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Rohtak News: घर की छत पर 15 साल से हरियाली, बगिया में अब 300 पौधे
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42-छत पर बगिया में पौधों की देखभाल करती भरत कॉलोनी निवासी पूर्व शिक्षिका इंदु शर्मा । संवाद
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रोहतक। छत हो या घर का आंगन, बगिया न केवल सुंदरता बढ़ाती है बल्कि ऑक्सीजन का भी बड़ा स्रोत है। ऐसी ही एक बगिया शहर के भरत कॉलोनी निवासी पूर्व शिक्षिका इंदु शर्मा ने घर में बनाई है। नए घर के साथ ही 15 साल पहले बनाई इस बगिया में 300 पौधे हैं।
इंदु ने कहा कि उनकी इस बगिया में धार्मिक महत्व के अलावा विभिन्न प्रकार के औषधीय, सजावटी और अन्य पौधे शामिल हैं जो घर में हरा-भरा वातावरण बना रहे हैं। गर्मी में पौधों की हरियाली बनी रहे। इसके लिए उन्होंने छत पर ही पानी की अलग टंकी रखी हुई है।
एमडीयू के कैंपस स्कूल से सेवानिवृत इंदु ने बताया कि उनकी शादी 1991 में रोहतक के डॉ. दिनेश शर्मा से हुई थी। उनको भी पौधों का शौक है और वे इनकी देखभाल में सहयोग भी करते हैं। वह अब स्वास्थ्य विभाग के मुख्य नेत्र अधिकारी पद से सेवानिवृत हैं।
सब्जियों के भी अनेक पौधे
बगिया में उन्होंने सब्जियों के भी अनेक पौधे लगाए हैं। इसमें पालक, पुदीना, मेथी, धनिया, बैंगन, ब्रोकली, टमाटर, सलाद पत्ता, बीन्स, मटर, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, करेला, घीया, तोरी, खीरा, प्याज आदि हैं। बगिया में तैयार सब्जियों का ही अधिकतर प्रयोग घर में करते हैं।
कढ़ी पत्ता का पौधा है खास
बगिया में उगा कढ़ी पत्ता का पौधा उनकी ननद अलका शर्मा ने दिया था। 15 साल पहले जब उन्होंने गृह प्रवेश किया तब उन्होंने गिफ्ट किया था। अब यह करीब 20 फीट ऊंचा हो गया है और आसपास के लोग भी इसके पत्ते लेकर जाते हैं।
किचन वेस्ट से बनाती हैं खाद
इंदु किचन वेस्ट का प्रयोग तरल खाद बनने में करती हैं। नारियल, केला, संतरा, अनार व सब्जियों के छिलकों से खाद बनाती हैं। हालांकि जरूरत पड़ने पर गोशाला से गोबर खाद का प्रयोग भी कर लेती हैं।
बगिया में ये पौधे
बगिया में मुख्य द्वार से छत तक सैंकड़ों पौधे हैं। जिनमें गुलाब, गेंदा, पर्पल हार्ट, पोरचुला, बोगनबेलिया, अलग-अलग रंगों के गुलदाउदी, फूलों की बेल, सदाबहार, एलोवेरा, फाइकस, अजवाइन, पत्थर चट्टा, पुनरनवा, मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, मरवा, लहसुन बेल, नींबू, मोतिया, मोगरा, हारसिंगार, अंजीर के अलावा बेलपत्र, आंवला, अनार, सफेद आक, तुलसी के पौधे भी लगाए हैं।
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इंदु ने कहा कि उनकी इस बगिया में धार्मिक महत्व के अलावा विभिन्न प्रकार के औषधीय, सजावटी और अन्य पौधे शामिल हैं जो घर में हरा-भरा वातावरण बना रहे हैं। गर्मी में पौधों की हरियाली बनी रहे। इसके लिए उन्होंने छत पर ही पानी की अलग टंकी रखी हुई है।
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एमडीयू के कैंपस स्कूल से सेवानिवृत इंदु ने बताया कि उनकी शादी 1991 में रोहतक के डॉ. दिनेश शर्मा से हुई थी। उनको भी पौधों का शौक है और वे इनकी देखभाल में सहयोग भी करते हैं। वह अब स्वास्थ्य विभाग के मुख्य नेत्र अधिकारी पद से सेवानिवृत हैं।
सब्जियों के भी अनेक पौधे
बगिया में उन्होंने सब्जियों के भी अनेक पौधे लगाए हैं। इसमें पालक, पुदीना, मेथी, धनिया, बैंगन, ब्रोकली, टमाटर, सलाद पत्ता, बीन्स, मटर, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, करेला, घीया, तोरी, खीरा, प्याज आदि हैं। बगिया में तैयार सब्जियों का ही अधिकतर प्रयोग घर में करते हैं।
कढ़ी पत्ता का पौधा है खास
बगिया में उगा कढ़ी पत्ता का पौधा उनकी ननद अलका शर्मा ने दिया था। 15 साल पहले जब उन्होंने गृह प्रवेश किया तब उन्होंने गिफ्ट किया था। अब यह करीब 20 फीट ऊंचा हो गया है और आसपास के लोग भी इसके पत्ते लेकर जाते हैं।
किचन वेस्ट से बनाती हैं खाद
इंदु किचन वेस्ट का प्रयोग तरल खाद बनने में करती हैं। नारियल, केला, संतरा, अनार व सब्जियों के छिलकों से खाद बनाती हैं। हालांकि जरूरत पड़ने पर गोशाला से गोबर खाद का प्रयोग भी कर लेती हैं।
बगिया में ये पौधे
बगिया में मुख्य द्वार से छत तक सैंकड़ों पौधे हैं। जिनमें गुलाब, गेंदा, पर्पल हार्ट, पोरचुला, बोगनबेलिया, अलग-अलग रंगों के गुलदाउदी, फूलों की बेल, सदाबहार, एलोवेरा, फाइकस, अजवाइन, पत्थर चट्टा, पुनरनवा, मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, मरवा, लहसुन बेल, नींबू, मोतिया, मोगरा, हारसिंगार, अंजीर के अलावा बेलपत्र, आंवला, अनार, सफेद आक, तुलसी के पौधे भी लगाए हैं।

42-छत पर बगिया में पौधों की देखभाल करती भरत कॉलोनी निवासी पूर्व शिक्षिका इंदु शर्मा । संवाद