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Sirsa News: एनआईए ने ली महिला थाने पर ग्रेनेड हमले की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 21 Jan 2026 11:45 PM IST
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सिरसा कोर्ट से पंचकूला एनआईए स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर हुआ केस
अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है सिरसा एसआईटी, मुख्य सप्लायर राजबीर फौजी है पंजाब पुलिस की गिरफ्त में
हितेश चतुर्वेदी
सिरसा। महिला पुलिस थाने पर 25 नवंबर 2025 को हुए ग्रेनेड हमले के मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए ) ने अपने हाथ में ले ली है। वहीं, सीजेएम कोर्ट ने केस को एनआईए स्पेशल कोर्ट, पंचकूला में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। केस का पूरा रिकॉर्ड, केस प्रॉपर्टी व आरोपियों की न्यायिक हिरासत एनआईए कोर्ट को सौंपी जाएगी। एनआईए चंडीगढ़ के एसपी रोहन गुप्ता की ओर से दाखिल आवेदन पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है।
सीजेएम कोर्ट को दिए आवेदन में बताया गया कि गृह मंत्रालय के अवर सचिव विमल कुमार शुक्ला ने 24 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर एनआईए को मामले की जांच सौंपी है। केंद्र सरकार के आदेश में उक्त अपराध की गंभीरता, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रभाव व बड़ी साजिश की आशंका को देखते हुए जांच के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला बीएनएस 2023 की धाराओं 61, 109(1), 111(3), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 3-4 व यूएपीए 1967 की धारा 18 के तहत दर्ज है। एनआईए ने इसे आरसी -24/2025/एनआईए/ डीएलआई के रूप में री-रजिस्टर किया है।
आवेदन पर सुनवाई करते हुए सीजेएम न्यायाधीश संतोष बागोटिया ने आदेश दिया कि स्थानीय पुलिस की पूरी फाइल, दस्तावेज और आरोपियों की हिरासत एनआईए स्पेशल कोर्ट, पंचकूला को भेजी जाए। एनआईए एक्ट की धारा 13 के तहत स्पेशल कोर्ट को ऐसे मामलों में मुकदमा चलाने का विशेषाधिकार है। संवाद
खालिस्तानी कनेक्शन व पाकिस्तानी गैंगस्टरों की भूमिका का हुआ खुलासा
सिरसा एसआईटी ने आरोपियों गुरजंत सिंह, मोहम्मद सिजान उर्फ सिजान गाजी, धीरज कुमार, विकास कुमार, सुशील, संदीप तथा विकास को गिरफ्तार किया है। एसआईटी की जांच में आतंकी नेटवर्क, खालिस्तानी कनेक्शन व पाकिस्तानी गैंगस्टरों की भूमिका का खुलासा हुआ है। आरोपियों को जल्द पंचकूला एनआईए स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
25 नवंबर को रात 10 बजे हुआ था हमला
25 नवंबर 2025 की रात करीब सवा 10 बजे महिला थाने के बाहर हमला हुआ था। देर रात को हमले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। इसके बाद सिरसा पुलिस हरकत में आई। अगले दिन पुलिस ने हमले में शामिल चार युवकों को गांव खारिया व एक युवक को सिरसा शहर से गिरफ्तार कर लिया। रिमांड अवधि में पुलिस ने आरोपियों से निशानदेही कराई और आरोपी धीरज से विस्फोट का पिन बरामद कर लिया गया।
सप्लायर गुरजंत सिंह को राजबीर फौजी देकर गया था दो ग्रेनेड
इसके बाद पुलिस ने ग्रेनेड सप्लायर अमृतसर निवासी गुरजंत सिंह को गिरफ्तार किया। गुरजंत ने खुलासा किया कि उसने पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी व उसके राइट हैंड सोहेल के कहने पर सिरसा के गांव खारिया निवासी धीरज व विकास को अमृतसर में ग्रेनेड दिया था। गुरजंत सिंह ने यह भी खुलासा किया है कि डॉन शहजाद भट्टी ने उसे ग्रेनेड देने के लिए पट्टी तरनतारन निवासी राजबीर को बोला था। राजबीर ने उसे व्हाट्सएप कॉल की थी। उसने कहा कि भट्टी भाई की कॉल आई थी, उन्होंने तुम्हें सामान देने के लिए कहा है। इसके बाद राजबीर उसे दो ग्रेनेड देकर गया।
20 दिसंबर 2025 को पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़ा राजबीर फौजी
