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Sirsa News: लू का असर, तापमान 43 डिग्री, दोपहर में सड़कें वीरान
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 24 Apr 2026 12:03 AM IST
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गर्मी के मौसम में लू से बचते हुए छात्राएं । संवाद
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- न्यूनतम तापमान पहुंचा 22.6 डिग्री, गर्मी के मौसम में बढ़ी बिजली की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में लू का असर देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर बहुत कम लोग नजर आ रहे हैं। वीरवार को कई सड़कें वीरान हो गईं।वीरवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री पहुंच गया और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री दर्ज किया गया। गर्म हवा ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया।
गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशुओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गर्मी के कारण पशु भी बेहाल हो रहे हैं। अधिक गर्मी से पशु तनाव में आ जाता है। दुधारू पशुओं में दूध कम होने लगता है। ग्रामीण क्षेत्र में जोहड़ के लिए पानी की मांग को देखते हुए कई नहरों में पानी छोड़ा गया है ताकि वन्य जीव व ग्रामीणों के पशुओं को पानी मिल सके।
पशु चिकित्सकों के अनुसार, शारीरिक तापमान में वृद्धि होने पर पशु हांफने लगता है। उसके शरीर में आवश्यक तत्वों की कमी हो जाती है। इसलिए पशु पालक पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए दिन में दो से तीन बार पानी पिला रहे हैं।
पशु चिकित्सक डॉ. सुखविंदर सिंह का कहना है कि पशुपालक गर्मी को देखते हुए पशुओं को दिन में कम से कम 5-6 बार पानी पिलाएं। पशुओं को टिन की छत के नीचे न बैठाएं। उनसे ज्यादा काम न लें। इसके अलावा, नियमित रूप से पशुओं को खनिज मिश्रण दें।
गर्मी को देखते हुए चिकित्सक लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे घर से निकलते समय ताजा भोजन व पानी का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें। शरीर को तौलिया या गमछा से जरूर ढक कर रखें। इसके अलावा, हल्के रंग के कपड़ों का उपयोग करें क्योंकि हल्के रंग आंखों को ठंडक पहुंचाते हैं।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र को जाने वाली सड़कों पर हर जगह गन्ने का जूस बेचने वाले नजर आ रहे हैं। कहीं तरबूज के ढेर देखने को मिल रहे हैं। गर्मी के मौसम में खुद को बचाने के लिए ज्यादातर गन्ने के जूस का प्रयोग कर रहे हैं।
वहीं, सड़कों पर फास्ट फूड गर्मी के मौसम में गायब हो गया है क्योंकि लोग स्वयं को बचाने के लिए फास्ट फूड से दूरी बना रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र में तरबूज की मांग बढ़ गई है। 15 से 20 रुपये किलो के हिसाब से तरबूज मिल रहा है। चिकित्सक भी सलाह दे रहे हैं कि लोग पानी की कमी को पूर्ण करने के लिए जूस, तरबूज व नारियल पानी का सेवन करें।
पिछले सप्ताह इतना रहा अधिकतम तापमान
17 अप्रैल 39 डिग्री
18 अप्रैल 40 डिग्री
19 अप्रैल 40 डिग्री
20 अप्रैल 41.2 डिग्री
21 अप्रैल 42 डिग्री
22 अप्रैल 42डिग्री
23 अप्रैल 43 डिग्री
लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
बढ़ती गर्मी में लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाएं, आईवी फ्लूइड, ओआरएस, आइस पैक व कूलिंग उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता रखने के निर्देश दिए हैं। सिविल सर्जन प्रमोद शर्मा का कहना है कि लू से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए अलग से स्थान निर्धारित गया गया है ताकि उन्हें तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके।
कैफीन या अल्कोहल युक्त तरल पदार्थों से बचें
सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद शर्मा का कहना है कि अधिकतम तापमान 40 से ऊपर जाने पर लोगों को धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। खासकर दोपहर 12 से 3 बजे के बीच। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो पानी पीकर व शरीर को तौलिया या गमछा से जरूर ढक कर रखें। कैफीन या अल्कोहल युक्त तरल पदार्थों से बचें क्योंकि ये दोनों पदार्थ आपके शरीर से अधिक तरल पदार्थ निकाल सकते हैं।
कोट्स
गर्मी के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हर प्रकार से तैयारी रखी है। नागरिक अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों में लू उपचार के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। गर्मी में लोग ज्यादा देर तक बाहर न रहें। खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच। दिनभर ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं।
