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Sirsa News: बिज्जूवाली में हिंसक सांड़ के हमले से युवक घायल
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:32 PM IST
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हिंसक सांड़।
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डबवाली(सिरसा)। गांव बिज्जूवाली में शनिवार को गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक हिंसक सांड़ ने बिहार के पटना निवासी रवींद्र पर अचानक हमला कर दिया। रवींद्र मजदूरी का कार्य करता है और रोज़ाना की तरह सुबह घूमने के लिए निकला था। इसी दौरान सांड़ ने उस पर सींगों और मुंह से कई बार हमला किया, जिससे युवक को गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
यही नहीं, इस हिंसक सांड़ ने वीरवार रात भी गांव के एक अन्य व्यक्ति पर हमला किया था। हालांकि उस व्यक्ति ने किसी तरह पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही गांव के सरपंच सुरेंद्र सुथार मौके पर पहुंचे। उन्होंने गो भक्तों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद सांड़ को काबू में किया। सरपंच सुरेंद्र सुथार ने बताया कि सांड इतना अधिक हिंसक हो चुका था कि उसे न तो खुला छोड़ा जा सकता था और न ही किसी गोशाला में रखना सुरक्षित था। इसलिए उसे गांव रिसालियाखेड़ा स्थित पशु अस्पताल में भेजा गया है, जहां उसका उपचार किया जा रहा है।
सरपंच ने कहा कि गांव में बेसहारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। जल्द ही ग्राम पंचायत की बैठक बुलाकर प्रस्ताव पारित किया जाएगा और प्रशासन से मांग की जाएगी कि इन पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
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यही नहीं, इस हिंसक सांड़ ने वीरवार रात भी गांव के एक अन्य व्यक्ति पर हमला किया था। हालांकि उस व्यक्ति ने किसी तरह पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही गांव के सरपंच सुरेंद्र सुथार मौके पर पहुंचे। उन्होंने गो भक्तों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद सांड़ को काबू में किया। सरपंच सुरेंद्र सुथार ने बताया कि सांड इतना अधिक हिंसक हो चुका था कि उसे न तो खुला छोड़ा जा सकता था और न ही किसी गोशाला में रखना सुरक्षित था। इसलिए उसे गांव रिसालियाखेड़ा स्थित पशु अस्पताल में भेजा गया है, जहां उसका उपचार किया जा रहा है।
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सरपंच ने कहा कि गांव में बेसहारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। जल्द ही ग्राम पंचायत की बैठक बुलाकर प्रस्ताव पारित किया जाएगा और प्रशासन से मांग की जाएगी कि इन पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।