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Sirsa News: सांसद सैलजा बोलीं- कच्चा तेल सस्ता, फिर भी सरकार नहीं घटा रही पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के दाम
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:45 PM IST
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सिरसा। बढ़ती महंगाई और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई देश के करोड़ों परिवारों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है और रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। उन्होंने कहा कि कच्चा तेल सस्ता है तो सरकार पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के दाम कब घटाएगी।
सैलजा ने कहा कि बच्चों की शिक्षा, बिजली, परिवहन और दैनिक जरूरतों के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं जबकि आम नागरिक की आय उसी अनुपात में नहीं बढ़ रही। उन्होंने मांग की कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और पेट्रोल, डीजल व एलपीजी के दाम तत्काल घटाए जाएं।
उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में थोक महंगाई दर और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि यह दर्शाती है कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में असफल रही है। खाद्य पदार्थों, बिजली और ईंधन की बढ़ती लागत का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
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सैलजा ने सवाल उठाया कि जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी नीचे आ चुकी हैं तब भी पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में उसी अनुपात में राहत क्यों नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि हाल के समय में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है जबकि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम घटने के बाद राहत मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महंगाई केवल आर्थिक आंकड़ा नहीं बल्कि किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, गृहिणियों और मध्यम वर्ग के लिए रोजमर्रा की चुनौती है। जनता जानना चाहती है कि उसे महंगाई से कब राहत मिलेगी।
सैलजा ने कहा कि बच्चों की शिक्षा, बिजली, परिवहन और दैनिक जरूरतों के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं जबकि आम नागरिक की आय उसी अनुपात में नहीं बढ़ रही। उन्होंने मांग की कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और पेट्रोल, डीजल व एलपीजी के दाम तत्काल घटाए जाएं।
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उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में थोक महंगाई दर और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि यह दर्शाती है कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में असफल रही है। खाद्य पदार्थों, बिजली और ईंधन की बढ़ती लागत का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
सैलजा ने सवाल उठाया कि जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी नीचे आ चुकी हैं तब भी पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में उसी अनुपात में राहत क्यों नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि हाल के समय में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है जबकि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम घटने के बाद राहत मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महंगाई केवल आर्थिक आंकड़ा नहीं बल्कि किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, गृहिणियों और मध्यम वर्ग के लिए रोजमर्रा की चुनौती है। जनता जानना चाहती है कि उसे महंगाई से कब राहत मिलेगी।