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Sirsa News: वरिष्ठ पूर्व प्रधान की सदस्यता रद्द, 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:14 AM IST
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जनरल हाउस के निर्णय की अवज्ञा पर सिरसा बार एसोसिएशन के प्रधान ने की कार्रवाई
निर्णय में केवल दो पदाधिकारी के हस्ताक्षर पर छिड़ा विवाद, अंतिम निर्णय लेगी एडवाइजरी कमेटी लेगी
वहीं, उपाध्यक्ष पर हमला करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी न होने से वकीलों में रोष, आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय समक्ष करेंगे विरोध प्रदर्शन
फोटो 10
सिरसा। सिरसा बार एसोसिएशन के प्रधान ने अनुशासनात्मक कार्रवाई में एक बड़ा निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने अपने एक वरिष्ठ सदस्य की सदस्यता रद्द कर दी है। साथ ही उन पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उक्त वरिष्ठ सदस्य एसोसिएशन के पूर्व प्रधान हैं। यह कार्रवाई बार एसोसिएशन के जनरल हाउस के निर्णय की कथित अवज्ञा और जानबूझकर उल्लंघन के आरोप में की गई है।
वहीं, इस निर्णय में विवाद इस बात को लेकर है कि इसमें केवल बार एसोसिएशन के प्रधान गंगाराम ढाका और उपाध्यक्ष केवल कंबोज के हस्ताक्षर हैं, जबकि सचिव हरदीप सिंह, संयुक्त सचिव भूपिंदर कौर और भारत भूषण के हस्ताक्षर नहीं हैं। इस कारण निर्णय को अंतिम रूप देने के लिए एडवाइजरी कमेटी के पास भेज दिया गया है। सचिव हरदीप सिंह ने बताया कि एडवाइजरी कमेटी ही इस मामले में अंतिम निर्णय लेगी।
मामले के अनुसार, 17 जनवरी को एक दुकानदार प्रमोद टांक के साथ विवाद के दौरान कंबोज पर तेज धार वाले हथियार से हमला हुआ था, जिसके विरोध में सिरसा बार एसोसिएशन ने कार्य से विरत रहने की घोषणा कर दी। सभी सदस्यों को निर्देश दिए गए थे कि वे सिरसा की किसी भी अदालत में पेश न हों। अन्यथा 11 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। इस निर्देश के बावजूद उक्त वरिष्ठ अधिवक्ता अदालत में पेश हो गए।
3 फरवरी को हुई बैठक में उन्हें जानबूझकर उल्लंघन का दोषी ठहराया गया। इसके साथ ही 11 हजार रुपये जुर्माना लगाया और लिखित माफी मांगने के लिए कहा गया। लेकिन 5 फरवरी तक न जुर्माना भरा गया और न माफी मांगी गई। इसके बाद 6 फरवरी को फिर बैठक हुई, जिसमें सदस्यता रद्द करने और आगे की कार्रवाई की चेतावनी सहित निर्णय लिया गया।
निर्णय में कहा गया है कि यह कार्रवाई अनुशासन, एकता और बार की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक है, ये निर्णय तुरंत प्रभाव से लागू है। हालांकि, अब हस्ताक्षरों के अभाव में विवाद बढ़ गया है। मामला अब एडवाइजरी कमेटी के विचाराधीन है। संवाद
20 दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं
वहीं, उपाध्यक्ष केवल कंबोज पर हुए हमले के विरोध बावजूद अब तक पुलिस ने आरोपी प्रमोद टांक को गिरफ्तार नहीं किया है। 20 दिन से बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड कर रखा है। अब बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि 9 फरवरी को सुबह 11 बजे एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी व सदस्य पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन करेंगे।
आरोपी की याचिका पर फैसला लंबित
आरोपी प्रमोद टांक ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की हुई है। हाईकोर्ट याचिका पर सुनवाई कर चुकी है, लेकिन अब तक याचिका पर फैसला लंबित है। उपाध्यक्ष केवल कंबोज ने भी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट की मांग की है। इस याचिका पर 20 फरवरी को सुनवाई होगी।
