{"_id":"6972688700eb85e732086bf2","slug":"fraud-by-captcha-code-sirsa-news-c-128-1-sir1004-151712-2026-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: अब कैप्चा कोड के जरिए होने लगी साइबर ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: अब कैप्चा कोड के जरिए होने लगी साइबर ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:42 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
एसपी दीपक सहारन ने बताया-क्लिक करते हुए मैलवेयर वायरस डाउनलोड हो जाता है
फोटो
12
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए कैप्चा कोड का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने आमजन को इस नए तरीके से सावधान रहने की अपील की है। वीरवार को उन्होंने बताया कि ठग नकली कैप्चा कोड के माध्यम से यूजर्स के डिवाइस में मैलवेयर डालकर संवेदनशील जानकारी चुरा रहे हैं।
एसपी दीपक सहारन के अनुसार, हम सभी गूगल या अन्य वेबसाइट्स पर आई एम नॉट रोबोट वाला कैप्चा देखते हैं, जिसमें चेकबॉक्स टिक करना या इमेज चुननी पड़ती है। अपराधी इसी को फर्जी बनाकर हैक की गई वेबसाइट्स, फर्जी विज्ञापनों या फिशिंग ई-मेल के जरिए लिंक भेजते हैं। यूजर जैसे ही लिंक पर क्लिक करता है और कैप्चा पूरा करने की कोशिश करता है, तो अनजाने में मैलवेयर वायरस डाउनलोड हो जाता है।
यह मैलवेयर फोन या कंप्यूटर में घुसकर बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, ओटीपी, कार्ड नंबर और अन्य निजी जानकारी चुरा लेता है। चुराई गई जानकारी साइबर क्रिमिनल्स तक पहुंचती है, जिससे वे बैंक अकाउंट खाली करवा लेते हैं या अन्य ठगी करते हैं।
एसपी ने बताया कि ठग स्पैम ई-मेल भेजते हैं, जिसमें पासवर्ड रीसेट, डिलीवरी एड्रेस बदलने, अकाउंट अपडेट या अन्य जरूरी सूचनाएं होती हैं। लिंक क्लिक करने पर फर्जी पेज खुलता है, जो असली कैप्चा जैसा दिखता है। कैप्चा भरते ही यूजर फिशिंग फॉर्म पर पहुंच जाता है, जहां वह अपनी प्राइवेट जानकारी खुद दर्ज कर देता है।
अनजान साइट्स से नोटिफिकेशन ऑन न करें
एसपी दीपक सहारन ने जनता को सलाह दी है कि साइबर ठगी से बचाव का सबसे कारगर तरीका सतर्कता और सावधानी है। अनजान लिंक कभी न क्लिक करें, बैंक डिटेल्स, ओटीपी या पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें। ब्राउजर में अनजान साइट्स से नोटिफिकेशन ऑन न करें। यदि कोई धोखाधड़ी हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते बैंक अकाउंट ब्लॉक करवाकर पैसे बचाए जा सकें।
Trending Videos
फोटो
12
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए कैप्चा कोड का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने आमजन को इस नए तरीके से सावधान रहने की अपील की है। वीरवार को उन्होंने बताया कि ठग नकली कैप्चा कोड के माध्यम से यूजर्स के डिवाइस में मैलवेयर डालकर संवेदनशील जानकारी चुरा रहे हैं।
एसपी दीपक सहारन के अनुसार, हम सभी गूगल या अन्य वेबसाइट्स पर आई एम नॉट रोबोट वाला कैप्चा देखते हैं, जिसमें चेकबॉक्स टिक करना या इमेज चुननी पड़ती है। अपराधी इसी को फर्जी बनाकर हैक की गई वेबसाइट्स, फर्जी विज्ञापनों या फिशिंग ई-मेल के जरिए लिंक भेजते हैं। यूजर जैसे ही लिंक पर क्लिक करता है और कैप्चा पूरा करने की कोशिश करता है, तो अनजाने में मैलवेयर वायरस डाउनलोड हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह मैलवेयर फोन या कंप्यूटर में घुसकर बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, ओटीपी, कार्ड नंबर और अन्य निजी जानकारी चुरा लेता है। चुराई गई जानकारी साइबर क्रिमिनल्स तक पहुंचती है, जिससे वे बैंक अकाउंट खाली करवा लेते हैं या अन्य ठगी करते हैं।
एसपी ने बताया कि ठग स्पैम ई-मेल भेजते हैं, जिसमें पासवर्ड रीसेट, डिलीवरी एड्रेस बदलने, अकाउंट अपडेट या अन्य जरूरी सूचनाएं होती हैं। लिंक क्लिक करने पर फर्जी पेज खुलता है, जो असली कैप्चा जैसा दिखता है। कैप्चा भरते ही यूजर फिशिंग फॉर्म पर पहुंच जाता है, जहां वह अपनी प्राइवेट जानकारी खुद दर्ज कर देता है।
अनजान साइट्स से नोटिफिकेशन ऑन न करें
एसपी दीपक सहारन ने जनता को सलाह दी है कि साइबर ठगी से बचाव का सबसे कारगर तरीका सतर्कता और सावधानी है। अनजान लिंक कभी न क्लिक करें, बैंक डिटेल्स, ओटीपी या पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें। ब्राउजर में अनजान साइट्स से नोटिफिकेशन ऑन न करें। यदि कोई धोखाधड़ी हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते बैंक अकाउंट ब्लॉक करवाकर पैसे बचाए जा सकें।
