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Sirsa News: दुष्कर्म के आरोपी को संदेह का लाभ देकर कोर्ट ने किया बरी
Sat, 08 Aug 2026 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 08 Aug 2026 11:24 PM IST
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नाबालिग से दुष्कर्म मामले में मां की गवाही से बदला केस का रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी युवक को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। आरोपी उमेद डबवाली क्षेत्र का रहने वाला है। उसके खिलाफ सदर थाना डबवाली ने फरवरी 2025 में प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस को दिए बयान में नाबालिग ने बताया था कि उसके पिता ने पिछले दो वर्ष से उमेद सिंह की जमीन हिस्से पर ली हुई थी। तब से वह उमेद सिंह की ढाणी में रह रहे हैं। दस दिन पहले रात 10 बजे जब वह ट्यूबवेल की मोटर बंद करने जा रही थी, तब उमेद सिंह ने उसे बुलाया और जबरदस्ती अपने कमरे में ले गया।
इसके बाद उसने दरवाजा बंद करके उससे दुष्कर्म किया। उसने शोर मचाने की कोशिश की लेकिन उमेद सिंह ने उसका मुंह बंद कर दिया और धमकी दी कि अगर उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो वह उसे मार डालेगा।
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इसलिए डर के मारे उसने किसी को घटना के बारे में नहीं बताया। 16 फरवरी 2025 को जब वह उमेद सिंह के घर में झाड़ू लगा रही थी, तब उमेद वहां आया और उसे कमरे में ले गया। इसके बाद दरवाजा बंद करके जबरदस्ती उससे दुष्कर्म किया।
इसी बीच उसका भाई वहां आया, उसने उसे उमेद से बचाया और परिवार वालों को सारी बात बताई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान नाबालिग की मां ने कोर्ट में गवाही दी कि वह आरोपी को नहीं जानती, न ही उसने उसकी बेटी से दुष्कर्म किया।
मां ने कहा कि कभी भी आरोपी के खिलाफ पुलिस के समक्ष कोई बयान नहीं दिया। 6 जुलाई को मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने आरोपी उमेद को संदेह का लाभ देते हुए आरोपों से बरी कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी युवक को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। आरोपी उमेद डबवाली क्षेत्र का रहने वाला है। उसके खिलाफ सदर थाना डबवाली ने फरवरी 2025 में प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस को दिए बयान में नाबालिग ने बताया था कि उसके पिता ने पिछले दो वर्ष से उमेद सिंह की जमीन हिस्से पर ली हुई थी। तब से वह उमेद सिंह की ढाणी में रह रहे हैं। दस दिन पहले रात 10 बजे जब वह ट्यूबवेल की मोटर बंद करने जा रही थी, तब उमेद सिंह ने उसे बुलाया और जबरदस्ती अपने कमरे में ले गया।
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इसके बाद उसने दरवाजा बंद करके उससे दुष्कर्म किया। उसने शोर मचाने की कोशिश की लेकिन उमेद सिंह ने उसका मुंह बंद कर दिया और धमकी दी कि अगर उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो वह उसे मार डालेगा।
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इसलिए डर के मारे उसने किसी को घटना के बारे में नहीं बताया। 16 फरवरी 2025 को जब वह उमेद सिंह के घर में झाड़ू लगा रही थी, तब उमेद वहां आया और उसे कमरे में ले गया। इसके बाद दरवाजा बंद करके जबरदस्ती उससे दुष्कर्म किया।
इसी बीच उसका भाई वहां आया, उसने उसे उमेद से बचाया और परिवार वालों को सारी बात बताई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान नाबालिग की मां ने कोर्ट में गवाही दी कि वह आरोपी को नहीं जानती, न ही उसने उसकी बेटी से दुष्कर्म किया।
मां ने कहा कि कभी भी आरोपी के खिलाफ पुलिस के समक्ष कोई बयान नहीं दिया। 6 जुलाई को मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने आरोपी उमेद को संदेह का लाभ देते हुए आरोपों से बरी कर दिया।