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Rohtak News: राजनीतिक दबाव बर्दाश्त नहीं, एएसआई को गोली मारने के आरोपी की गिरफ्तारी हो
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15-झज्जर की कथित मुठभेड़ में घायल मायना निवासी एएसआई प्रवीण के समर्थन में हुई सतगामा की पंचायत
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रोहतक। दोपहर बाद करीब चार बजे मायना गांव के लड़कियों के सरकारी स्कूल में सतगामा की पंचायत हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि अगर पुलिस ने एएसआई को गोली मारने के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो खाप पंचायत बुलाकर बड़ा फैसला लिया जाएगा। खाप राजनीति दबाव बर्दाश्त नहीं करेंगी।
यह पंचायत भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप अहलावत के भाई पंकज के साथ झज्जर में हुई कथित मुठभेड़ में घायल व मायना गांव निवासी एएसआई प्रवीण के समर्थन में बुलाई गई थी। पंचायत में मायना के अलावा करौंथा, शिमली, बालंद, रिटौली, कबूलपुर व सुनारिया गांव के प्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल हुए।
सतगामा प्रधान श्रीपाल बालंद, प्रकाश बुधवार सुनारिया, मायना गांव के सरपंच प्रतिनिधि परवीन, शिमली गांव के सरपंच धर्मेंद्र व खरैंटी गांव के सरपंच जगबीर सहित 500 से ज्यादा ग्रामीण भी मौजूद रहे।
पंचायत में महिलाएं भी शामिल हुईं। दो घंटे चली पंचायत में मायना के सरपंच प्रतिनिधि परवीन ने कहा कि राजनीति दबाव में एएसआई प्रवीण के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
मामले को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल सीएम नायब सैनी से मिला था। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है लेकिन वे मुख्यमंत्री के बयान से संतुष्ट नहीं हैं। शाम करीब छह बजे पंचायत खत्म हुई।
बाॅक्स
डीघल-मायना के बीच 500 साल से भाईचारा, गांव जाएगा सतगामा का प्रतिनिधिमंडल
गांव के सरपंच प्रतिनिधि परवीन ने कहा कि उनका गांव मायना खुद को डीघल गांव का छोटा भाई मानता है। इस भाईचारे को खराब नहीं होने देंगे। जल्द सतगामा का एक प्रतिनिधिमंडल डीघल गांव जाकर बात करेगा। मायना गांव के पूर्व सरपंच दिनेश ने कहा कि एक तरफ सरकार बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई की बात करती है दूसरी तरफ पुलिस पर गोली चलाने के आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर पूरे मामले को दूसरा रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। यह गलत है। खरैंटी के सरपंच जगबीर ने कहा कि कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी के बयान से वे संतुष्ट नहीं हैं।
........
पुलिस को जांच करनी चाहिए। राजनीति दबाव डालकर जांच को प्रभावित न किया जाए। कानून अपना काम करे। सतगामा पंचायत तीन दिन का अल्टीमेटम देती है। पहले आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद सतगामा का एक प्रतिनिधिमंडल डीघल गांव जाकर भाईचारे को कायम रखने के लिए बात करेगा। -श्रीपाल बालंद, प्रधान सतगामा
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यह पंचायत भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप अहलावत के भाई पंकज के साथ झज्जर में हुई कथित मुठभेड़ में घायल व मायना गांव निवासी एएसआई प्रवीण के समर्थन में बुलाई गई थी। पंचायत में मायना के अलावा करौंथा, शिमली, बालंद, रिटौली, कबूलपुर व सुनारिया गांव के प्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल हुए।
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सतगामा प्रधान श्रीपाल बालंद, प्रकाश बुधवार सुनारिया, मायना गांव के सरपंच प्रतिनिधि परवीन, शिमली गांव के सरपंच धर्मेंद्र व खरैंटी गांव के सरपंच जगबीर सहित 500 से ज्यादा ग्रामीण भी मौजूद रहे।
पंचायत में महिलाएं भी शामिल हुईं। दो घंटे चली पंचायत में मायना के सरपंच प्रतिनिधि परवीन ने कहा कि राजनीति दबाव में एएसआई प्रवीण के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
मामले को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल सीएम नायब सैनी से मिला था। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है लेकिन वे मुख्यमंत्री के बयान से संतुष्ट नहीं हैं। शाम करीब छह बजे पंचायत खत्म हुई।
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डीघल-मायना के बीच 500 साल से भाईचारा, गांव जाएगा सतगामा का प्रतिनिधिमंडल
गांव के सरपंच प्रतिनिधि परवीन ने कहा कि उनका गांव मायना खुद को डीघल गांव का छोटा भाई मानता है। इस भाईचारे को खराब नहीं होने देंगे। जल्द सतगामा का एक प्रतिनिधिमंडल डीघल गांव जाकर बात करेगा। मायना गांव के पूर्व सरपंच दिनेश ने कहा कि एक तरफ सरकार बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई की बात करती है दूसरी तरफ पुलिस पर गोली चलाने के आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर पूरे मामले को दूसरा रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। यह गलत है। खरैंटी के सरपंच जगबीर ने कहा कि कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी के बयान से वे संतुष्ट नहीं हैं।
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पुलिस को जांच करनी चाहिए। राजनीति दबाव डालकर जांच को प्रभावित न किया जाए। कानून अपना काम करे। सतगामा पंचायत तीन दिन का अल्टीमेटम देती है। पहले आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद सतगामा का एक प्रतिनिधिमंडल डीघल गांव जाकर भाईचारे को कायम रखने के लिए बात करेगा। -श्रीपाल बालंद, प्रधान सतगामा