{"_id":"696925da3183fc6645040a7d","slug":"bkes-plea-to-prevent-black-marketing-of-hybrid-rice-seeds-sirsa-news-c-128-1-svns1027-151331-2026-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: बीकेई की हाइब्रिड धान बीजों में कालाबाजारी रोकने की गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: बीकेई की हाइब्रिड धान बीजों में कालाबाजारी रोकने की गुहार
विज्ञापन
विज्ञापन
सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने हाइब्रिड धान के बीजों की बिक्री में किसानों के साथ हो रही कथित लूट और कालाबाजारी के खिलाफ मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को एक मांग पत्र भेजा है। यह पत्र गांव मोरीवाला में किसानों की बैठक के दौरान तैयार किया गया और वीरवार को भेजा गया। औलख ने आरोप लगाया कि सवाना सीड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा निर्मित हाइब्रिड धान की किस्मों, जैसे सावा 7501 और सावा 7301, की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) 600 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई है, जबकि किसानों से इन बीजों को मात्र 23.89 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाता है। कंपनी द्वारा बीजों की कालाबाजारी की जा रही है और एमआरपी से अधिक कीमत पर इन बीजों को बेचा जा रहा है, जिससे किसानों का शोषण हो रहा है।
कंपनी की कमाई और किसानों को नुकसान : औलख ने कहा कि सवाना सीड्स कंपनी ने पिछले वर्ष हरियाणा में लगभग 1800 मीट्रिक टन हाइब्रिड धान बीज बेचकर करीब 108 करोड़ रुपये का कारोबार किया। जबकि यदि किसानों का धान सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर भी बिकता तो 1800 मीट्रिक टन धान की कीमत मात्र 4 करोड़ 30 लाख रुपये होती। यह भारी अंतर किसानों को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार से मांग की है कि बीज कंपनियों की मनमानी एमआरपी पर अंकुश लगाया जाए। उन्होंने कहा कि हाइब्रिड धान के बीज सहकारी समितियों और सरकारी बीज बिक्री केंद्रों के माध्यम से बेचे जाने चाहिए, ताकि किसानों का शोषण और कालाबाजारी रोकी जा सके। इसके साथ ही, सवाना सीड्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य बीज कंपनियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया जाए।
इस अवसर पर बीकेई के नेता गुरप्रीत सिंह संधू, अमरीक सिंह बाजवा, सरदूल सिंह भट्टी, पूर्व सरपंच सतबीर सिंह बाजवा, बलदेव सिंह भट्टी, त्रिलोक सिंह खारा, राजकुमार मिस्त्री, सत्यानंद नंबरदार, बलिहार सिंह रंधावा, तारा सिंह भंगू और दिलबाग सिंह माैजूद रहे।
Trending Videos
कंपनी की कमाई और किसानों को नुकसान : औलख ने कहा कि सवाना सीड्स कंपनी ने पिछले वर्ष हरियाणा में लगभग 1800 मीट्रिक टन हाइब्रिड धान बीज बेचकर करीब 108 करोड़ रुपये का कारोबार किया। जबकि यदि किसानों का धान सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर भी बिकता तो 1800 मीट्रिक टन धान की कीमत मात्र 4 करोड़ 30 लाख रुपये होती। यह भारी अंतर किसानों को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार से मांग की है कि बीज कंपनियों की मनमानी एमआरपी पर अंकुश लगाया जाए। उन्होंने कहा कि हाइब्रिड धान के बीज सहकारी समितियों और सरकारी बीज बिक्री केंद्रों के माध्यम से बेचे जाने चाहिए, ताकि किसानों का शोषण और कालाबाजारी रोकी जा सके। इसके साथ ही, सवाना सीड्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य बीज कंपनियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस अवसर पर बीकेई के नेता गुरप्रीत सिंह संधू, अमरीक सिंह बाजवा, सरदूल सिंह भट्टी, पूर्व सरपंच सतबीर सिंह बाजवा, बलदेव सिंह भट्टी, त्रिलोक सिंह खारा, राजकुमार मिस्त्री, सत्यानंद नंबरदार, बलिहार सिंह रंधावा, तारा सिंह भंगू और दिलबाग सिंह माैजूद रहे।
