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Sirsa News: हरियाणा लोक सेवा आयोग के खिलाफ विश्वविद्यालय में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:42 PM IST
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सीडीएल्यू में छात्र विरोध जताते हुए।
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सिरसा। चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने शनिवार को हरियाणा लोक सेवा आयोग के खिलाफ शनिवार को प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय के बाइपास गेट से लेकर कचहरी गेट तक रोष मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने सरकार व आयोग की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। युवाओं ने चेयरमैन से कुर्सी खाली करने व मुर्दाबाद के नारे लगाए।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर 29 दिसंबर से पंचकूला के सेक्टर-5 में लगातार धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन अब तक सरकार व आयोग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में मजबूरन अभ्यर्थियों को सड़कों पर आंदोलन करना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में लागू किया गया स्क्रीनिंग टेस्ट में 35 प्रतिशत अंक का कट-ऑफ तथाकथित मेरिट के नाम पर एक भेदभावपूर्ण व्यवस्था बन चुका है। इस अव्यवहारिक मापदंड की वजह से हजारों पद खाली रह जा रहे हैं, जबकि योग्य अभ्यर्थी बेरोजगार घूमने के लिए मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने ये मांगें रखीं
स्क्रीनिंग टेस्ट में 35 प्रतिशत का क्राइटेरिया तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए
विज्ञापित पदों के कम से कम दोगुने अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाए
सभी उत्तर पुस्तिकाएं/ओएमआर शीट्स आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएं
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प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर 29 दिसंबर से पंचकूला के सेक्टर-5 में लगातार धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन अब तक सरकार व आयोग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में मजबूरन अभ्यर्थियों को सड़कों पर आंदोलन करना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में लागू किया गया स्क्रीनिंग टेस्ट में 35 प्रतिशत अंक का कट-ऑफ तथाकथित मेरिट के नाम पर एक भेदभावपूर्ण व्यवस्था बन चुका है। इस अव्यवहारिक मापदंड की वजह से हजारों पद खाली रह जा रहे हैं, जबकि योग्य अभ्यर्थी बेरोजगार घूमने के लिए मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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अभ्यर्थियों ने ये मांगें रखीं
स्क्रीनिंग टेस्ट में 35 प्रतिशत का क्राइटेरिया तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए
विज्ञापित पदों के कम से कम दोगुने अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाए
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