अदालतों में न्यायिक कामकाज हो रहा है प्रभावित
अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने के कारण पिछले 20 दिनों से अदालतों में न्यायिक कामकाज काफी प्रभावित हुआ। करीब 9525 केसों की सुनवाई अब तक प्रभावित हो चुकी है। जिन केसों में अंतिम बहस समाप्त हो चुकी है, उन केसों में ही फैसला सुनाया गया है। बार एसोसिएशन के प्रधान अधिवक्ता गंगाराम ढाका का कहना है कि पुलिस आरोपी प्रमोद टांक को जब तक गिरफ्तार नहीं करती, तब तक वर्क सस्पेंड जारी रहेगा। इस दौरान कोई भी अधिवक्ता अदालतों में पेश नहीं होगा।
17 जनवरी को हुआ था हमला
उपाध्यक्ष केवल कंबोज ने बताया है कि 17 जनवरी को शाम करीब सवा चार बजे उनके मोबाइल पर प्रमोद टांक की कॉल आई। प्रमोद टांक की प्रेम नगर में परचून की दुकान है, लेकिन व दवाइयां भी बेचता है। उसने उन्हें दुकान पर बुलाया। वह उसकी दुकान पर गए तो वो प्रमोद टांक दवा के 300 रुपये मांगने लगा। उन्होंने प्रमोद टांक से कहा कि किस बात के 300 रुपये, मैंने कोई दवा नहीं खरीदी, अगर खरीदी है तो उसका बिल दे दो। इसके बाद प्रमोद ने गुस्से में आकर गालियां दीं और बाद में हमला कर दिया।
कोट्स
सिरसा बार एसोसिएशन ने जनरल हाउस के निर्णय की अवज्ञा में एक सदस्य की सदस्यता रद्द की है। एसोसिएशन का वर्क सस्पेंड लगातार जारी है।
-केवल कंबोज, उपाध्यक्ष बार एसोसिएशन सिरसा।
कोट्स
इस निर्णय में केवल प्रधान और एक उपाध्यक्ष के हस्ताक्षर हैं, अन्य पदाधिकारियों ने इसपर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इस कारण निर्णय को एडवाइजरी कमेटी के पास भेज दिया गया है। एडवाइजरी कमेटी ही इस मामले में अंतिम निर्णय लेगी।-
हरदीप सिंह, सचिव बार एसोसिएशन सिरसा।
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निर्णय में केवल दो पदाधिकारी के हस्ताक्षर पर छिड़ा विवाद, अंतिम निर्णय लेगी एडवाइजरी कमेटी लेगी
वहीं, उपाध्यक्ष पर हमला करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी न होने से वकीलों में रोष, आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय समक्ष करेंगे विरोध प्रदर्शन
फोटो 10
सिरसा। सिरसा बार एसोसिएशन के प्रधान ने अनुशासनात्मक कार्रवाई में एक बड़ा निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने अपने एक वरिष्ठ सदस्य की सदस्यता रद्द कर दी है। साथ ही उन पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उक्त वरिष्ठ सदस्य एसोसिएशन के पूर्व प्रधान हैं। यह कार्रवाई बार एसोसिएशन के जनरल हाउस के निर्णय की कथित अवज्ञा और जानबूझकर उल्लंघन के आरोप में की गई है।
वहीं, इस निर्णय में विवाद इस बात को लेकर है कि इसमें केवल बार एसोसिएशन के प्रधान गंगाराम ढाका और उपाध्यक्ष केवल कंबोज के हस्ताक्षर हैं, जबकि सचिव हरदीप सिंह, संयुक्त सचिव भूपिंदर कौर और भारत भूषण के हस्ताक्षर नहीं हैं। इस कारण निर्णय को अंतिम रूप देने के लिए एडवाइजरी कमेटी के पास भेज दिया गया है। सचिव हरदीप सिंह ने बताया कि एडवाइजरी कमेटी ही इस मामले में अंतिम निर्णय लेगी।
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मामले के अनुसार, 17 जनवरी को एक दुकानदार प्रमोद टांक के साथ विवाद के दौरान कंबोज पर तेज धार वाले हथियार से हमला हुआ था, जिसके विरोध में सिरसा बार एसोसिएशन ने कार्य से विरत रहने की घोषणा कर दी। सभी सदस्यों को निर्देश दिए गए थे कि वे सिरसा की किसी भी अदालत में पेश न हों। अन्यथा 11 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। इस निर्देश के बावजूद उक्त वरिष्ठ अधिवक्ता अदालत में पेश हो गए।
