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Sirsa News: मोबाइल शॉप में गुप्त अलमारी बना बेच रहा था नशा, प्रतिबंधित 1200 कैप्सूल और 890 गोलियां कीं बरामद, आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:28 PM IST
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मोबाइल शॉप दुकानदार के साथ सीआईए व ड्रग विभाग की टीम।
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कालांवाली। सीआईए स्टाफ और जिला औषधि नियंत्रक विभाग की टीम ने बुधवार को कालांवाली के पंजाब बस स्टैंड स्थित एक मोबाइल की दुकान पर छापा मारा। इस दौरान टीम ने दुकान में बनाई स्पेशल अलमारी से नशे में इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित 1200 कैप्सूल और 890 गोलियां बरामद कीं। ड्रग विभाग ने दुकानदार जोगिंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर (डीसीओ) केशव वशिष्ठ ने बताया कि उन्हें मोबाइल शॉप में नशीली दवाओं की बिक्री की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस टीम के साथ दुकान की बारीकी से तलाशी ली गई तो गुप्त अलमारी का पता चला। दुकानदार जोगिंद्र सिंह ने नशीली दवाएं छिपाने के लिए दुकान में एक गुप्त अलमारी बना रखी थी ताकि किसी को शक न हो।
मेडिकल लाइसेंस रद्द कराने की लगा रखी है फाइल
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी जोगिंद्र सिंह इस दुकान में पहले मेडिकल स्टोर चलाता था और उसके पास बकायदा मेडिकल का लाइसेंस भी है। पहले भी उसके मेडिकल स्टोर से नशीली दवाएं बरामद हुई थीं जिसके चलते उस पर प्राथमिकी दर्ज है। आरोपी ने बताया कि उस मामले के बाद उसने अपना मेडिकल लाइसेंस रद्द कराने के लिए फाइल लगाई हुई थी। इसके बाद उसने मोबाइल शॉप कर नशे का कारोबार जारी रखा।
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डीसीओ ने चेतावनी दी है कि सरकार और प्रशासन नशे के खिलाफ पूरी तरह गंभीर हैं। यदि भविष्य में कोई मेडिकल संचालक या अन्य दुकानदार नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की अवैध बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर (डीसीओ) केशव वशिष्ठ ने बताया कि उन्हें मोबाइल शॉप में नशीली दवाओं की बिक्री की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस टीम के साथ दुकान की बारीकी से तलाशी ली गई तो गुप्त अलमारी का पता चला। दुकानदार जोगिंद्र सिंह ने नशीली दवाएं छिपाने के लिए दुकान में एक गुप्त अलमारी बना रखी थी ताकि किसी को शक न हो।
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मेडिकल लाइसेंस रद्द कराने की लगा रखी है फाइल
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी जोगिंद्र सिंह इस दुकान में पहले मेडिकल स्टोर चलाता था और उसके पास बकायदा मेडिकल का लाइसेंस भी है। पहले भी उसके मेडिकल स्टोर से नशीली दवाएं बरामद हुई थीं जिसके चलते उस पर प्राथमिकी दर्ज है। आरोपी ने बताया कि उस मामले के बाद उसने अपना मेडिकल लाइसेंस रद्द कराने के लिए फाइल लगाई हुई थी। इसके बाद उसने मोबाइल शॉप कर नशे का कारोबार जारी रखा।
डीसीओ ने चेतावनी दी है कि सरकार और प्रशासन नशे के खिलाफ पूरी तरह गंभीर हैं। यदि भविष्य में कोई मेडिकल संचालक या अन्य दुकानदार नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की अवैध बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।