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Sirsa News: आरोपी कैशियर का मोबाइल बंद, एसआईटी ने भेजे 3 बार नोटिस, नहीं दिया जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 06 Mar 2026 12:02 AM IST
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बडागुढ़ा सहकारी बैंक मामला : 3.50 लाख रुपये का एक मामला और हुआ उजागर, उपभोक्ता को जैसे-तैसे कर करवा दिया चुप
- शाखा प्रबंधक का किया तबादला, जसवीर सिंह को लगाया नया शाखा प्रबंधक
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ागुढ़ा। गांव बड़ागुढ़ा स्थित दी केन्द्रीय सहकारी बैंक की शाखा में कैशियर द्वारा एक महिला उपभोक्ता के खाते से की गई लाखों रुपये की हेरफेर के मामले की जांच पिछले करीब 12 दिनों से एसआईटी कर रही है। बैंक के महाप्रबंधक ने 15 दिन में जांच रिपोर्ट तलब करने के आदेश दिए हुए हैं।
वहीं, इस मामले के बाद शाखा प्रबंधक इंद्रपाल का भी बड़ागुढ़ा शाखा से पन्नीवाला मोटा शाखा में तबादला कर दिया गया। उनकी जगह पन्नीवाला मोटा के शाखा प्रबंधक जसवीर सिंह को बड़ागुढ़ा लगाया गया है। एसआईटी द्वारा आरोपी कैशियर सुभाष चाहर को जांच में शामिल होने के लिए बार-बार संपर्क किया गया, लेकिन मामला उजागर होने के बाद से ही उसका फोन बंद आ रहा है। इसके साथ-साथ एसआईटी द्वारा उसे 3 बार नोटिस भी भेजे जा चुके हैं, लेकिन उसने इसका कोई जवाब नहीं दिया।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सुभाष की बड़ागुढ़ा शाखा के अलावा जहां-जहां भी तैनाती रही है, वहां अगर गहनता से जांच की जाए तो और बड़ा हेरफेर सामने आ सकता है। बड़ागुढ़ा शाखा में आरोपी कैशियर ने गांव बड़ागुढ़ा निवासी महिला नसीब कौर के साथ कई बार धोखाधड़ी कर लाखों रुपये का गबन किया है। इसमें 15 दिन पूर्व 7 लाख 35 हजार रुपये का एक बड़ा मामला सामने आ चुका है।
यह मामला जैसे ही मीडिया तक पहुंचा तो आनन-फानन शाखा प्रबंधन की ओर से उक्त उपभोक्ता के खाते में उक्त पैसे वापस जमा करवा दिए गए, ताकि किसी तरह बैंक की साख को धूमिल होने से बचाया जा सके और उपभोक्ता इस मामले को ज्यादा न उठाएं।
एक और घोटाला निकला तो करवा दिया उपभोक्ता को चुप
आरोपी कैशियर सुभाष की घोटाले की फेहरिस्त और लंबी होती जा रही है। उसका बड़ागुढ़ा शाखा में ही एक और लाखों का घोटाला सामने आया। जिसमें आरोपी कैशियर ने इसी तर्ज पर गांव रघुवाना निवासी एक उपभोक्ता के खाते से बिना उसकी अनुमति के अपनी मर्जी से करीब 3 लाख 50 हजार रुपये निकाल लिए। ये मामला जैसे ही उठा तो बैंक द्वारा उपभोक्ता को आनन-फानन बैंक में बुलाकर जैसे-तैसे कर चुप करवा दिया गया। इस मामले की मीडिया को भनक न लगे, इसके लिए बैंक द्वारा उपभोक्ता को जैसे-तैसे कर शांत कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी को भी अब तक इस मामले की भनक नहीं है।
कोट्स
