजनों को सांत्वना दी।
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पुलिस कमिश्नर राजश्री के कैंप कार्यालय की गारद में तैनात जौंधी गांव के होमगार्ड सुनील काफी मिलनसार थे। उन्होंने कई बार साथियों से जिक्र किया था कि पत्नी हमेशा बीमार रहती है। उसका दुख देखा नहीं जाता है। हर जगह इलाज करवा लिया है लेकिन कहीं आराम नहीं मिल रहा है।
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पिता की पहले ही हो चुकी है मौत
ढाई साल पहले ही सुनील की हिमांशी से शादी हुई थी। दोनों की करीब आठ माह की एक बेटी भी है। सुनील के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में मां, एक भाई और दो बहनें हैं। अब दंपती की मौत से आठ माह की मासूम बेटी के सिर से मां-बाप का साया उठ गया है।
हिमांशी का 30 मीटर, सुनील का 70 मीटर तक बिखरा था शव
हादसे के बाद हिमांशी का शव करीब 30 मीटर तो सुनील का शव करीब 70 मीटर तक बिखरा पड़ा था। हादसा इतना भयानक था कि ट्रेन दोनों को घसीटते हुए अपने साथ काफी दूर तक ले गई। दोनों के शव इकट्ठे करने में करीब तीन घंटे का समय लग गया।
अपने निर्धारित समय से लेट थी ट्रेन
रोहतक से मदार के लिए चलाई गई एक्सप्रेस ट्रेन वीरवार को अपने निर्धारित समय से लेट थी। रेल को झज्जर रेलवे स्टेशन पर दोपहर 2:03 बजे पहुंचना था लेकिन गाड़ी झज्जर रेलवे स्टेशन पर 2:22 बजे पहुंची। इस दौरान हादसे वाली जगह सी-28 पर भी गाड़ी अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंची।
हादसे के बाद धीमी गति से निकाली मालगाड़ी
हादसे के बाद सी-28 रेलवे फाटक पर पुलिस जांच कर रही थी। इस दौरान रोहतक की तरफ से आ रही एक मालगाड़ी के चालक को मौके पर मौजूद पुलिस ने धीमी गति से जाने के लिए कहा। इसके बाद लोको पायलट ने मालगाड़ी को सी-28 फाटक पर धीमी गति से निकाला।
जिला परिषद चेयरमैन ने परिजनों को दी सांत्वना
दंपती की मौत बाद से परिवार में शोक की लहर है। मौके पर पहुंचे सुनील के भाई अनिल, नरेंद्र जाखड़ व अन्य परिजन गमजदा थे। सूचना पर पहुंचे जिला परिषद चेयरमैन कप्तान बिरधाना ने परिजनों को सांत्वना दी।

12jjrp10- झज्जर। मौके पर मौजूद परिजन व अन्य। संवाद

12jjrp10- झज्जर। मौके पर मौजूद परिजन व अन्य। संवाद

12jjrp10- झज्जर। मौके पर मौजूद परिजन व अन्य। संवाद