20 दिसंबर 2025 को पंजाब स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने ग्रेनेड सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी राजबीर उर्फ फौजी को गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और 500 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। एनआईए आरोपी राजबीर को अब अपनी हिरासत में लेगी।
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हितेश चतुर्वेदी
सिरसा। महिला पुलिस थाने पर 25 नवंबर 2025 को हुए ग्रेनेड हमले के मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए ) ने अपने हाथ में ले ली है। वहीं, सीजेएम कोर्ट ने केस को एनआईए स्पेशल कोर्ट, पंचकूला में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। केस का पूरा रिकॉर्ड, केस प्रॉपर्टी व आरोपियों की न्यायिक हिरासत एनआईए कोर्ट को सौंपी जाएगी। एनआईए चंडीगढ़ के एसपी रोहन गुप्ता की ओर से दाखिल आवेदन पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है।
सीजेएम कोर्ट को दिए आवेदन में बताया गया कि गृह मंत्रालय के अवर सचिव विमल कुमार शुक्ला ने 24 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर एनआईए को मामले की जांच सौंपी है। केंद्र सरकार के आदेश में उक्त अपराध की गंभीरता, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रभाव व बड़ी साजिश की आशंका को देखते हुए जांच के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला बीएनएस 2023 की धाराओं 61, 109(1), 111(3), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 3-4 व यूएपीए 1967 की धारा 18 के तहत दर्ज है। एनआईए ने इसे आरसी -24/2025/एनआईए/ डीएलआई के रूप में री-रजिस्टर किया है।
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आवेदन पर सुनवाई करते हुए सीजेएम न्यायाधीश संतोष बागोटिया ने आदेश दिया कि स्थानीय पुलिस की पूरी फाइल, दस्तावेज और आरोपियों की हिरासत एनआईए स्पेशल कोर्ट, पंचकूला को भेजी जाए। एनआईए एक्ट की धारा 13 के तहत स्पेशल कोर्ट को ऐसे मामलों में मुकदमा चलाने का विशेषाधिकार है। संवाद
खालिस्तानी कनेक्शन व पाकिस्तानी गैंगस्टरों की भूमिका का हुआ खुलासा
सिरसा एसआईटी ने आरोपियों गुरजंत सिंह, मोहम्मद सिजान उर्फ सिजान गाजी, धीरज कुमार, विकास कुमार, सुशील, संदीप तथा विकास को गिरफ्तार किया है। एसआईटी की जांच में आतंकी नेटवर्क, खालिस्तानी कनेक्शन व पाकिस्तानी गैंगस्टरों की भूमिका का खुलासा हुआ है। आरोपियों को जल्द पंचकूला एनआईए स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
25 नवंबर को रात 10 बजे हुआ था हमला
25 नवंबर 2025 की रात करीब सवा 10 बजे महिला थाने के बाहर हमला हुआ था। देर रात को हमले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। इसके बाद सिरसा पुलिस हरकत में आई। अगले दिन पुलिस ने हमले में शामिल चार युवकों को गांव खारिया व एक युवक को सिरसा शहर से गिरफ्तार कर लिया। रिमांड अवधि में पुलिस ने आरोपियों से निशानदेही कराई और आरोपी धीरज से विस्फोट का पिन बरामद कर लिया गया।
सप्लायर गुरजंत सिंह को राजबीर फौजी देकर गया था दो ग्रेनेड
इसके बाद पुलिस ने ग्रेनेड सप्लायर अमृतसर निवासी गुरजंत सिंह को गिरफ्तार किया। गुरजंत ने खुलासा किया कि उसने पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी व उसके राइट हैंड सोहेल के कहने पर सिरसा के गांव खारिया निवासी धीरज व विकास को अमृतसर में ग्रेनेड दिया था। गुरजंत सिंह ने यह भी खुलासा किया है कि डॉन शहजाद भट्टी ने उसे ग्रेनेड देने के लिए पट्टी तरनतारन निवासी राजबीर को बोला था। राजबीर ने उसे व्हाट्सएप कॉल की थी। उसने कहा कि भट्टी भाई की कॉल आई थी, उन्होंने तुम्हें सामान देने के लिए कहा है। इसके बाद राजबीर उसे दो ग्रेनेड देकर गया।
20 दिसंबर 2025 को पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़ा राजबीर फौजी
20 दिसंबर 2025 को पंजाब स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने ग्रेनेड सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी राजबीर उर्फ फौजी को गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और 500 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। एनआईए आरोपी राजबीर को अब अपनी हिरासत में लेगी।
