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Rohtak News: बारिश नहीं होने से सूखने लगीं धान की फसलें
Mon, 03 Aug 2026 06:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 03 Aug 2026 06:40 AM IST
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फोटो 1 धान के खेत में दरार
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांपला। क्षेत्र में धान की रोपाई के बाद पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पानी के अभाव में हाल में रोपी गई धान की फसल सूखने लगी है। यहां तक कि खेत की मिट्टी में दरार तक आ गई हैं।
किसानों का कहना है कि रोपाई के समय अच्छी बारिश की उम्मीद थी मगर मौसम की बेरुखी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। लगातार ट्यूबवेल चलाकर सिंचाई करना आर्थिक रूप से भारी पड़ रहा है। एक सप्ताह के अंदर अच्छी बारिश नहीं हुई तो आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा।
बारिश नहीं हुई तो पैदावार पर भी असर पड़ेगा। भैंसरु के किसान सुदेश कुमार व अशोक, समचाना निवासी महावीर नंबरदार, गिझी निवासी रामप्रसाद व दतौड़ निवासी सतीश कुमार का कहना है कि बारिश के भरोसे धान की खेती होती है लेकिन इस बार रोपाई के बाद पानी नहीं मिलने से उन्हें ट्यूबवेल से बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है। नहरों में भी पूरा पानी आ रहा है। डीजल महंगा पड़ रहा है।
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कृषि विभाग का कहना है कि इस बार अब तक सांपला खंड में 56 एमएम बारिश ही हुई है जो मानसून के मुताबिक बहुत कम है। धान की फसल के लिए अधिक पानी की जरूरत है लेकिन बारिश नहीं हुई जिसकी वजह से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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सांपला। क्षेत्र में धान की रोपाई के बाद पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पानी के अभाव में हाल में रोपी गई धान की फसल सूखने लगी है। यहां तक कि खेत की मिट्टी में दरार तक आ गई हैं।
किसानों का कहना है कि रोपाई के समय अच्छी बारिश की उम्मीद थी मगर मौसम की बेरुखी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। लगातार ट्यूबवेल चलाकर सिंचाई करना आर्थिक रूप से भारी पड़ रहा है। एक सप्ताह के अंदर अच्छी बारिश नहीं हुई तो आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा।
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बारिश नहीं हुई तो पैदावार पर भी असर पड़ेगा। भैंसरु के किसान सुदेश कुमार व अशोक, समचाना निवासी महावीर नंबरदार, गिझी निवासी रामप्रसाद व दतौड़ निवासी सतीश कुमार का कहना है कि बारिश के भरोसे धान की खेती होती है लेकिन इस बार रोपाई के बाद पानी नहीं मिलने से उन्हें ट्यूबवेल से बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है। नहरों में भी पूरा पानी आ रहा है। डीजल महंगा पड़ रहा है।
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कृषि विभाग का कहना है कि इस बार अब तक सांपला खंड में 56 एमएम बारिश ही हुई है जो मानसून के मुताबिक बहुत कम है। धान की फसल के लिए अधिक पानी की जरूरत है लेकिन बारिश नहीं हुई जिसकी वजह से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।