-डॉ. प्रमोद शर्मा, सिविल सर्जन, सिरसा।
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सिरसा। जिले में लू का असर देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर बहुत कम लोग नजर आ रहे हैं। वीरवार को कई सड़कें वीरान हो गईं।वीरवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री पहुंच गया और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री दर्ज किया गया। गर्म हवा ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया।
गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशुओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गर्मी के कारण पशु भी बेहाल हो रहे हैं। अधिक गर्मी से पशु तनाव में आ जाता है। दुधारू पशुओं में दूध कम होने लगता है। ग्रामीण क्षेत्र में जोहड़ के लिए पानी की मांग को देखते हुए कई नहरों में पानी छोड़ा गया है ताकि वन्य जीव व ग्रामीणों के पशुओं को पानी मिल सके।
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पशु चिकित्सकों के अनुसार, शारीरिक तापमान में वृद्धि होने पर पशु हांफने लगता है। उसके शरीर में आवश्यक तत्वों की कमी हो जाती है। इसलिए पशु पालक पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए दिन में दो से तीन बार पानी पिला रहे हैं।
पशु चिकित्सक डॉ. सुखविंदर सिंह का कहना है कि पशुपालक गर्मी को देखते हुए पशुओं को दिन में कम से कम 5-6 बार पानी पिलाएं। पशुओं को टिन की छत के नीचे न बैठाएं। उनसे ज्यादा काम न लें। इसके अलावा, नियमित रूप से पशुओं को खनिज मिश्रण दें।
गर्मी को देखते हुए चिकित्सक लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे घर से निकलते समय ताजा भोजन व पानी का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें। शरीर को तौलिया या गमछा से जरूर ढक कर रखें। इसके अलावा, हल्के रंग के कपड़ों का उपयोग करें क्योंकि हल्के रंग आंखों को ठंडक पहुंचाते हैं।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र को जाने वाली सड़कों पर हर जगह गन्ने का जूस बेचने वाले नजर आ रहे हैं। कहीं तरबूज के ढेर देखने को मिल रहे हैं। गर्मी के मौसम में खुद को बचाने के लिए ज्यादातर गन्ने के जूस का प्रयोग कर रहे हैं।
वहीं, सड़कों पर फास्ट फूड गर्मी के मौसम में गायब हो गया है क्योंकि लोग स्वयं को बचाने के लिए फास्ट फूड से दूरी बना रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र में तरबूज की मांग बढ़ गई है। 15 से 20 रुपये किलो के हिसाब से तरबूज मिल रहा है। चिकित्सक भी सलाह दे रहे हैं कि लोग पानी की कमी को पूर्ण करने के लिए जूस, तरबूज व नारियल पानी का सेवन करें।
पिछले सप्ताह इतना रहा अधिकतम तापमान
17 अप्रैल 39 डिग्री
18 अप्रैल 40 डिग्री
19 अप्रैल 40 डिग्री
20 अप्रैल 41.2 डिग्री
21 अप्रैल 42 डिग्री
22 अप्रैल 42डिग्री
23 अप्रैल 43 डिग्री
लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
बढ़ती गर्मी में लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाएं, आईवी फ्लूइड, ओआरएस, आइस पैक व कूलिंग उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता रखने के निर्देश दिए हैं। सिविल सर्जन प्रमोद शर्मा का कहना है कि लू से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए अलग से स्थान निर्धारित गया गया है ताकि उन्हें तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके।
कैफीन या अल्कोहल युक्त तरल पदार्थों से बचें
सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद शर्मा का कहना है कि अधिकतम तापमान 40 से ऊपर जाने पर लोगों को धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। खासकर दोपहर 12 से 3 बजे के बीच। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो पानी पीकर व शरीर को तौलिया या गमछा से जरूर ढक कर रखें। कैफीन या अल्कोहल युक्त तरल पदार्थों से बचें क्योंकि ये दोनों पदार्थ आपके शरीर से अधिक तरल पदार्थ निकाल सकते हैं।
कोट्स
गर्मी के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हर प्रकार से तैयारी रखी है। नागरिक अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों में लू उपचार के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। गर्मी में लोग ज्यादा देर तक बाहर न रहें। खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच। दिनभर ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं।
-डॉ. प्रमोद शर्मा, सिविल सर्जन, सिरसा।

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