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Sirsa News: सिरसा में पीएम विश्वकर्मा मेला 23 से 25 जनवरी तक, कारीगरों को मिलेगा अपनी कला और उत्पादों का प्रमोशन
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सिरसा। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय, करनाल द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए तीन दिवसीय भव्य प्रदर्शनी और मेला आयोजित किया जाएगा। यह मेला 23 से 25 जनवरी तक बाल भवन, सिरसा में आयोजित होगा।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी रामनाथ ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी कला और उत्पादों को पहचान दिला सकें और उनकी बिक्री को बढ़ावा मिल सके। मेले में कुम्हार, दर्जी, मोची, पेंटर, सुनार, मालाकार और अन्य शिल्पकार जैसे गुड़िया, चटाई, टोकरी और खिलौने बनाने वाले कारीगर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शनी में भाग लेने वाले लाभार्थियों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां वे मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां, जूती, मालाएं और लकड़ी के सामान प्रदर्शित और विक्रय कर सकेंगे। स्टॉल का वितरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इस दाैरान कारीगरों को आधुनिक बाजार से जोड़ने के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म जैसे मीशो, सुलेखा और अन्य के माध्यम से अपने उत्पाद बेचने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इससे न केवल शिल्पकारों की आय बढ़ेगी, बल्कि शहरवासी और आगंतुक सीधे कारीगरों से गुणवत्तापूर्ण हस्तनिर्मित उत्पाद उचित दामों पर खरीद सकेंगे।
संपर्क और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक लाभार्थी आवेदन फॉर्म और अन्य विवरण के लिए कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 0184-2208100 या 7888752712 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.msmedikarnal.com पर जाकर भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह मेला पारंपरिक कारीगरों के कौशल को संरक्षित करने, उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और जनता को हस्तनिर्मित उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि यह मेला कारीगरों और उपभोक्ताओं के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा।
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जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी रामनाथ ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी कला और उत्पादों को पहचान दिला सकें और उनकी बिक्री को बढ़ावा मिल सके। मेले में कुम्हार, दर्जी, मोची, पेंटर, सुनार, मालाकार और अन्य शिल्पकार जैसे गुड़िया, चटाई, टोकरी और खिलौने बनाने वाले कारीगर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
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प्रदर्शनी में भाग लेने वाले लाभार्थियों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां वे मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां, जूती, मालाएं और लकड़ी के सामान प्रदर्शित और विक्रय कर सकेंगे। स्टॉल का वितरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इस दाैरान कारीगरों को आधुनिक बाजार से जोड़ने के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म जैसे मीशो, सुलेखा और अन्य के माध्यम से अपने उत्पाद बेचने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इससे न केवल शिल्पकारों की आय बढ़ेगी, बल्कि शहरवासी और आगंतुक सीधे कारीगरों से गुणवत्तापूर्ण हस्तनिर्मित उत्पाद उचित दामों पर खरीद सकेंगे।
संपर्क और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक लाभार्थी आवेदन फॉर्म और अन्य विवरण के लिए कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 0184-2208100 या 7888752712 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.msmedikarnal.com पर जाकर भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह मेला पारंपरिक कारीगरों के कौशल को संरक्षित करने, उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और जनता को हस्तनिर्मित उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि यह मेला कारीगरों और उपभोक्ताओं के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा।
