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Rohtak News: निजी स्कूलों को सीटों का ब्योरा आज पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी
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सांपला। निजी स्कूलों को नर्सरी कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए आरक्षित करनी होंगी। मंगलवार तक उन्होंने पोर्टल पर अपनी सीटों का ब्योरा अपलोड करना होगा। इन सीटों पर बीपीएल, अनाथ, वीरांगनाओं के बच्चे निशुल्क प्रवेश ले सकेंगे।
सांपला ब्लॉक में करीब 12 निजी स्कूल हैं जो आरटीई योजना के अंतर्गत आते हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से 18 से 24 मार्च तक स्कूलों के मान्यता संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। 25 से 30 मार्च तक सीटों की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।
इसके बाद 7 अप्रैल तक अभिभावक बच्चों के दाखिले के लिए उज्ज्वल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। 9 अप्रैल को ड्रा के माध्यम से परिणाम घोषित किए जाएंगे। विद्यार्थियों का दाखिला 10 से लेकर 23 अप्रैल तक संबंधित स्कूलों में कराया जाएगा।
यदि सीटें खाली रहती हैं तो 30 अप्रैल से 5 मई तक वेटिंग सूची में शामिल बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी सूरजभान ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों को निशुल्क अनिवार्य शिक्षा का अधिकार दिया गया। सरकारी स्कूलों में पहले से ही मुक्त शिक्षा की व्यवस्था है।
निवास से एक किलोमीटर के दायरे में होगा दाखिला
वहीं निजी स्कूलों में भी चिराग योजना के माध्यम से दाखिले की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि चिराग योजना के अनुसार नर्सरी में दाखिले लेने वाले बच्चे अपने निवास से एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों में ही प्रवेश ले सकेंगे और दाखिला आठवीं कक्षा तक मान्य रहेगा। यदि कोई स्कूल आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला देने से मन करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
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सांपला ब्लॉक में करीब 12 निजी स्कूल हैं जो आरटीई योजना के अंतर्गत आते हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से 18 से 24 मार्च तक स्कूलों के मान्यता संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। 25 से 30 मार्च तक सीटों की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।
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इसके बाद 7 अप्रैल तक अभिभावक बच्चों के दाखिले के लिए उज्ज्वल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। 9 अप्रैल को ड्रा के माध्यम से परिणाम घोषित किए जाएंगे। विद्यार्थियों का दाखिला 10 से लेकर 23 अप्रैल तक संबंधित स्कूलों में कराया जाएगा।
यदि सीटें खाली रहती हैं तो 30 अप्रैल से 5 मई तक वेटिंग सूची में शामिल बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी सूरजभान ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों को निशुल्क अनिवार्य शिक्षा का अधिकार दिया गया। सरकारी स्कूलों में पहले से ही मुक्त शिक्षा की व्यवस्था है।
निवास से एक किलोमीटर के दायरे में होगा दाखिला
वहीं निजी स्कूलों में भी चिराग योजना के माध्यम से दाखिले की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि चिराग योजना के अनुसार नर्सरी में दाखिले लेने वाले बच्चे अपने निवास से एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों में ही प्रवेश ले सकेंगे और दाखिला आठवीं कक्षा तक मान्य रहेगा। यदि कोई स्कूल आरटीई के तहत बच्चों को दाखिला देने से मन करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।