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Sirsa News: ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलिंडर की आपूर्ति बनी आफत, कॉमर्शियल की मांग बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 16 Mar 2026 12:50 AM IST
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- ग्रामीण एरिया में जागरूकता के साथ साथ लोगों को समझना होगा, तभी सप्लाई संभव
- गाड़ियों को रोकने व विवाद करने पर सप्लाई में आई दिक्कत
- - पहले कॉमर्शियल सप्लाई को नहीं लेते थे उपभोक्ता गंभीरता से, अब उनके लिए बनी मुसीबत
कॉमर्शियल सप्लाई का डाटा मिलान करने में जुटी कंपनियां, मांग बढ़ना चौंकाने वाला
फोटो-- 31
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहरी क्षेत्र में गैस सिलिंडर आपूर्ति को सामान्य बनाने में एजेंसियां लगी हुई हैं। सिलिंडर लोगों को मिल भी रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में आपूर्ति बाधित चल रही है। कई गांवों में इंडेन, एचपी व अन्य कंपनियों की गाड़ियों के घेराव के मामले सामने आए थे। इसके बाद एजेंसियों ने गाड़ियां सीधेतौर पर भेजना छोड़ दिया है।
वहीं, प्रशासन ने इस मामले में अब तक कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। ऐसे में सोमवार को एक बार फिर अधिकारियों और गैस एजेंसियों के बीच बैठक होने की उम्मीद है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि गांव-गांव में मुनादी करवाकर मौजूदा व्यवस्था के बारे में प्रशासन बताए। गैस की किल्लत नहीं है, इस बारे में गांवों में पंयायतों के माध्यम से जागरूक करे। ग्राम सचिव व पंचायतों की जिम्मेदारी तय करें कि बिना विवाद के सुचारु रूप से गांवों में गैस सिलिंडर की आपूर्ति हो।
पिछले तीन-चार दिनों से कुछ गांवों में जैसे ही एजेंसियों ने गाड़ियां भेजीं, वहां तथाकथित नेताओं ने बिना कॉपी सिलिंडर देने का दबाव गाड़ी चालक बनाया। ऐसी घटना के बाद अब गैस संचालकों ने 70 प्रतिशत के आसपास गांवों में सप्लाई नहीं भेजी है।
एजेंसियां कर रहीं दावा-नहीं है गैस की किल्लत
बार-बार एजेंसियों की ओर से आपूर्ति की दिक्कत नहीं होने का हवाला दिया जा रहा है। उसके बाद भी गैस एजेंसियों पर लाइनें कम नहीं हो रही हैं। सोमवार को बड़े स्तर पर गैस एजेंसियों पर लाइन देखने को मिलेगी। इसको लेकर पहले से ही गैस एजेंसी संचालकों ने अपनी तैयारियां कर ली हैं। रविवार को छुट्टी होने के चलते बुकिंग सप्लाई ही जारी की गई। सोमवार को व्यापक स्तर पर लोग बुकिंग करवाने के लिए आएंगे और सर्वर पर लोड के चलते भी दिक्कत सामने आ सकती है।
कॉमर्शियल की बढ़ी मांग चौंका रही कंपनियों को
गैस कंपनियों की ओर से सप्लाई बंद करने से पहले बहुत कम मांग का सामना करना पड़ रहा है। चुनिंदा लोग ही कॉमर्शियल गैस सिलिंडर ले रहे थे। अब हर एजेंसी से मांग पूछी गई तो उन्होंने मौजूदा स्थिति के हिसाब से डाटा भेज दिया। यह डाटा कंपनियों के गले नहीं उतर रहा है। कंपनियों ने अब सभी उपभोक्ताओं का डाटा टैली करने के लिए मांगा है। पूर्व में कौन से उपभोक्ता सप्लाई ले रहे थे, उनका डाटा भी मांगा गया है। कंपनियां इससे आकलन लगा रही हैं कि कॉमर्शियल उपभोक्ता बिना सप्लाई लिए कैसे काम चला रहे थें।
प्रशासन को मिल सकती है कॉमर्शियल सप्लाई की जिम्मेदारी
कॉमर्शियल सप्लाई की बढ़ी मांग को देखते हुए सूत्रों से जानकारी मिली है कि प्रशासन को इन सिलिंडर की सप्लाई की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी ताकि कॉमर्शियल उपभोक्ताओं का सही आकलन हो सके। इसलिए जिला खाद्य आपूर्ति विभाग को जल्द ही आदेश हो सकते हैं। प्रशासन के पास कॉमर्शियल सप्लाई की जिम्मेदारी जाने से चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
कोट्स
