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Sirsa News: जिले में कर्मचारियों का विरोध जारी, नहीं होने दी सफाई
Mon, 10 Aug 2026 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 10 Aug 2026 12:44 AM IST
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बस स्टैंड डंपिंग पॉइंट पर फैला कूड़ा संवाद
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800 एमटी से ज्यादा कचरा पड़ा, बारिश के कारण खुले में पड़ा कचरा फैला रहा है बदबू
सभी डंपिंग पॉइंटों पर बदबू के कारण बुरे हालात, एजेंसी को नहीं उठाने दिया कचरा
फोटो-- -
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में अलग-अलग समय पर बारिश हो रही है। बारिश के कारण डंपिंग पॉइंटों पर पड़े कचरे से बदबू भरा माहौल हो गया है। हड़ताली कर्मचारियों के विरोध के कारण डंपिंग पॉइंटों पर बड़े स्तर पर कचरा देखने को मिल रहा हैं।
सड़कों पर जहां भी जगह मिल रही है लोग खुले में कचरा डाल रहे हैं। इस कारण माहौल लगातार खराब हो रहा है। विरोध के कारण डोर-टू-डोर उठान पूरी तरह से जिले में ठप हो गई है। इस कारण लोगों के लिए घरों में कचरा रखना मुश्किल हो गया है।
सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो सिरसा में मौजूदा समय में 350 मीट्रिक टन कचरा जमा हो चुका है। रानियां, ऐलनाबाद, कालांवाली, डबवाली में भी 450 मीट्रिक टन के आसपास कचरा पड़ा हुआ है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
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कर्मचारियों का डोर-टू-डोर से लेकर डंपिंग पॉइंटों से कचरा उठाने को लेकर विरोध जारी है। दो दिनों से पूरे जिले में कचरे की उठान नहीं हुई है। वहीं, एजेंसी कर्मचारियों को अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है कि कहीं कोई अप्रिय घटना न हो। इस कारण प्रशासन के सहयोग के बिना कचरा उठाने का काम पूरी तरह से ठप पड़ा है।
पुलिस व ड्यूटी मजिस्ट्रेट की पूर्व प्रदर्शन में पड़ी थी जरूरत
पूर्व में हुई 13 दिनों की हड़ताल के दौरान पांच दिनों तक कचरा उठान नहीं होने के कारण माहौल खराब होने लगा था। ऐसे में नगर परिषद की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में डंपिंग पॉइंटों से कचरा उठाने का काम किया गया था। पुलिस बल की मदद से प्रशासन ने यह काम किया था। इसी प्रकार, मानसून के मौसम में माहौल बेहद ज्यादा खराब हो सकता है। इसलिए पुलिस प्रशासन व ड्यूटी मजिस्ट्रेट के बिना कचरा उठान हो पाना संभव नहीं है।
बाजारों से लेकर मुख्य सड़कों पर कचरा ही कचरा
शहर के मुख्य बाजारों में दुकानदारों ने डोर-टू-डोर उठान न होने के चलते सड़कों पर कचरा डाल दिया है। इस कारण बाजारों में माहौल खराब हो रहा है। ऊपर से बारिश ने माहौल को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। इसके अलावा, मुख्य सड़कों पर जगह-जगह पर कचरा ही नजर आ रहा है। यदि आगामी 24 घंटे के अंदर उठान की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है तो डाकघर, बस स्टैंड, राजकीय महिला कॉलेज, सीडीएलयू के सामने, डबवाली रोड पर सिरसा क्लब के सामने के अलावा सब्जीमंडी के पास बड़े स्तर पर कूड़े के ढेर लग जाएंगे।
कर्मचारी दे रहे हैं पहरा
अहम बात यह है कि डंपिंग पॉइंटों पर हड़ताल के साथ ही कर्मचारियों ने अपना पहरा देना शुरू कर दिया है। 10 से 15 कर्मचारियों के ग्रुप में पहरा दिया जा रहा है। सुबह व रात दोनों समय कर्मचारी पहरा मुख्य डंपिंग पॉइंटों पर दे रहे हैं ताकि उठान न हो। यही कारण है कि एजेंसी के कर्मचारी भी उठान नहीं करवा पा रहे हैं। एजेंसी ने नगर परिषद को पत्र लिखकर मौजूदा स्थिति के बारे में अवगत करवा दिया गया है।
कोट्स
उच्चाधिकारियों के कचरा उठाने के लिए आगामी आदेशों का इंतजार है। आदेशों के अनुसार ही उठान की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। एजेंसी को उठान को लेकर निर्देश दिए गए हैं।
-जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद।
फोटो-- 16,17
सफाई व्यवस्था प्रभावित, कचरा उठाने वाली गाड़ियां रोकीं
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला करवाया शांत
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण रविवार को शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय परिसर में खड़ीं सफाई व्यवस्था से संबंधित गाड़ियों को बाहर नहीं निकलने दिया।
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार और प्रशासन उनकी मांगों को लेकर ठोस निर्णय नहीं लेते तब तक सफाई कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। गाड़ियों को बाहर नहीं निकलने देने की सूचना मिलने पर ठेकेदार की ओर से पुलिस को मौके पर बुलाया गया।
सूचना मिलते ही गोल बाजार पुलिस चौकी प्रभारी सत्यनारायण पुलिस बल के साथ नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने धरनारत कर्मचारियों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया और उन्हें शांतिपूर्वक धरना जारी रखने की अपील की।
चौकी प्रभारी सत्यनारायण ने कर्मचारियों से कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करवाएं और किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। कर्मचारियों ने भी पुलिस को भरोसा दिलाया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं।
कूड़ा उठना बंद हुआ तो आंदोलन का असर दिखेगा
धरनारत सफाई कर्मचारियों ने कहा कि नगर परिषद की सफाई व्यवस्था से जुड़ीं गाड़ियों को बाहर जाने देना हड़ताल को कमजोर करने के समान होगा। कर्मचारियों ने कहा कि शहर में जमा हो रहा कचरा ही उनके आंदोलन का असर सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है। यदि गाड़ियां कचरा उठाने लगेंगी तो हड़ताल का उद्देश्य प्रभावित होगा। इसलिए मांगें पूरी होने तक कचरा उठाने वाली गाड़ियों को बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
शहर में बढ़ सकता है कचरा जमा होने का संकट
नगर परिषद कार्यालय में सफाई वाहनों के खड़े रहने के कारण शहर में कचरा उठान प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। यदि हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो विभिन्न वार्डों और बाजार क्षेत्रों में कचरा जमा होने की समस्या बढ़ सकती है। बरसात के मौसम में जगह-जगह कचरा जमा रहने से दुर्गंध और बीमारियों का खतरा भी बढ़ने की आशंका है। कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि हड़ताल समाप्त हो और शहर की सफाई व्यवस्था दोबारा सुचारु हो सके।
गिरफ्तारी से भी पीछे नहीं हटने की चेतावनी
कर्मचारी नेता सूरज कुमार सहित अन्य कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी जायज मांगों के समर्थन में शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी करती है तो वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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सभी डंपिंग पॉइंटों पर बदबू के कारण बुरे हालात, एजेंसी को नहीं उठाने दिया कचरा
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में अलग-अलग समय पर बारिश हो रही है। बारिश के कारण डंपिंग पॉइंटों पर पड़े कचरे से बदबू भरा माहौल हो गया है। हड़ताली कर्मचारियों के विरोध के कारण डंपिंग पॉइंटों पर बड़े स्तर पर कचरा देखने को मिल रहा हैं।
सड़कों पर जहां भी जगह मिल रही है लोग खुले में कचरा डाल रहे हैं। इस कारण माहौल लगातार खराब हो रहा है। विरोध के कारण डोर-टू-डोर उठान पूरी तरह से जिले में ठप हो गई है। इस कारण लोगों के लिए घरों में कचरा रखना मुश्किल हो गया है।
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सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो सिरसा में मौजूदा समय में 350 मीट्रिक टन कचरा जमा हो चुका है। रानियां, ऐलनाबाद, कालांवाली, डबवाली में भी 450 मीट्रिक टन के आसपास कचरा पड़ा हुआ है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
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कर्मचारियों का डोर-टू-डोर से लेकर डंपिंग पॉइंटों से कचरा उठाने को लेकर विरोध जारी है। दो दिनों से पूरे जिले में कचरे की उठान नहीं हुई है। वहीं, एजेंसी कर्मचारियों को अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है कि कहीं कोई अप्रिय घटना न हो। इस कारण प्रशासन के सहयोग के बिना कचरा उठाने का काम पूरी तरह से ठप पड़ा है।
पुलिस व ड्यूटी मजिस्ट्रेट की पूर्व प्रदर्शन में पड़ी थी जरूरत
पूर्व में हुई 13 दिनों की हड़ताल के दौरान पांच दिनों तक कचरा उठान नहीं होने के कारण माहौल खराब होने लगा था। ऐसे में नगर परिषद की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में डंपिंग पॉइंटों से कचरा उठाने का काम किया गया था। पुलिस बल की मदद से प्रशासन ने यह काम किया था। इसी प्रकार, मानसून के मौसम में माहौल बेहद ज्यादा खराब हो सकता है। इसलिए पुलिस प्रशासन व ड्यूटी मजिस्ट्रेट के बिना कचरा उठान हो पाना संभव नहीं है।
बाजारों से लेकर मुख्य सड़कों पर कचरा ही कचरा
शहर के मुख्य बाजारों में दुकानदारों ने डोर-टू-डोर उठान न होने के चलते सड़कों पर कचरा डाल दिया है। इस कारण बाजारों में माहौल खराब हो रहा है। ऊपर से बारिश ने माहौल को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। इसके अलावा, मुख्य सड़कों पर जगह-जगह पर कचरा ही नजर आ रहा है। यदि आगामी 24 घंटे के अंदर उठान की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है तो डाकघर, बस स्टैंड, राजकीय महिला कॉलेज, सीडीएलयू के सामने, डबवाली रोड पर सिरसा क्लब के सामने के अलावा सब्जीमंडी के पास बड़े स्तर पर कूड़े के ढेर लग जाएंगे।
कर्मचारी दे रहे हैं पहरा
अहम बात यह है कि डंपिंग पॉइंटों पर हड़ताल के साथ ही कर्मचारियों ने अपना पहरा देना शुरू कर दिया है। 10 से 15 कर्मचारियों के ग्रुप में पहरा दिया जा रहा है। सुबह व रात दोनों समय कर्मचारी पहरा मुख्य डंपिंग पॉइंटों पर दे रहे हैं ताकि उठान न हो। यही कारण है कि एजेंसी के कर्मचारी भी उठान नहीं करवा पा रहे हैं। एजेंसी ने नगर परिषद को पत्र लिखकर मौजूदा स्थिति के बारे में अवगत करवा दिया गया है।
कोट्स
उच्चाधिकारियों के कचरा उठाने के लिए आगामी आदेशों का इंतजार है। आदेशों के अनुसार ही उठान की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। एजेंसी को उठान को लेकर निर्देश दिए गए हैं।
-जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद।
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सफाई व्यवस्था प्रभावित, कचरा उठाने वाली गाड़ियां रोकीं
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला करवाया शांत
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण रविवार को शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय परिसर में खड़ीं सफाई व्यवस्था से संबंधित गाड़ियों को बाहर नहीं निकलने दिया।
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार और प्रशासन उनकी मांगों को लेकर ठोस निर्णय नहीं लेते तब तक सफाई कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। गाड़ियों को बाहर नहीं निकलने देने की सूचना मिलने पर ठेकेदार की ओर से पुलिस को मौके पर बुलाया गया।
सूचना मिलते ही गोल बाजार पुलिस चौकी प्रभारी सत्यनारायण पुलिस बल के साथ नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने धरनारत कर्मचारियों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया और उन्हें शांतिपूर्वक धरना जारी रखने की अपील की।
चौकी प्रभारी सत्यनारायण ने कर्मचारियों से कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करवाएं और किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। कर्मचारियों ने भी पुलिस को भरोसा दिलाया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं।
कूड़ा उठना बंद हुआ तो आंदोलन का असर दिखेगा
धरनारत सफाई कर्मचारियों ने कहा कि नगर परिषद की सफाई व्यवस्था से जुड़ीं गाड़ियों को बाहर जाने देना हड़ताल को कमजोर करने के समान होगा। कर्मचारियों ने कहा कि शहर में जमा हो रहा कचरा ही उनके आंदोलन का असर सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है। यदि गाड़ियां कचरा उठाने लगेंगी तो हड़ताल का उद्देश्य प्रभावित होगा। इसलिए मांगें पूरी होने तक कचरा उठाने वाली गाड़ियों को बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
शहर में बढ़ सकता है कचरा जमा होने का संकट
नगर परिषद कार्यालय में सफाई वाहनों के खड़े रहने के कारण शहर में कचरा उठान प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। यदि हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो विभिन्न वार्डों और बाजार क्षेत्रों में कचरा जमा होने की समस्या बढ़ सकती है। बरसात के मौसम में जगह-जगह कचरा जमा रहने से दुर्गंध और बीमारियों का खतरा भी बढ़ने की आशंका है। कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि हड़ताल समाप्त हो और शहर की सफाई व्यवस्था दोबारा सुचारु हो सके।
गिरफ्तारी से भी पीछे नहीं हटने की चेतावनी
कर्मचारी नेता सूरज कुमार सहित अन्य कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी जायज मांगों के समर्थन में शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी करती है तो वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।