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Sirsa News: महापंचायत में पांच जिलों के किसानों ने भरी हुंकार, विधायक-सरपंच पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 04 Jun 2026 01:00 AM IST
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महापंचायत में सबोधित करते हुए रानियां विधायक अर्जुन चौटाला। संवाद
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- नहीं हुआ समाधान तो 22 जून को चोपटा में होगी पुन: महापंचायत, 25 को सिंचाई मंत्री के आवास का करेंगे घेराव
किसानों का समर्थन करने पहुंचे रानियां विधायक अर्जुन चौटाला, कांग्रेस व जजपा के जिलाध्यक्ष
फोटो-- 24,25,26
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हिसार-घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन पांच जिलों जींद, हिसार, भिवानी, फतेहाबाद और सिरसा से गुजरती है। इन जिलों के किसानों ने बुधवार को ओटू हेड पर पहुंचकर महापंचायत में भाग लिया और हुंकार भरी। विधायक से लेकर सरपंच तक पहुंचे। महापंचायत की पूर्व घोषणा के चलते भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
महापंचायत में अधिकारियों से बातचीत के बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी गई कि अगर जल्द इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया तो चोपटा में 22 जून को महापंचायत होगी। उसके बाद सिंचाई मंत्री के आवास का 25 जून को घेराव किया जाएगा।
महापंचायत की अध्यक्षता स्वर्ण सिंह विर्क, सुरजीत सिंह और प्रकाश ममेरा ने संयुक्त तौर पर की। किसान नेताओं ने बताया कि आज संयुक्त किसान मोर्चा ऐलनाबाद के तत्वावधान में पंचायत की गई। इसमें हिसार-घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन की मार झेल रहे भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, जींद जिले के समस्त पीड़ित किसान पहुंचे। महापंचायत में एसडीएम और विभाग के अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता और एसडीओ मौके पर आए। उन्हें सभी समस्याओं और मांग से अवगत करवाया गया।
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पंचायत में समर्थन देने के लिए रानियां से इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला, कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल के बेटे सुमित बेनीवाल, कांग्रेस जिला प्रधान संतोष बेनीवाल, जेजेपी जिला प्रधान अशोक वर्मा, चोपटा सरपंच रीटा कासनियां पहुंचीं। सभी ने किसानों के मुद्दों पर अपना समर्थन दिया। वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन के घटक संगठन शामिल रहे।
किसान नेता व पूर्व विधायक बलवान पूनिया ने कहा कि किसानों की इस तबाही की जिम्मेदार सरकार है। पांच जिलों के किसानों की फसलों और घरों को बचाने के बजाय भाजपा सरकार डुबोने के काम कर रही है। लोगों ने बर्बादी के उस मंजर को देखा है जिसमें उनके घर तबाह हो गए थे। सेम की समस्या के चलते खेतों में पैदावार नहीं हो रही है। किसान-मजदूर कर्जदार हो रहे हैं। भूमिगत और सोलर ट्यूबवेल फेल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर बारिश आने से पहले सरकार ने इन मुद्दों को हल नहीं किया तो किसान संगठन आंदोलन करेंगे।
किसान पंचायत को इंद्रजीत सिंह, संदीप धीरनवास, हरि सिंह मंडा, दीवान सिंह, अभिमन्यु, मदन खोथ, राजेंद्र बालासर, राजकुमार शेखूपुरिया, सुरेंद्र सरपंच, गुरदीप, अनिल कासनियां, बलराम सहारन, राजेश बेनीवाल, बलबीर सिंह, दीवान सहारण, दिलबाग हुडा, रणधीर जोधकां, हमजिंदर, अभिमन्यु, गुरविंदर भाटी, जसबीर भाटी, गुरदास, राधेश्याम वर्मा, शीतल सिंह आदि ने संबोधित किया।
आपके घर के बाहर धरना देंगे : कांग्रेस जिलाध्यक्ष
जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने कहा कि विधायक अर्जुन चोटाला यहीं बैठे हैं। आप कान खोलकर सुन लेना। अगर ये मांग आने वाले विधानसभा सत्र में नहीं उठाई तो ये किसान साथी आपके घर के बाहर धरने देने का काम करेंगे।
अर्जुन चौटाला बोले : विधानसभा में उठेगी किसानों की आवाज
विधायक ने कहा कि वह इसकी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। विधानसभा में किसानों की आवाज उठाई जाएगी। जून में सत्र होगा और तब तक बारिश आ जाएगी। फिर चाहे कितना भी मेरे घर के आगे धरना देते रहना कोई फायदा नहीं है। कहो तो मैं यहीं दरी पर बैठ जाता हूं। उन्होंने कहा कि किसानों की सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। मुआवजे तक के लिए किसान धरना देते हैं और चक्कर काटते हैं। सारे संगठन मिलकर आगे बढ़ेंगे तो बेहतर होगा।
ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें
- ओटू हेड के पास पानी निकासी को लेकर 1500 क्यूसेक की क्षमता का स्थायी पंपसेट लगाया जाए।
- ड्रेन की किसानों की निगरानी में सफाई करवाई जाए और गाद निकाली जाए। इस गाद से तटबंधों को मजबूत किया जाए।
- जब तक स्थायी समाधान नहीं होता विभाग ड्रेन के पानी को घग्गर में डालने के लिए अस्थायी पंप की व्यवस्था करें।
- हिसार-घग्गर ड्रेन का पानी वापस न चले, इसके लिए अभी तुरंत प्रभाव से गेट लगाए जाएं।
- ड्रेन के चलते अनेक गावों में आने वाली सेम की समस्या का स्थायी हल किया जाए।
