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Sirsa News: लीड खबर <bha>--</bha>- वाल्मीकि चौक पर बनीं मीट की दुकानें होंगी बंद, हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:33 PM IST
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- सभी 18 दुकानदारों को नोटिस जारी, सालों से चल रही हैं दुकानें
- हाईकोर्ट में गुरुद्वारे की ओर से लगाई गई याचिका
- चेयरमैन ने दुकानदारों के साथ की बैठक, दुकानदार बोले - नगर परिषद दूसरी जगह दे
- मछली मार्केट से लेकर मीट की दुकानों के कारण माहौल रहता है खराब
- आसपास है गुरुघर, धार्मिक आस्था को लेकर लगाई गई थी याचिका
- प्रशासन देख रहा है दुकानदारों के लिए बेहतर जगह
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। वाल्मीकि चौक पर चल रहीं मीट की दुकानों और मछली बाजार को बंद करने की कवायद शुरू हो गई है। 10 मार्च को हुई हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद नगर परिषद को आदेश जारी हुए हैं कि वे तुरंत प्रभाव से दुकानों को बंद करवाने की कार्रवाई करें। इसके बाद नगर परिषद प्रशासन ने इन दुकानों को नोटिस जारी करते हुए बंद की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में दुकानदारों ने बुधवार शाम को चेयरमैन वीर शांति स्वरूप से मिलकर अपना पक्ष रखा है।
चेयरमैन ने दुकानदारों को समझाया कि हाईकोर्ट के आदेशों की पालना करना अधिकारियों का कर्तव्य है। दुकानें आज नहीं तो कल बंद करनी ही होंगी। प्रशासनिक तौर पर उनकी मांग पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
पटेल चौक और वाल्मीकि चौक क्षेत्र की 30 से ज्यादा दुकानें है। मुख्य रूप से वाल्मीकि चौक पर 18 दुकानें हैं। इनमें मीट मार्केट के साथ साथ मछली मार्केट शामिल हैं। इन दुकानों के आसपास ऐतिहासिक महत्व रखने वाला गुरुद्वारा चिल्ला साहिब है।
गुरुद्वारा प्रबंधन धार्मिक महत्व व आस्था को देखते हुए इन दुकानों को बंद करवाने को लेकर लंबे समय से प्रयासरत है। यह मामला कुछ वर्षों से हाईकोर्ट में चल रहा है। हाईकोर्ट ने नगर परिषद प्रशासन को इन दुकानों को बंद कर अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। अहम बात यह है कि अधिकतर दुकानदार चेयरमैन के परिवार या रिश्तेदारी में हैं जो सालों यह काम कर रहे हैं। इसके अलावा, उनके समाज के अन्य लोग यह कार्य कर रहे हैं।
बार-बार बदलती रहीं योजनाएं
अधिकारियों के अनुसार, मीट मार्केट को लेकर विवाद पैदा होने की सूरत में अलग-अलग जगह तलाशने के दावे होते रहे हैं। कभी हुडा सेक्टर 19 के आसपास तो कभी नटार रोड स्लाटर के आसपास मार्केट विकसित करने की योजना बनाई गई जो कभी सिरे नहीं चढ़ी। इसके बाद भी निरंतर दुकानों के लिए जगह देखने का काम जारी रहा। मौजूदा समय में नगर परिषद अपनी जगह तलाश रहा है जहां पर मार्केट विकसित किया जा सके।
बॉक्स
दुकानदार भी नियमों का नहीं कर पाए पालन
मीट की दुकानों को लेकर विशेष आदेश शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से वर्ष 2017-18 के आसपास जारी किए गए थे। इन आदेशों में दुकानदार को 21 नियमों का पालन करना था। इनमें दुकानों के आगे शीशे लगाने, खून व अन्य गंदगी न फैलने, मीट की कटिंग न करने, वेस्ट का निस्तारण करने, सीवरेज लाइन में खून व अन्य वेस्ट न डालने, एसी से लेकर सैनिटेशन की पूरी व्यवस्था आदि नियम लागू किए गए थे। इन नियमों का पालन न करने वालों की दुकानें सील करनी थीं। बावजूद इसके धड़ल्ले से दुकानें चल रही हैं। नियमों का उल्लंघन हो रहा है। वाल्मीकि चौक ही नहीं, डबवाली रोड, किसान चौक के आसपास, बेगू रोड आदि जगहों पर मीट व चिकन की दुकानें नजर आती हैं।
62 दुकानदारों के पास हैं लाइसेंस
नगर परिषद के नियमानुसार कई दुकानदारों ने अपने लाइसेंस बनवाए हुए हैं। 62 दुकानदारों के पास मीट बेचने के लाइसेंस हैं। इसके अलावा भी शहर में 70 के आसपास दुकानदार बिना लाइसेंस के अवैध रूप से मीट बेच रहे हैं। सही मायने में मीट व चिकन के व्यापार को लेकर दुकानों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
दुकानदारों ने कहा
रमेश भट्टी, प्रमोद भट्टी, सोनू भट्टी व अन्य मार्केट के लोगों ने मांग की कि वे सालों से वाल्मीकि चौक व पटेल चौक क्षेत्र में दुकानें चला रहे हैं। इन दुकानों से उनका परिवार चलता है। प्रशासन सालों से उन्हें मीट मार्केट के लिए जगह देने की बात कहता आया है। हमारी प्रशासन से मांग है कि वे मीट मार्केट को लेकर हमें जगह दें ताकि हम अपना व्यापार चला सकें। एक दम से दुकानें बंद करने से व्यापार बुरी तरह से प्रभावित होगा।
कोटस
हाईकोर्ट के आदेशों की पालना की जाएगी। दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही दुकानों को बंद करवाया जाएगा। मीट मार्केट को लेकर अधिकारियों के आदेशानुसार जगह तलाशी जाएगी।
-जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद
कोट्स
कोर्ट के आदेश आए हैं। आदेश की पालना की जाएगी। दुकानदार मिलने के लिए आए थे। उन्हें मौजूदा स्थिति के बारे में अवगत करवाया गया है ताकि वे अपनी व्यवस्था कर लें। मीट मार्केट बनाने के लिए जगह तलाशने की कोशिश अधिकारी कर रहे हैं।
-वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद
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- आसपास है गुरुघर, धार्मिक आस्था को लेकर लगाई गई थी याचिका
- प्रशासन देख रहा है दुकानदारों के लिए बेहतर जगह
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। वाल्मीकि चौक पर चल रहीं मीट की दुकानों और मछली बाजार को बंद करने की कवायद शुरू हो गई है। 10 मार्च को हुई हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद नगर परिषद को आदेश जारी हुए हैं कि वे तुरंत प्रभाव से दुकानों को बंद करवाने की कार्रवाई करें। इसके बाद नगर परिषद प्रशासन ने इन दुकानों को नोटिस जारी करते हुए बंद की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में दुकानदारों ने बुधवार शाम को चेयरमैन वीर शांति स्वरूप से मिलकर अपना पक्ष रखा है।
चेयरमैन ने दुकानदारों को समझाया कि हाईकोर्ट के आदेशों की पालना करना अधिकारियों का कर्तव्य है। दुकानें आज नहीं तो कल बंद करनी ही होंगी। प्रशासनिक तौर पर उनकी मांग पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
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पटेल चौक और वाल्मीकि चौक क्षेत्र की 30 से ज्यादा दुकानें है। मुख्य रूप से वाल्मीकि चौक पर 18 दुकानें हैं। इनमें मीट मार्केट के साथ साथ मछली मार्केट शामिल हैं। इन दुकानों के आसपास ऐतिहासिक महत्व रखने वाला गुरुद्वारा चिल्ला साहिब है।
गुरुद्वारा प्रबंधन धार्मिक महत्व व आस्था को देखते हुए इन दुकानों को बंद करवाने को लेकर लंबे समय से प्रयासरत है। यह मामला कुछ वर्षों से हाईकोर्ट में चल रहा है। हाईकोर्ट ने नगर परिषद प्रशासन को इन दुकानों को बंद कर अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। अहम बात यह है कि अधिकतर दुकानदार चेयरमैन के परिवार या रिश्तेदारी में हैं जो सालों यह काम कर रहे हैं। इसके अलावा, उनके समाज के अन्य लोग यह कार्य कर रहे हैं।
बार-बार बदलती रहीं योजनाएं
अधिकारियों के अनुसार, मीट मार्केट को लेकर विवाद पैदा होने की सूरत में अलग-अलग जगह तलाशने के दावे होते रहे हैं। कभी हुडा सेक्टर 19 के आसपास तो कभी नटार रोड स्लाटर के आसपास मार्केट विकसित करने की योजना बनाई गई जो कभी सिरे नहीं चढ़ी। इसके बाद भी निरंतर दुकानों के लिए जगह देखने का काम जारी रहा। मौजूदा समय में नगर परिषद अपनी जगह तलाश रहा है जहां पर मार्केट विकसित किया जा सके।
बॉक्स
दुकानदार भी नियमों का नहीं कर पाए पालन
मीट की दुकानों को लेकर विशेष आदेश शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से वर्ष 2017-18 के आसपास जारी किए गए थे। इन आदेशों में दुकानदार को 21 नियमों का पालन करना था। इनमें दुकानों के आगे शीशे लगाने, खून व अन्य गंदगी न फैलने, मीट की कटिंग न करने, वेस्ट का निस्तारण करने, सीवरेज लाइन में खून व अन्य वेस्ट न डालने, एसी से लेकर सैनिटेशन की पूरी व्यवस्था आदि नियम लागू किए गए थे। इन नियमों का पालन न करने वालों की दुकानें सील करनी थीं। बावजूद इसके धड़ल्ले से दुकानें चल रही हैं। नियमों का उल्लंघन हो रहा है। वाल्मीकि चौक ही नहीं, डबवाली रोड, किसान चौक के आसपास, बेगू रोड आदि जगहों पर मीट व चिकन की दुकानें नजर आती हैं।
62 दुकानदारों के पास हैं लाइसेंस
नगर परिषद के नियमानुसार कई दुकानदारों ने अपने लाइसेंस बनवाए हुए हैं। 62 दुकानदारों के पास मीट बेचने के लाइसेंस हैं। इसके अलावा भी शहर में 70 के आसपास दुकानदार बिना लाइसेंस के अवैध रूप से मीट बेच रहे हैं। सही मायने में मीट व चिकन के व्यापार को लेकर दुकानों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
दुकानदारों ने कहा
रमेश भट्टी, प्रमोद भट्टी, सोनू भट्टी व अन्य मार्केट के लोगों ने मांग की कि वे सालों से वाल्मीकि चौक व पटेल चौक क्षेत्र में दुकानें चला रहे हैं। इन दुकानों से उनका परिवार चलता है। प्रशासन सालों से उन्हें मीट मार्केट के लिए जगह देने की बात कहता आया है। हमारी प्रशासन से मांग है कि वे मीट मार्केट को लेकर हमें जगह दें ताकि हम अपना व्यापार चला सकें। एक दम से दुकानें बंद करने से व्यापार बुरी तरह से प्रभावित होगा।
कोटस
हाईकोर्ट के आदेशों की पालना की जाएगी। दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही दुकानों को बंद करवाया जाएगा। मीट मार्केट को लेकर अधिकारियों के आदेशानुसार जगह तलाशी जाएगी।
-जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद
कोट्स
कोर्ट के आदेश आए हैं। आदेश की पालना की जाएगी। दुकानदार मिलने के लिए आए थे। उन्हें मौजूदा स्थिति के बारे में अवगत करवाया गया है ताकि वे अपनी व्यवस्था कर लें। मीट मार्केट बनाने के लिए जगह तलाशने की कोशिश अधिकारी कर रहे हैं।
-वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद