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Sirsa News: एडीसी बोले- ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूल लाएं और लिंगानुपात के बिगड़े गणित को सुधारें, महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 10 Apr 2026 10:57 PM IST
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सिरसा। महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक शुक्रवार को अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अर्पित संगल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में एडीसी ने विशेष रूप से कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां लिंगानुपात कम है वहां प्रभावी अभियान चलाकर नागरिकों को जागरूक किया जाए और लिंग परीक्षण से जुड़े मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक डॉ. दर्शना सिंह ने सभी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पीपीटी के माध्यम से एडीसी के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक के दौरान एडीसी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला के कम लिंगानुपात वाले गांवों या क्षेत्रों को चिह्नित किया जाए। उन्होंने लिंग जांच को एक कानूनी अपराध मानते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति इसमें संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
एडीसी ने निर्देश दिए कि ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान की जाए। अगर कोई बच्चा स्कूल छोड़ता है तो उसके घर जाकर इसके कारणों की जानकारी ली जाए और परिवार को जागरूक कर बच्चे को दोबारा स्कूल में दाखिला दिलवाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने बाल मजदूरी की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि जहां भी बाल मजदूरी की शिकायत मिले वहां तुरंत कार्रवाई की जाए।
198 आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल चल रहे
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिले में 198 आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा 40 निजी प्ले स्कूलों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिए गए हैं जबकि 73 प्ले स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है कि जब तक उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो जाता, तब तक वे दाखिला न लें।
पोषण पखवाड़ा 23 अप्रैल से शुरू
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से चलाए गए 8वें पोषण पखवाड़े का आयोजन 23 अप्रैल तक किया जाएगा जिसमें पोषण से संबंधित विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान विशेष रूप से बच्चों और माताओं के पोषण, मानसिक एवं शारीरिक विकास, खेल-खेल में पढ़ाई, माता-पिता की भागीदारी और मोबाइल के कम उपयोग पर जोर दिया जाएगा। इस अवसर पर डीएसपी संजीव कुमार, संदीप सिंह, डीईओ सुनीता साईं, डीसीपीओ डॉ. गुरप्रीत कौर, संरक्षण अधिकारी डॉ. अंजना, बाल कल्याण समिति के चेयरमैन डॉ. मदन लाल, भावना शर्मा, निधि मेहता आदि मौजूद रहे।
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एडीसी ने निर्देश दिए कि ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान की जाए। अगर कोई बच्चा स्कूल छोड़ता है तो उसके घर जाकर इसके कारणों की जानकारी ली जाए और परिवार को जागरूक कर बच्चे को दोबारा स्कूल में दाखिला दिलवाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने बाल मजदूरी की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि जहां भी बाल मजदूरी की शिकायत मिले वहां तुरंत कार्रवाई की जाए।
198 आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल चल रहे
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिले में 198 आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा 40 निजी प्ले स्कूलों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिए गए हैं जबकि 73 प्ले स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है कि जब तक उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो जाता, तब तक वे दाखिला न लें।
पोषण पखवाड़ा 23 अप्रैल से शुरू
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से चलाए गए 8वें पोषण पखवाड़े का आयोजन 23 अप्रैल तक किया जाएगा जिसमें पोषण से संबंधित विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान विशेष रूप से बच्चों और माताओं के पोषण, मानसिक एवं शारीरिक विकास, खेल-खेल में पढ़ाई, माता-पिता की भागीदारी और मोबाइल के कम उपयोग पर जोर दिया जाएगा। इस अवसर पर डीएसपी संजीव कुमार, संदीप सिंह, डीईओ सुनीता साईं, डीसीपीओ डॉ. गुरप्रीत कौर, संरक्षण अधिकारी डॉ. अंजना, बाल कल्याण समिति के चेयरमैन डॉ. मदन लाल, भावना शर्मा, निधि मेहता आदि मौजूद रहे।