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Sirsa News: सरकारी कार्यक्रम के बोर्ड बिजली के खंभों पर, सरकारी यूनिपोल पर कॉमर्शियल विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 21 Jan 2026 12:10 AM IST
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सिरसा। सरकारी साइट पर प्राइवेट विज्ञापन होने पर विश्वकर्मा मेले के होर्डिंग बिजली के खम्बो पर ल
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- बाल भवन में होने वाले सरकारी कार्यक्रम को नहीं मिली यूनिपोल पर जगह
- सरकारी विज्ञापन साइटों का हो रहा है दुरुपयोग
फोटो - 21,22
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में सरकारी विज्ञापन साइटों का दुरुपयोग बड़े स्तर पर हो रहा है। सरकारी साइटों पर कॉमर्शियल विज्ञापन एजेंसियां लगा रही हैं। वहीं, बालभवन में पीएम विश्वकर्मा मेला 23 जनवरी को होने वाला हैं। सरकारी विज्ञापन की जगहों पर प्राइवेट विज्ञापन होने के कारण बिजली के खंभों पर सरकारी कार्यक्रम के होर्डिंग लगाने पड़ रहे हैं।
इस तरह के हालात से पता चलता है कि शहर में अवैध रूप से विज्ञापन लगाने वाली एजेंसियों का बोल बाला है। इनको रोकने वाला कोई नहीं है। राजनीतिक संरक्षण होने के कारण बड़े स्तर पर अवैध विज्ञापन होर्डिंग साइटों पर लगाए जा रहे हैं। ऐसा तब है जब बरनाला रोड से लघु सचिवालय तक सरकारी अधिकारियों का आवागमन रहता है। उपायुक्त से लेकर जिला नगर आयुक्त तक यहां पर रहते हैं और नगर परिषद व दूसरे विभागों के अधिकारी नियमित रूप से गुजरते हैं।
तोरण द्वार पर नहीं लग सकते हैं कोई विज्ञापन
नगर परिषद ने 20 साल के लिए साइटें एजेंसी को दी थी। उन्होंने तोरण द्वार लगा दिए। इनमें लोकेश के इतर बड़े स्तर पर साइटें लगाई गई हैं। मामला कोर्ट में होने के कारण साइटों पर विज्ञापन कोई नहीं लगा सकता है। ऐसे में इन साइटों पर बड़े स्तर पर कॉमर्शियल विज्ञापन प्रकाशित हो रहे हैं। नगर परिषद के अधीन होने के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
भवनों से लेकर छतों पर अवैध स्ट्रक्चर
एक साल पहले नगर परिषद ने भवनों पर लगाए गए अवैध स्ट्रक्चर को काटने की कार्रवाई की थी। दीवारों पर लगाए गए अवैध होर्डिंग हटाए थे। नगर परिषद की नई सरकार बनने के बाद कोई कार्रवाई इनको लेकर नहीं हुई है। होर्डिंग साइटों को लेकर खानापूर्ति तक नहीं की गई है। आलम यह है कि दीवारों को मासिक शुल्क पर खरीदकर उन पर होर्डिंग बोर्ड लगाए जा रहे हैं। लाखों रुपये का प्रतिमाह के हिसाब से होर्डिंग साइटों का खेल चलता है।
32 साइटों में से महज 9 साइटें दी हैं ठेके पर
नगर परिषद की होर्डिंग की 32 साइटें हैं। इन 32 साइटों में से 9 साइटों को ही ठेके पर दिया गया है। ऐसे में बची हुई साइटों पर अवैध रूप से शहर के अलग अलग फ्लैक्स वाले होर्डिंग व बैनर लगा रहे हैं।
कोट्स
सरकारी साइटों पर कॉमर्शियल होर्डिंग लगाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो बुधवार को इन होर्डिंग पर कार्रवाई की जाएगी। विशेष अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग को हटाया जाएगा।
-राहुल कुमार, जेई, नगर परिषद
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फोटो - 21,22
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में सरकारी विज्ञापन साइटों का दुरुपयोग बड़े स्तर पर हो रहा है। सरकारी साइटों पर कॉमर्शियल विज्ञापन एजेंसियां लगा रही हैं। वहीं, बालभवन में पीएम विश्वकर्मा मेला 23 जनवरी को होने वाला हैं। सरकारी विज्ञापन की जगहों पर प्राइवेट विज्ञापन होने के कारण बिजली के खंभों पर सरकारी कार्यक्रम के होर्डिंग लगाने पड़ रहे हैं।
इस तरह के हालात से पता चलता है कि शहर में अवैध रूप से विज्ञापन लगाने वाली एजेंसियों का बोल बाला है। इनको रोकने वाला कोई नहीं है। राजनीतिक संरक्षण होने के कारण बड़े स्तर पर अवैध विज्ञापन होर्डिंग साइटों पर लगाए जा रहे हैं। ऐसा तब है जब बरनाला रोड से लघु सचिवालय तक सरकारी अधिकारियों का आवागमन रहता है। उपायुक्त से लेकर जिला नगर आयुक्त तक यहां पर रहते हैं और नगर परिषद व दूसरे विभागों के अधिकारी नियमित रूप से गुजरते हैं।
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तोरण द्वार पर नहीं लग सकते हैं कोई विज्ञापन
नगर परिषद ने 20 साल के लिए साइटें एजेंसी को दी थी। उन्होंने तोरण द्वार लगा दिए। इनमें लोकेश के इतर बड़े स्तर पर साइटें लगाई गई हैं। मामला कोर्ट में होने के कारण साइटों पर विज्ञापन कोई नहीं लगा सकता है। ऐसे में इन साइटों पर बड़े स्तर पर कॉमर्शियल विज्ञापन प्रकाशित हो रहे हैं। नगर परिषद के अधीन होने के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
भवनों से लेकर छतों पर अवैध स्ट्रक्चर
एक साल पहले नगर परिषद ने भवनों पर लगाए गए अवैध स्ट्रक्चर को काटने की कार्रवाई की थी। दीवारों पर लगाए गए अवैध होर्डिंग हटाए थे। नगर परिषद की नई सरकार बनने के बाद कोई कार्रवाई इनको लेकर नहीं हुई है। होर्डिंग साइटों को लेकर खानापूर्ति तक नहीं की गई है। आलम यह है कि दीवारों को मासिक शुल्क पर खरीदकर उन पर होर्डिंग बोर्ड लगाए जा रहे हैं। लाखों रुपये का प्रतिमाह के हिसाब से होर्डिंग साइटों का खेल चलता है।
32 साइटों में से महज 9 साइटें दी हैं ठेके पर
नगर परिषद की होर्डिंग की 32 साइटें हैं। इन 32 साइटों में से 9 साइटों को ही ठेके पर दिया गया है। ऐसे में बची हुई साइटों पर अवैध रूप से शहर के अलग अलग फ्लैक्स वाले होर्डिंग व बैनर लगा रहे हैं।
कोट्स
सरकारी साइटों पर कॉमर्शियल होर्डिंग लगाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो बुधवार को इन होर्डिंग पर कार्रवाई की जाएगी। विशेष अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग को हटाया जाएगा।
-राहुल कुमार, जेई, नगर परिषद
