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नशा, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या : पुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:47 PM IST
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सिरसा। सीडीएलयू में विद्यार्थियों के साथ डॉ. रविंद्र पुरी । संवाद
- फोटो : 1
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा किए बिना नशा मुक्त समाज की परिकल्पना संभव नहीं है। ये विचार मनोवैज्ञानिक एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. रविंद्र पुरी ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के टैगोर एक्सटेंशन लेक्चर थिएटर में व्यक्त किए। वह वीरवार को विश्वविद्यालय के प्राणिशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित नशा और मानसिक स्वास्थ्य विषयक विस्तार व्याख्यान में बतौर रिसोर्स पर्सन विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
अपने संबोधन में डॉ. रविंद्र पुरी ने कहा कि नशा केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य से गहराई से जुड़ी समस्या है। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों के सेवन से अवसाद, चिंता, चिड़चिड़ापन, स्मृति ह्रास तथा अनेक गंभीर मानसिक विकार उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने युवाओं को पीयर प्रेशर, शैक्षणिक तनाव और सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों से सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि नशा एक इलाज योग्य समस्या है, जिससे समय पर परामर्श, परिवार के सहयोग और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर पूर्ण रूप से मुक्ति पाई जा सकती है।
अध्यक्षता करते हुए प्राणिशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर जोगिंदर दुहन ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अकादमिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को भी निरंतर बढ़ावा दे रहा है।
प्राणिशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. हरकृष्ण ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के मार्गदर्शन में नशे के विरुद्ध व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा समय-समय पर व्याख्यान, कार्यशालाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नशा केवल शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क से जुड़ी एक गंभीर मानसिक बीमारी है, जो व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और निर्णय क्षमता को प्रभावित करती है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. हरकृष्ण ने मुख्य वक्ता डॉ. रविंद्र पुरी का स्वागत किया। व्याख्यान के उपरांत सभी उपस्थित विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर डॉ. सुरेश, डॉ. ज्योति, डॉ. सुखमीत, तरविंदर कौर सहित अन्य शिक्षण एवं गैर शिक्षण कर्मचारी तथा शोधार्थी उपस्थित रहे।
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सिरसा। मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा किए बिना नशा मुक्त समाज की परिकल्पना संभव नहीं है। ये विचार मनोवैज्ञानिक एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. रविंद्र पुरी ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के टैगोर एक्सटेंशन लेक्चर थिएटर में व्यक्त किए। वह वीरवार को विश्वविद्यालय के प्राणिशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित नशा और मानसिक स्वास्थ्य विषयक विस्तार व्याख्यान में बतौर रिसोर्स पर्सन विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
अपने संबोधन में डॉ. रविंद्र पुरी ने कहा कि नशा केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य से गहराई से जुड़ी समस्या है। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों के सेवन से अवसाद, चिंता, चिड़चिड़ापन, स्मृति ह्रास तथा अनेक गंभीर मानसिक विकार उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने युवाओं को पीयर प्रेशर, शैक्षणिक तनाव और सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों से सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि नशा एक इलाज योग्य समस्या है, जिससे समय पर परामर्श, परिवार के सहयोग और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर पूर्ण रूप से मुक्ति पाई जा सकती है।
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अध्यक्षता करते हुए प्राणिशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर जोगिंदर दुहन ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अकादमिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को भी निरंतर बढ़ावा दे रहा है।
प्राणिशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. हरकृष्ण ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के मार्गदर्शन में नशे के विरुद्ध व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा समय-समय पर व्याख्यान, कार्यशालाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नशा केवल शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क से जुड़ी एक गंभीर मानसिक बीमारी है, जो व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और निर्णय क्षमता को प्रभावित करती है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. हरकृष्ण ने मुख्य वक्ता डॉ. रविंद्र पुरी का स्वागत किया। व्याख्यान के उपरांत सभी उपस्थित विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर डॉ. सुरेश, डॉ. ज्योति, डॉ. सुखमीत, तरविंदर कौर सहित अन्य शिक्षण एवं गैर शिक्षण कर्मचारी तथा शोधार्थी उपस्थित रहे।