एसआईटी की जांच अभी चल रही है। कैशियर सुभाष से संपर्क नहीं हो पाया। इसी सप्ताह इस मामले की जांच रिपोर्ट महाप्रबंधक को सौंप देंगे। इस मामले में आगामी कार्रवाई महाप्रबंधक की ओर से की जाएगी।
- अभय जिंदल, असिस्टेंट मैनेजर एवं एसआईटी सदस्य (सीबी सिरसा)
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ागुढ़ा। गांव बड़ागुढ़ा स्थित दी केन्द्रीय सहकारी बैंक की शाखा में कैशियर द्वारा एक महिला उपभोक्ता के खाते से की गई लाखों रुपये की हेरफेर के मामले की जांच पिछले करीब 12 दिनों से एसआईटी कर रही है। बैंक के महाप्रबंधक ने 15 दिन में जांच रिपोर्ट तलब करने के आदेश दिए हुए हैं।
वहीं, इस मामले के बाद शाखा प्रबंधक इंद्रपाल का भी बड़ागुढ़ा शाखा से पन्नीवाला मोटा शाखा में तबादला कर दिया गया। उनकी जगह पन्नीवाला मोटा के शाखा प्रबंधक जसवीर सिंह को बड़ागुढ़ा लगाया गया है। एसआईटी द्वारा आरोपी कैशियर सुभाष चाहर को जांच में शामिल होने के लिए बार-बार संपर्क किया गया, लेकिन मामला उजागर होने के बाद से ही उसका फोन बंद आ रहा है। इसके साथ-साथ एसआईटी द्वारा उसे 3 बार नोटिस भी भेजे जा चुके हैं, लेकिन उसने इसका कोई जवाब नहीं दिया।
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सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सुभाष की बड़ागुढ़ा शाखा के अलावा जहां-जहां भी तैनाती रही है, वहां अगर गहनता से जांच की जाए तो और बड़ा हेरफेर सामने आ सकता है। बड़ागुढ़ा शाखा में आरोपी कैशियर ने गांव बड़ागुढ़ा निवासी महिला नसीब कौर के साथ कई बार धोखाधड़ी कर लाखों रुपये का गबन किया है। इसमें 15 दिन पूर्व 7 लाख 35 हजार रुपये का एक बड़ा मामला सामने आ चुका है।
यह मामला जैसे ही मीडिया तक पहुंचा तो आनन-फानन शाखा प्रबंधन की ओर से उक्त उपभोक्ता के खाते में उक्त पैसे वापस जमा करवा दिए गए, ताकि किसी तरह बैंक की साख को धूमिल होने से बचाया जा सके और उपभोक्ता इस मामले को ज्यादा न उठाएं।
एक और घोटाला निकला तो करवा दिया उपभोक्ता को चुप
आरोपी कैशियर सुभाष की घोटाले की फेहरिस्त और लंबी होती जा रही है। उसका बड़ागुढ़ा शाखा में ही एक और लाखों का घोटाला सामने आया। जिसमें आरोपी कैशियर ने इसी तर्ज पर गांव रघुवाना निवासी एक उपभोक्ता के खाते से बिना उसकी अनुमति के अपनी मर्जी से करीब 3 लाख 50 हजार रुपये निकाल लिए। ये मामला जैसे ही उठा तो बैंक द्वारा उपभोक्ता को आनन-फानन बैंक में बुलाकर जैसे-तैसे कर चुप करवा दिया गया। इस मामले की मीडिया को भनक न लगे, इसके लिए बैंक द्वारा उपभोक्ता को जैसे-तैसे कर शांत कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी को भी अब तक इस मामले की भनक नहीं है।
कोट्स
एसआईटी की जांच अभी चल रही है। कैशियर सुभाष से संपर्क नहीं हो पाया। इसी सप्ताह इस मामले की जांच रिपोर्ट महाप्रबंधक को सौंप देंगे। इस मामले में आगामी कार्रवाई महाप्रबंधक की ओर से की जाएगी।
- अभय जिंदल, असिस्टेंट मैनेजर एवं एसआईटी सदस्य (सीबी सिरसा)