- हिसार-घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन में फैक्टरियों का गंदा पानी न डाला जाए।
- शहरों का गंदा पानी साफ करके इसमें डाला जाए।
- घग्गर से निकलने वाली नहरों की सफाई की जाए।
- ड्रेन की टेल पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाए ।
किसानों का समर्थन करने पहुंचे रानियां विधायक अर्जुन चौटाला, कांग्रेस व जजपा के जिलाध्यक्ष
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हिसार-घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन पांच जिलों जींद, हिसार, भिवानी, फतेहाबाद और सिरसा से गुजरती है। इन जिलों के किसानों ने बुधवार को ओटू हेड पर पहुंचकर महापंचायत में भाग लिया और हुंकार भरी। विधायक से लेकर सरपंच तक पहुंचे। महापंचायत की पूर्व घोषणा के चलते भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
महापंचायत में अधिकारियों से बातचीत के बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी गई कि अगर जल्द इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया तो चोपटा में 22 जून को महापंचायत होगी। उसके बाद सिंचाई मंत्री के आवास का 25 जून को घेराव किया जाएगा।
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महापंचायत की अध्यक्षता स्वर्ण सिंह विर्क, सुरजीत सिंह और प्रकाश ममेरा ने संयुक्त तौर पर की। किसान नेताओं ने बताया कि आज संयुक्त किसान मोर्चा ऐलनाबाद के तत्वावधान में पंचायत की गई। इसमें हिसार-घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन की मार झेल रहे भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, जींद जिले के समस्त पीड़ित किसान पहुंचे। महापंचायत में एसडीएम और विभाग के अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता और एसडीओ मौके पर आए। उन्हें सभी समस्याओं और मांग से अवगत करवाया गया।
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पंचायत में समर्थन देने के लिए रानियां से इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला, कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल के बेटे सुमित बेनीवाल, कांग्रेस जिला प्रधान संतोष बेनीवाल, जेजेपी जिला प्रधान अशोक वर्मा, चोपटा सरपंच रीटा कासनियां पहुंचीं। सभी ने किसानों के मुद्दों पर अपना समर्थन दिया। वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन के घटक संगठन शामिल रहे।
किसान नेता व पूर्व विधायक बलवान पूनिया ने कहा कि किसानों की इस तबाही की जिम्मेदार सरकार है। पांच जिलों के किसानों की फसलों और घरों को बचाने के बजाय भाजपा सरकार डुबोने के काम कर रही है। लोगों ने बर्बादी के उस मंजर को देखा है जिसमें उनके घर तबाह हो गए थे। सेम की समस्या के चलते खेतों में पैदावार नहीं हो रही है। किसान-मजदूर कर्जदार हो रहे हैं। भूमिगत और सोलर ट्यूबवेल फेल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर बारिश आने से पहले सरकार ने इन मुद्दों को हल नहीं किया तो किसान संगठन आंदोलन करेंगे।
किसान पंचायत को इंद्रजीत सिंह, संदीप धीरनवास, हरि सिंह मंडा, दीवान सिंह, अभिमन्यु, मदन खोथ, राजेंद्र बालासर, राजकुमार शेखूपुरिया, सुरेंद्र सरपंच, गुरदीप, अनिल कासनियां, बलराम सहारन, राजेश बेनीवाल, बलबीर सिंह, दीवान सहारण, दिलबाग हुडा, रणधीर जोधकां, हमजिंदर, अभिमन्यु, गुरविंदर भाटी, जसबीर भाटी, गुरदास, राधेश्याम वर्मा, शीतल सिंह आदि ने संबोधित किया।
आपके घर के बाहर धरना देंगे : कांग्रेस जिलाध्यक्ष
जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने कहा कि विधायक अर्जुन चोटाला यहीं बैठे हैं। आप कान खोलकर सुन लेना। अगर ये मांग आने वाले विधानसभा सत्र में नहीं उठाई तो ये किसान साथी आपके घर के बाहर धरने देने का काम करेंगे।
अर्जुन चौटाला बोले : विधानसभा में उठेगी किसानों की आवाज
विधायक ने कहा कि वह इसकी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। विधानसभा में किसानों की आवाज उठाई जाएगी। जून में सत्र होगा और तब तक बारिश आ जाएगी। फिर चाहे कितना भी मेरे घर के आगे धरना देते रहना कोई फायदा नहीं है। कहो तो मैं यहीं दरी पर बैठ जाता हूं। उन्होंने कहा कि किसानों की सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। मुआवजे तक के लिए किसान धरना देते हैं और चक्कर काटते हैं। सारे संगठन मिलकर आगे बढ़ेंगे तो बेहतर होगा।
ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें
- ओटू हेड के पास पानी निकासी को लेकर 1500 क्यूसेक की क्षमता का स्थायी पंपसेट लगाया जाए।
- ड्रेन की किसानों की निगरानी में सफाई करवाई जाए और गाद निकाली जाए। इस गाद से तटबंधों को मजबूत किया जाए।
- जब तक स्थायी समाधान नहीं होता विभाग ड्रेन के पानी को घग्गर में डालने के लिए अस्थायी पंप की व्यवस्था करें।
- हिसार-घग्गर ड्रेन का पानी वापस न चले, इसके लिए अभी तुरंत प्रभाव से गेट लगाए जाएं।
- ड्रेन के चलते अनेक गावों में आने वाली सेम की समस्या का स्थायी हल किया जाए।
- हिसार-घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन में फैक्टरियों का गंदा पानी न डाला जाए।
- शहरों का गंदा पानी साफ करके इसमें डाला जाए।
- घग्गर से निकलने वाली नहरों की सफाई की जाए।
- ड्रेन की टेल पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाए ।