{"_id":"69bc39e99c3512eed90d52fb","slug":"rain-in-district-sirsa-news-c-128-1-sir1002-155041-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: हल्की बूंदाबांदी से बदला मौसम, ठंडी हवा ने बढ़ाई ठिठुरन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: हल्की बूंदाबांदी से बदला मौसम, ठंडी हवा ने बढ़ाई ठिठुरन
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:31 PM IST
विज्ञापन
बारिश से गिरी गेहूं की फसल। संवाद
विज्ञापन
फोटो- 26,36,37,38
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिलेभर में वीरवार को सुबह से लेकर शाम तक मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। दिनभर हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा जिससे वातावरण में ठंड घुल गई। शहर में करीब 7 से 8 एमएम तक बारिश दर्ज की गई। लगातार रिमझिम बारिश और ठंडी हवा के चलते लोगों को एक बार फिर सर्दी का एहसास हुआ।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का असर जनजीवन पर भी साफ तौर पर देखने को मिला। जहां पिछले कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी के कारण गर्मी का अहसास होने लगा था वहीं वीरवार को हुई बूंदाबांदी ने मौसम को फिर से ठंडा कर दिया। सुबह से ही बादल छाए रहे और बीच-बीच में हल्की बारिश होती रही।
ठंडी हवा के चलते लोगों को ठिठुरन महसूस हुई। यही कारण रहा कि लोग एक बार फिर गर्म वस्त्रों में नजर आए। बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने जैकेट, स्वेटर और शॉल का सहारा लिया। खासकर सुबह और शाम के समय ठंड का असर अधिक देखने को मिला।
तापमान में आई गिरावट
वीरवार को अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को जहां अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था वहीं वीरवार को यह घटकर 23 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। हालांकि, न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और यह 14 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है। इसके प्रभाव से क्षेत्र में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को भी बारिश के आसार हैं।
शहर की सभी सड़कों पर हुई फिसलन
शहर में बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन भी देखने को मिली जिससे वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। कई स्थानों पर हल्का जलभराव भी देखा गया जिससे लोगों को आवाजाही में थोड़ी परेशानी हुई। कुल मिलाकर वीरवार का दिन ठंडा रहा। बूंदाबांदी और ठंडी हवा ने लोगों को एक बार फिर सर्दी का एहसास करा दिया। मौसम के इस बदलाव ने जहां लोगों की दिनचर्या को थोड़ा प्रभावित किया वहीं वातावरण को भी ताजगी से भर दिया।
12 मार्च
अधिकतम - 30.9डिग्री।
न्यूनतम - 18.5 डिग्री।
-- -- -- -- -- --
13 मार्च
अधिकतम - 30.9डिग्री।
न्यूनतम - 18.5 डिग्री।
-- -- -- -- -- --
14 मार्च
अधिकतम - 33 डिग्री।
न्यूनतम - 18 डिग्री।
-- -- -- -- -- --
15 मार्च
अधिकतम - 30.8 डिग्री।
न्यूनतम - 16.9 डिग्री।
-- -- -- -- --
16 मार्च
अधिकतम - 32 डिग्री।
न्यूनतम - 17 डिग्री।
-- -- -- -- --
17 मार्च
अधिकतम - 27 डिग्री।
न्यूनतम - 12 डिग्री।
-- -- -- -- --
18 मार्च
अधिकतम - 24 डिग्री।
न्यूनतम - 14 डिग्री।
-- -- -- --
19 मार्च
अधिकतम - 23 डिग्री।
न्यूनतम - 14 डिग्री।
-- -
गेहूं को होगा फायदा, सरसों की कटाई प्रभावित
ख्योवाली के किसान मोहन लाल, गदराना के किसान बलविंद्र सिंह, प्रगट सिंह, मेजर सिंह आदि ने कहा कि अगर बरसात तेज आती है तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिलहाल, इस समय फसल काफी अच्छी है। अगर बरसात तेज आती है या तेज आंधी या ओलावृष्टि होती है तो सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। बारिश के कारण सरसों की फसल की कटाई और कढ़ाई जरूर प्रभावित हुई है। अब तक कोई नुकसान नहीं है। बारिश के कारण सरसों की मंडी में आने में देरी हो सकती है। किसानों की मानें तो रिमझिम बारिश से गेहूं और जौ की फसल का दाना मोटा और अच्छी गुणवत्ता के साथ तैयार होगा। किसान गेहूं की फसल में पैदावार बढ़ने का अनुमान लगा रहे हैं।
कोट्स
मौसम में बदलाव गेहूं, जौ की फसलों के लिए फायदेमंद है। सरसों की कटाई की जा रही है। हल्की बारिश से नुकसान नहीं होगा। कढ़ाई जरूरी प्रभावित होगी। बारिश तेज होने व हवा चलने से गेहूं और सरसों दोनों को नुकसान हो सकता है।
-डाॅ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक कृषि विभाग
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिलेभर में वीरवार को सुबह से लेकर शाम तक मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। दिनभर हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा जिससे वातावरण में ठंड घुल गई। शहर में करीब 7 से 8 एमएम तक बारिश दर्ज की गई। लगातार रिमझिम बारिश और ठंडी हवा के चलते लोगों को एक बार फिर सर्दी का एहसास हुआ।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का असर जनजीवन पर भी साफ तौर पर देखने को मिला। जहां पिछले कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी के कारण गर्मी का अहसास होने लगा था वहीं वीरवार को हुई बूंदाबांदी ने मौसम को फिर से ठंडा कर दिया। सुबह से ही बादल छाए रहे और बीच-बीच में हल्की बारिश होती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
ठंडी हवा के चलते लोगों को ठिठुरन महसूस हुई। यही कारण रहा कि लोग एक बार फिर गर्म वस्त्रों में नजर आए। बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने जैकेट, स्वेटर और शॉल का सहारा लिया। खासकर सुबह और शाम के समय ठंड का असर अधिक देखने को मिला।
तापमान में आई गिरावट
वीरवार को अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को जहां अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था वहीं वीरवार को यह घटकर 23 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। हालांकि, न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और यह 14 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है। इसके प्रभाव से क्षेत्र में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को भी बारिश के आसार हैं।
शहर की सभी सड़कों पर हुई फिसलन
शहर में बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन भी देखने को मिली जिससे वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। कई स्थानों पर हल्का जलभराव भी देखा गया जिससे लोगों को आवाजाही में थोड़ी परेशानी हुई। कुल मिलाकर वीरवार का दिन ठंडा रहा। बूंदाबांदी और ठंडी हवा ने लोगों को एक बार फिर सर्दी का एहसास करा दिया। मौसम के इस बदलाव ने जहां लोगों की दिनचर्या को थोड़ा प्रभावित किया वहीं वातावरण को भी ताजगी से भर दिया।
12 मार्च
अधिकतम - 30.9डिग्री।
न्यूनतम - 18.5 डिग्री।
13 मार्च
अधिकतम - 30.9डिग्री।
न्यूनतम - 18.5 डिग्री।
14 मार्च
अधिकतम - 33 डिग्री।
न्यूनतम - 18 डिग्री।
15 मार्च
अधिकतम - 30.8 डिग्री।
न्यूनतम - 16.9 डिग्री।
16 मार्च
अधिकतम - 32 डिग्री।
न्यूनतम - 17 डिग्री।
17 मार्च
अधिकतम - 27 डिग्री।
न्यूनतम - 12 डिग्री।
18 मार्च
अधिकतम - 24 डिग्री।
न्यूनतम - 14 डिग्री।
19 मार्च
अधिकतम - 23 डिग्री।
न्यूनतम - 14 डिग्री।
गेहूं को होगा फायदा, सरसों की कटाई प्रभावित
ख्योवाली के किसान मोहन लाल, गदराना के किसान बलविंद्र सिंह, प्रगट सिंह, मेजर सिंह आदि ने कहा कि अगर बरसात तेज आती है तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिलहाल, इस समय फसल काफी अच्छी है। अगर बरसात तेज आती है या तेज आंधी या ओलावृष्टि होती है तो सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। बारिश के कारण सरसों की फसल की कटाई और कढ़ाई जरूर प्रभावित हुई है। अब तक कोई नुकसान नहीं है। बारिश के कारण सरसों की मंडी में आने में देरी हो सकती है। किसानों की मानें तो रिमझिम बारिश से गेहूं और जौ की फसल का दाना मोटा और अच्छी गुणवत्ता के साथ तैयार होगा। किसान गेहूं की फसल में पैदावार बढ़ने का अनुमान लगा रहे हैं।
कोट्स
मौसम में बदलाव गेहूं, जौ की फसलों के लिए फायदेमंद है। सरसों की कटाई की जा रही है। हल्की बारिश से नुकसान नहीं होगा। कढ़ाई जरूरी प्रभावित होगी। बारिश तेज होने व हवा चलने से गेहूं और सरसों दोनों को नुकसान हो सकता है।
-डाॅ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक कृषि विभाग