गैस सिलिंडर आपूर्ति की मॉनिटरिंग को लेकर टीम निरंतर जांच कर रही है। कोई दिक्कत उपभोक्ता को नहीं आने दी जाएगी। कॉमर्शियल सप्लाई को लेकर कोई गाइडलाइन अभी जारी नहीं हुई है।
-हरविर सिंह, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक
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कॉमर्शियल सप्लाई का डाटा मिलान करने में जुटी कंपनियां, मांग बढ़ना चौंकाने वाला
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहरी क्षेत्र में गैस सिलिंडर आपूर्ति को सामान्य बनाने में एजेंसियां लगी हुई हैं। सिलिंडर लोगों को मिल भी रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में आपूर्ति बाधित चल रही है। कई गांवों में इंडेन, एचपी व अन्य कंपनियों की गाड़ियों के घेराव के मामले सामने आए थे। इसके बाद एजेंसियों ने गाड़ियां सीधेतौर पर भेजना छोड़ दिया है।
वहीं, प्रशासन ने इस मामले में अब तक कोई गंभीरता नहीं दिखाई है। ऐसे में सोमवार को एक बार फिर अधिकारियों और गैस एजेंसियों के बीच बैठक होने की उम्मीद है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि गांव-गांव में मुनादी करवाकर मौजूदा व्यवस्था के बारे में प्रशासन बताए। गैस की किल्लत नहीं है, इस बारे में गांवों में पंयायतों के माध्यम से जागरूक करे। ग्राम सचिव व पंचायतों की जिम्मेदारी तय करें कि बिना विवाद के सुचारु रूप से गांवों में गैस सिलिंडर की आपूर्ति हो।
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पिछले तीन-चार दिनों से कुछ गांवों में जैसे ही एजेंसियों ने गाड़ियां भेजीं, वहां तथाकथित नेताओं ने बिना कॉपी सिलिंडर देने का दबाव गाड़ी चालक बनाया। ऐसी घटना के बाद अब गैस संचालकों ने 70 प्रतिशत के आसपास गांवों में सप्लाई नहीं भेजी है।
एजेंसियां कर रहीं दावा-नहीं है गैस की किल्लत
बार-बार एजेंसियों की ओर से आपूर्ति की दिक्कत नहीं होने का हवाला दिया जा रहा है। उसके बाद भी गैस एजेंसियों पर लाइनें कम नहीं हो रही हैं। सोमवार को बड़े स्तर पर गैस एजेंसियों पर लाइन देखने को मिलेगी। इसको लेकर पहले से ही गैस एजेंसी संचालकों ने अपनी तैयारियां कर ली हैं। रविवार को छुट्टी होने के चलते बुकिंग सप्लाई ही जारी की गई। सोमवार को व्यापक स्तर पर लोग बुकिंग करवाने के लिए आएंगे और सर्वर पर लोड के चलते भी दिक्कत सामने आ सकती है।
कॉमर्शियल की बढ़ी मांग चौंका रही कंपनियों को
गैस कंपनियों की ओर से सप्लाई बंद करने से पहले बहुत कम मांग का सामना करना पड़ रहा है। चुनिंदा लोग ही कॉमर्शियल गैस सिलिंडर ले रहे थे। अब हर एजेंसी से मांग पूछी गई तो उन्होंने मौजूदा स्थिति के हिसाब से डाटा भेज दिया। यह डाटा कंपनियों के गले नहीं उतर रहा है। कंपनियों ने अब सभी उपभोक्ताओं का डाटा टैली करने के लिए मांगा है। पूर्व में कौन से उपभोक्ता सप्लाई ले रहे थे, उनका डाटा भी मांगा गया है। कंपनियां इससे आकलन लगा रही हैं कि कॉमर्शियल उपभोक्ता बिना सप्लाई लिए कैसे काम चला रहे थें।
प्रशासन को मिल सकती है कॉमर्शियल सप्लाई की जिम्मेदारी
कॉमर्शियल सप्लाई की बढ़ी मांग को देखते हुए सूत्रों से जानकारी मिली है कि प्रशासन को इन सिलिंडर की सप्लाई की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी ताकि कॉमर्शियल उपभोक्ताओं का सही आकलन हो सके। इसलिए जिला खाद्य आपूर्ति विभाग को जल्द ही आदेश हो सकते हैं। प्रशासन के पास कॉमर्शियल सप्लाई की जिम्मेदारी जाने से चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
कोट्स
गैस सिलिंडर आपूर्ति की मॉनिटरिंग को लेकर टीम निरंतर जांच कर रही है। कोई दिक्कत उपभोक्ता को नहीं आने दी जाएगी। कॉमर्शियल सप्लाई को लेकर कोई गाइडलाइन अभी जारी नहीं हुई है।
-हरविर सिंह, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक