{"_id":"6a415f11c9ddbeffbb04a116","slug":"problem-of-rain-sirsa-news-c-128-1-svns1027-160710-2026-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: बारिश की बेरुखी से सूखीं उम्मीदें, ग्वार और बाजरे की बिजाई पर संकट गहराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: बारिश की बेरुखी से सूखीं उम्मीदें, ग्वार और बाजरे की बिजाई पर संकट गहराया
Sun, 28 Jun 2026 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 28 Jun 2026 11:21 PM IST
विज्ञापन
पानी की कमी से सूख रही फसल। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। मानसून की बेरुखी किसानों और पशुपालकों की चिंता लगातार बढ़ा रही है। जून माह समाप्ति की ओर है लेकिन अब तक सामान्य बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों की बिजाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्वार, बाजरा, मूंग और तिल जैसी फसलों की बिजाई रुक गई है जबकि पहले बोई गईं फसलें भी नमी के अभाव में सूखने लगी हैं।
दूसरी ओर हरे चारे के लिए बोई गई ज्वार और मक्के की फसलें भी गर्मी की मार नहीं झेल पा रही हैं। शनिवार को क्षेत्र का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया जिससे दिनभर लू जैसे हालात बने रहे।
किसानों का कहना है कि हर वर्ष 15 जून तक अच्छी बारिश होने से खरीफ फसलों की बिजाई शुरू हो जाती है लेकिन इस बार केवल हल्की बूंदाबांदी ही हुई है।
नतीजतन, अधिकांश खेत अब भी खाली पड़े हैं। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश नहीं होने से खेती की पूरी योजना प्रभावित हो गई है। यदि जल्द मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें प्रभावित होंगी और इसका सीधा असर किसानों की आय के साथ-साथ पशुपालन पर भी पड़ेगा।
विज्ञापन
किसानों ने बताया कि बीते वर्षों में फसलें कमजोर होने के चलते वे पहले ही आढ़तियों के कर्जदार हैं। अगर आगामी दिनों में अच्छी बरसात नहीं हुई तो फसलों की पैदावार कमजोर पड़ेगी। इससे उनका घर का खर्च निकलना भी मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन
रानियां। मानसून की बेरुखी किसानों और पशुपालकों की चिंता लगातार बढ़ा रही है। जून माह समाप्ति की ओर है लेकिन अब तक सामान्य बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों की बिजाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्वार, बाजरा, मूंग और तिल जैसी फसलों की बिजाई रुक गई है जबकि पहले बोई गईं फसलें भी नमी के अभाव में सूखने लगी हैं।
दूसरी ओर हरे चारे के लिए बोई गई ज्वार और मक्के की फसलें भी गर्मी की मार नहीं झेल पा रही हैं। शनिवार को क्षेत्र का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया जिससे दिनभर लू जैसे हालात बने रहे।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि हर वर्ष 15 जून तक अच्छी बारिश होने से खरीफ फसलों की बिजाई शुरू हो जाती है लेकिन इस बार केवल हल्की बूंदाबांदी ही हुई है।
नतीजतन, अधिकांश खेत अब भी खाली पड़े हैं। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश नहीं होने से खेती की पूरी योजना प्रभावित हो गई है। यदि जल्द मानसून सक्रिय नहीं हुआ तो खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें प्रभावित होंगी और इसका सीधा असर किसानों की आय के साथ-साथ पशुपालन पर भी पड़ेगा।
विज्ञापन
किसानों ने बताया कि बीते वर्षों में फसलें कमजोर होने के चलते वे पहले ही आढ़तियों के कर्जदार हैं। अगर आगामी दिनों में अच्छी बरसात नहीं हुई तो फसलों की पैदावार कमजोर पड़ेगी। इससे उनका घर का खर्च निकलना भी मुश्किल हो जाएगा।