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Rohtak News: एमबीबीएस छात्रों ने बॉन्ड पॉलिसी को लेकर विधायक से मिलकर जताई चिंता
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8- बॉन्ड पॉलिसी को लेकर विधायक भारत भूषण बतरा को सहयोग के लिए मांग पत्र साैंपते एमबीबीएस छात्र।
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रोहतक। चिकित्सा बॉन्ड पॉलिसी में बदलाव को लेकर एमबीबीएस छात्रों का प्रतिनिधिमंडल रविवार को विधायक भारत भूषण बतरा से मिला। छात्रों ने विधायक को अपनी चिंताओं से अवगत कराकर समाधान के लिए सहयोग की मांग की।
एमबीबीएस छात्रों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स एंड इंटर्न एसोसिएशन पीजीआई के अध्यक्ष डॉ. अंकित वर्मा ने किया। छात्रों ने वर्तमान बैच के सामने आ रही समस्याएं बताईं। समस्याएं सुनने के बाद कांग्रेस विधायक बतरा ने कहा कि कांग्रेस उनके साथ है। इस मुद्दे को आने वाले बजट सत्र के दौरान विधानसभा में रखकर समाधान का प्रयास किया जाएगा।
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28 फरवरी को 2020 के एमबीबीएस बैच का आखिरी दिन था। अब तक किसी भी छात्र ने बॉन्ड पॉलिसी पर समर्थन जताकर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। अगर छात्र हस्ताक्षर कर देते हैं तो उनको 25 लाख रुपये नहीं देने होेेंगे लेकिन हस्ताक्षर नहीं करने पर 25 लाख रुपये देने पड़ेंगे।
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ये हैं छात्रों की मांगें
बॉन्ड की अवधि को पांच की जगह एम साल किया जाए
बॉन्ड की राशि को 25 लाख से घटाकर पांच लाख किया जाए
बैंक की इन्वॉल्वमेंट खत्म की जाए
सबको शैक्षणिक दस्तावेज दिए जाएं
नौकरी की गारंटी दी जाए
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वर्जन
सरकार से बात करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ दिनों में इस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया तो मजबूरन कोर्ट का ही रास्ता अपनाना पड़ेगा। -डॉ. अंकित, अध्यक्ष, अंडरग्रेजुएट एंड इंटर्न एसोसिएशन पीजीआई।
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एमबीबीएस छात्रों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स एंड इंटर्न एसोसिएशन पीजीआई के अध्यक्ष डॉ. अंकित वर्मा ने किया। छात्रों ने वर्तमान बैच के सामने आ रही समस्याएं बताईं। समस्याएं सुनने के बाद कांग्रेस विधायक बतरा ने कहा कि कांग्रेस उनके साथ है। इस मुद्दे को आने वाले बजट सत्र के दौरान विधानसभा में रखकर समाधान का प्रयास किया जाएगा।
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28 फरवरी को 2020 के एमबीबीएस बैच का आखिरी दिन था। अब तक किसी भी छात्र ने बॉन्ड पॉलिसी पर समर्थन जताकर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। अगर छात्र हस्ताक्षर कर देते हैं तो उनको 25 लाख रुपये नहीं देने होेेंगे लेकिन हस्ताक्षर नहीं करने पर 25 लाख रुपये देने पड़ेंगे।
ये हैं छात्रों की मांगें
बॉन्ड की अवधि को पांच की जगह एम साल किया जाए
बॉन्ड की राशि को 25 लाख से घटाकर पांच लाख किया जाए
बैंक की इन्वॉल्वमेंट खत्म की जाए
सबको शैक्षणिक दस्तावेज दिए जाएं
नौकरी की गारंटी दी जाए
वर्जन
सरकार से बात करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ दिनों में इस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया तो मजबूरन कोर्ट का ही रास्ता अपनाना पड़ेगा। -डॉ. अंकित, अध्यक्ष, अंडरग्रेजुएट एंड इंटर्न एसोसिएशन पीजीआई।