3 फरवरी को हुई बैठक में उन्हें जानबूझकर उल्लंघन का दोषी ठहराया गया। इसके साथ ही 11 हजार रुपये जुर्माना लगाया और लिखित माफी मांगने के लिए कहा गया। लेकिन 5 फरवरी तक न जुर्माना भरा गया और न माफी मांगी गई। इसके बाद 6 फरवरी को फिर बैठक हुई, जिसमें सदस्यता रद्द करने और आगे की कार्रवाई की चेतावनी सहित निर्णय लिया गया।
निर्णय में कहा गया है कि यह कार्रवाई अनुशासन, एकता और बार की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक है, ये निर्णय तुरंत प्रभाव से लागू है। हालांकि, अब हस्ताक्षरों के अभाव में विवाद बढ़ गया है। मामला अब एडवाइजरी कमेटी के विचाराधीन है। संवाद
20 दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं
वहीं, उपाध्यक्ष केवल कंबोज पर हुए हमले के विरोध बावजूद अब तक पुलिस ने आरोपी प्रमोद टांक को गिरफ्तार नहीं किया है। 20 दिन से बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड कर रखा है। अब बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि 9 फरवरी को सुबह 11 बजे एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी व सदस्य पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन करेंगे।
आरोपी की याचिका पर फैसला लंबित
आरोपी प्रमोद टांक ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की हुई है। हाईकोर्ट याचिका पर सुनवाई कर चुकी है, लेकिन अब तक याचिका पर फैसला लंबित है। उपाध्यक्ष केवल कंबोज ने भी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट की मांग की है। इस याचिका पर 20 फरवरी को सुनवाई होगी।
अदालतों में न्यायिक कामकाज हो रहा है प्रभावित
अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने के कारण पिछले 20 दिनों से अदालतों में न्यायिक कामकाज काफी प्रभावित हुआ। करीब 9525 केसों की सुनवाई अब तक प्रभावित हो चुकी है। जिन केसों में अंतिम बहस समाप्त हो चुकी है, उन केसों में ही फैसला सुनाया गया है। बार एसोसिएशन के प्रधान अधिवक्ता गंगाराम ढाका का कहना है कि पुलिस आरोपी प्रमोद टांक को जब तक गिरफ्तार नहीं करती, तब तक वर्क सस्पेंड जारी रहेगा। इस दौरान कोई भी अधिवक्ता अदालतों में पेश नहीं होगा।
17 जनवरी को हुआ था हमला
उपाध्यक्ष केवल कंबोज ने बताया है कि 17 जनवरी को शाम करीब सवा चार बजे उनके मोबाइल पर प्रमोद टांक की कॉल आई। प्रमोद टांक की प्रेम नगर में परचून की दुकान है, लेकिन व दवाइयां भी बेचता है। उसने उन्हें दुकान पर बुलाया। वह उसकी दुकान पर गए तो वो प्रमोद टांक दवा के 300 रुपये मांगने लगा। उन्होंने प्रमोद टांक से कहा कि किस बात के 300 रुपये, मैंने कोई दवा नहीं खरीदी, अगर खरीदी है तो उसका बिल दे दो। इसके बाद प्रमोद ने गुस्से में आकर गालियां दीं और बाद में हमला कर दिया।
कोट्स
सिरसा बार एसोसिएशन ने जनरल हाउस के निर्णय की अवज्ञा में एक सदस्य की सदस्यता रद्द की है। एसोसिएशन का वर्क सस्पेंड लगातार जारी है।
-केवल कंबोज, उपाध्यक्ष बार एसोसिएशन सिरसा।
कोट्स
इस निर्णय में केवल प्रधान और एक उपाध्यक्ष के हस्ताक्षर हैं, अन्य पदाधिकारियों ने इसपर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इस कारण निर्णय को एडवाइजरी कमेटी के पास भेज दिया गया है। एडवाइजरी कमेटी ही इस मामले में अंतिम निर्णय लेगी।-
हरदीप सिंह, सचिव बार एसोसिएशन सिरसा।