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Sirsa News: गांव चाहरवाला के राजकीय स्कूल के 100 वर्ष पूरे

संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 16 Jan 2026 11:41 PM IST
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chaharwal school completed 100 years
चोपटा।गांव चाहरवाला में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल
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पूर्व छात्र मिलन समारोह का ग्रामीण मिलकर करेंगे आयोजन, स्कूल को सजाया
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- फोटो - 21
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। गांव चाहरवाला में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सौ वर्ष पूर्व होने पर 18 जनवरी को शताब्दी छात्र मिलन समारोह व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। स्कूल में कार्यक्रम के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। स्कूल को रंग-रोगन करने के साथ ही सजाया गया है।
इस समारोह में मुख्या अतिथि टीसीआई टॉसपोर्ट के प्रबंधक धर्मपाल अग्रवाल व जिला उपायुक्त शांतुन शर्मा, एसपी दीपक सहारन में होंगे। इस समारोह में पूर्व छात्र रहे चीफ, कर्नल, तहसीलदार, प्राचार्य समेत अन्य पदों पर पहुंचने वाले छात्रों को सम्मानित किया जाएगा।
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अध्यापक रविंद्र कुमार ख्यालिया व ग्रामीण मुकेश कुमार ने बताया कि स्कूल में पूर्व छात्र को निमंत्रण दिया गया है। वहीं, जो छात्र रहे हैं, उनके परिजनों को भी बुलाया गया है।
1926 से चल रहा है स्कूल

गांव चाहरवाला में स्कूल की नींव लाला हरदेव शाह, ठाकुर भार्गव दास द्वारा रखी गई थी। वर्ष 1926 में प्राथमिक स्कूल में पहली हाजिरी लगने लगी। इसके बाद छात्रों की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी। स्कूल को वर्ष 1934 में मिडिल स्कूल के तौर पर अपग्रेड कर दिया गया। स्कूल को वर्ष 1952 में हाईस्कूल व इसके बाद सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा मिला। उस दौरान चोपटा क्षेत्र में स्कूलों की संख्या नाममात्र थी। इस पर स्कूल में चोपटा क्षेत्र के 14 गांवों के बच्चे स्कूल में पढ़ने के लिए आते थे।
इस स्कूल में गांव चाहरवाला, जोगीवाला, रामपुरा बगडिया, कागदाना, कुम्हारियां, जसनियां, गिगोरानी, शाहपुरियां, दैयड़, जंडवाला बागड़, रूपाना गंजा, रूपाना बिश्रोईयां, शक्करमंदोरी, तरकांवाली के बच्चे पढ़ने आते थे।
14 गांवों के 2500 पूर्व छात्रों को दिया गया आमंत्रण
ग्रामीण मुकेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने पहल करते हुए 100 साल पूर्ण होने पर आसपास के 14 गांवों के पूर्व छात्रों को निमंत्रण दिया है। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर सारी व्यवस्था की है। ग्रामीण घर-घर जाकर स्वयं पूर्व छात्रों से मुलाकात कर उन्हें बुला रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के स्कूल के जनवरी में 100 साल पूरे हुए हैं। इन सौ सालों में बहुत कुछ बदल गया है, लेकिन सरकारी स्कूल का महत्व हमारे लिए नहीं बदला है। सालों पुरानी यादों को ताजा करने और गांवों से पूर्व छात्रों को जोड़ने के लिए यह निर्णय गांव ने मिलकर किया है।
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