{"_id":"69af3bdfb651c862c7076d4e","slug":"the-science-of-the-entire-universe-is-contained-in-the-vedas-acharya-agnivrat-rohtak-news-c-17-roh1020-821337-2026-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेदों में संपूर्ण सृष्टि का विज्ञान निहित : आचार्य अग्निव्रत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेदों में संपूर्ण सृष्टि का विज्ञान निहित : आचार्य अग्निव्रत
विज्ञापन
27-स्वामी इंद्रवेश विद्यापीठ आश्रम में आयोजित चतुर्वेद पारायण महायज्ञ कार्यक्रम में मुख्य वक्ता
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। वेदों में संपूर्ण सृष्टि का विज्ञान निहित है। आधुनिक विज्ञान भी आज उन सिद्धांतों को स्वीकार कर रहा है जिनका उल्लेख वेदों में हजारों वर्ष पूर्व किया गया है। यह ज्ञानवर्धक बातें राजस्थान के भीनमाल स्थित वैदिक एंड मॉडर्न फिजिक्स रिसर्च सेंटर के निदेशक आचार्य अग्निव्रत ने कही।
गांव टिटौली स्थित स्वामी इंद्रवेश विद्यापीठ आश्रम में आयोजित 19वें चतुर्वेद पारायण महायज्ञ कार्यक्रम में सोमवार को मुख्य वक्ता आचार्य अग्निव्रत ने युवाओं से वैदिक ज्ञान को अपनाकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया।
सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा, नई दिल्ली के अध्यक्ष स्वामी आर्यवेश ने कहा कि वेद ही ईश्वर का दिया हुआ शुद्ध एवं सार्वभौमिक ज्ञान है जो मानव मात्र के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि वेदों के अध्ययन और आचरण से समाज में नैतिकता, सदाचार और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
वैदिक विरक्त मंडल के राष्ट्रीय संगठन मंत्री स्वामी सोमानंद ने कहा कि वैदिक धर्म सभी के प्रति प्रेम, सद्भाव और समरसता की प्रेरणा देता है। प्रत्येक व्यक्ति को वेद के अनुकूल जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए।
यज्ञ के ब्रह्मा स्वामी वेदप्रकाश सरस्वती ने कहा, मनुष्य को अपने दैनिक जीवन में योग और आध्यात्म को स्थान देना चाहिए जिससे शारीरिक और मानसिक संतुलन बना रहता है।
प्रवेश आर्या ने बताया कि महायज्ञ में ऋग्वेद के मंत्रों से आहुति दी जा रही है। लाक्षागृह गुरुकुल बरनावा के ब्रह्मचारी अंकित शास्त्री और अमित शास्त्री वेदपाठ कर रहे हैं।
स्वामी इंद्रवेश के 89वें जन्मदिवस के अवसर पर 13 मार्च को रक्तदान शिविर लगेगा। 14 मार्च को प्रातः हरियाणा के श्रेष्ठ शिक्षक यज्ञ में आहुति दी जाएगी। महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं आर्य सम्मेलन 15 मार्च को संपन्न होगा।
इस अवसर पर स्वामी सूर्यवेश, नेहरू युवा केंद्र के पूर्व सह निदेशक जयपाल मलिक, धर्मदेव वशिष्ठ, महेंद्र अग्रवाल, अमित, जिले सिंह आर्य, रमेश कुंडू, मुक्तिवेश, अजित सिंह आदि उपस्थित रहे।
Trending Videos
रोहतक। वेदों में संपूर्ण सृष्टि का विज्ञान निहित है। आधुनिक विज्ञान भी आज उन सिद्धांतों को स्वीकार कर रहा है जिनका उल्लेख वेदों में हजारों वर्ष पूर्व किया गया है। यह ज्ञानवर्धक बातें राजस्थान के भीनमाल स्थित वैदिक एंड मॉडर्न फिजिक्स रिसर्च सेंटर के निदेशक आचार्य अग्निव्रत ने कही।
गांव टिटौली स्थित स्वामी इंद्रवेश विद्यापीठ आश्रम में आयोजित 19वें चतुर्वेद पारायण महायज्ञ कार्यक्रम में सोमवार को मुख्य वक्ता आचार्य अग्निव्रत ने युवाओं से वैदिक ज्ञान को अपनाकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा, नई दिल्ली के अध्यक्ष स्वामी आर्यवेश ने कहा कि वेद ही ईश्वर का दिया हुआ शुद्ध एवं सार्वभौमिक ज्ञान है जो मानव मात्र के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि वेदों के अध्ययन और आचरण से समाज में नैतिकता, सदाचार और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
वैदिक विरक्त मंडल के राष्ट्रीय संगठन मंत्री स्वामी सोमानंद ने कहा कि वैदिक धर्म सभी के प्रति प्रेम, सद्भाव और समरसता की प्रेरणा देता है। प्रत्येक व्यक्ति को वेद के अनुकूल जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए।
यज्ञ के ब्रह्मा स्वामी वेदप्रकाश सरस्वती ने कहा, मनुष्य को अपने दैनिक जीवन में योग और आध्यात्म को स्थान देना चाहिए जिससे शारीरिक और मानसिक संतुलन बना रहता है।
प्रवेश आर्या ने बताया कि महायज्ञ में ऋग्वेद के मंत्रों से आहुति दी जा रही है। लाक्षागृह गुरुकुल बरनावा के ब्रह्मचारी अंकित शास्त्री और अमित शास्त्री वेदपाठ कर रहे हैं।
स्वामी इंद्रवेश के 89वें जन्मदिवस के अवसर पर 13 मार्च को रक्तदान शिविर लगेगा। 14 मार्च को प्रातः हरियाणा के श्रेष्ठ शिक्षक यज्ञ में आहुति दी जाएगी। महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं आर्य सम्मेलन 15 मार्च को संपन्न होगा।
इस अवसर पर स्वामी सूर्यवेश, नेहरू युवा केंद्र के पूर्व सह निदेशक जयपाल मलिक, धर्मदेव वशिष्ठ, महेंद्र अग्रवाल, अमित, जिले सिंह आर्य, रमेश कुंडू, मुक्तिवेश, अजित सिंह आदि उपस्थित रहे।