{"_id":"69f790a02fc513a7b20c95ae","slug":"rekha-sharma-and-the-state-president-should-be-served-a-notice-kuldeep-sirsa-news-c-21-hsr1005-863000-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेखा शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष को मिलना चाहिए नोटिस : कुलदीप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेखा शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष को मिलना चाहिए नोटिस : कुलदीप
विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली के उन्हें नोटिस भेजने संबंधी बयान को सिरे से खारिज कर हास्यास्पद बताया है। उन्होंने कहा किसी को नोटिस जारी होना चाहिए तो सबसे पहले राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा और इसके बाद प्रदेशाध्यक्ष को।
प्रवक्ता मोहित शर्मा की ओर जारी विज्ञप्ति में कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि जब शिक्षक अच्छा होता है तो विद्यार्थी जल्दी सीख जाता है। कम से कम यह तो अच्छा हुआ कि मेरे धमकाने पर मोहनलाल बड़ौली ने चौधरी भजनलाल जी का नाम अदब से लेना सीख लिया।
जैसा बाप, वैसा बेटा होना जरूरी नहीं वाले बयान पर पलटवार करते हुए कुलदीप ने कहा कि जिस पिता के बारे में एक महिला की ओर से अमर्यादित टिप्पणी की गई उस पर कार्रवाई करने के बजाय बड़ौली चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि रेखा शर्मा को नोटिस क्यों नहीं भेजा गया जबकि उन्होंने खुले मंच और बाद में एक इंटरव्यू में भी अपने बयान को दोहराया।
भाजपा नेता गठबंधन के लिए खुद उनके पास आए थे
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि उनके पास भाजपा के नेता खुद गठबंधन करने आए थे। तीन में से दो बार आपकी सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई और राजस्थान में 27 में से 22 सीटों पर बढ़त दिलाई। यही बिश्नोई समाज आपको अर्श से फर्श पर लाने का दम रखता है।
नोटिस से डरने वाला नहीं
कुलदीप ने कहा कि कागज के टुकड़ों वाले नोटिस से डरने वाले नहीं हैं। मोहनलाल बड़ौली का बयान उनकी अपरिपक्वता को उजागर करता है। रेखा शर्मा के बयान को गलत न मानना और केवल शब्दों के चयन को मुद्दा बनाना उनके दोहरे मापदंड को दिखाता है।
Trending Videos
प्रवक्ता मोहित शर्मा की ओर जारी विज्ञप्ति में कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि जब शिक्षक अच्छा होता है तो विद्यार्थी जल्दी सीख जाता है। कम से कम यह तो अच्छा हुआ कि मेरे धमकाने पर मोहनलाल बड़ौली ने चौधरी भजनलाल जी का नाम अदब से लेना सीख लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जैसा बाप, वैसा बेटा होना जरूरी नहीं वाले बयान पर पलटवार करते हुए कुलदीप ने कहा कि जिस पिता के बारे में एक महिला की ओर से अमर्यादित टिप्पणी की गई उस पर कार्रवाई करने के बजाय बड़ौली चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि रेखा शर्मा को नोटिस क्यों नहीं भेजा गया जबकि उन्होंने खुले मंच और बाद में एक इंटरव्यू में भी अपने बयान को दोहराया।
भाजपा नेता गठबंधन के लिए खुद उनके पास आए थे
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि उनके पास भाजपा के नेता खुद गठबंधन करने आए थे। तीन में से दो बार आपकी सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई और राजस्थान में 27 में से 22 सीटों पर बढ़त दिलाई। यही बिश्नोई समाज आपको अर्श से फर्श पर लाने का दम रखता है।
नोटिस से डरने वाला नहीं
कुलदीप ने कहा कि कागज के टुकड़ों वाले नोटिस से डरने वाले नहीं हैं। मोहनलाल बड़ौली का बयान उनकी अपरिपक्वता को उजागर करता है। रेखा शर्मा के बयान को गलत न मानना और केवल शब्दों के चयन को मुद्दा बनाना उनके दोहरे मापदंड को दिखाता है।
