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Sirsa News: गलियों से लेकर डंपिंग पॉइंट तक कचरे से अटा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 04 May 2026 01:40 AM IST
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कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में लगे कूड़े के ढ़ेर । संवाद
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सफाई कर्मचारी पांच मई तक हड़ताल पर, डोर-टू-डोर कचरा उठान भी बंद
- बाजारों की हर गली में कचरा, हवा के साथ कचरा उड़कर बन रहा परेशानी
- 590 के करीब कर्मचारी हड़ताल पर, झाड़ू छोड़ी, जिले में लगातार बिगड़ रहे हालात
- प्रतिदिन जिले से 400 टन निकलता है कचरा, शहर में पड़ा, 400 टन कूड़ा
फोटो-- 1 और 2
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले भर में नगर परिषद और पालिकाओं के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। दो दिनों से पूरी तरह से शहर में झाड़ू नहीं लगी है। न ही डोर-टू-डोर कचरा उठान हुई है। ऐसे में डंपिंग पॉइंटों से लेकर शहर की गलियों व बाजारों में जगह-जगह पर कूड़ा पड़ा हुआ है। इसबार हड़ताल को खत्म करने के मूड में कर्मचारी यूनियन नजर नहीं आ रहा है। वह लंबी लड़ाई लड़ने के लिए धरने पर बैठी है।
सफाई कर्मचारियों की इस हड़ताल में डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली एजेंसी से लेकर शहर में झाड़ू लगाने वाली एजेंसी के कर्मचारी भी समर्थन में आ गए हैं। रविवार को भी नगर परिषद कार्यालय में 100 के आसपास कर्मचारी धरने पर डटे रहे। इस दौरान महिलाओं की संख्या ज्यादा रही।
सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिदिन शहर से 130 से 140 टन के करीब कूड़ा पैदा होता है। इसी प्रकार, रानियां और ऐलनाबाद का 80 एमटी कचरा पैदा होता है। इसके अलावा, कालांवाली और डबवाली में भी 40 के आसपास एमटी कचरा निकलता है। सही मायने में हड़ताल से 260 एमटी कचरे का निपटान प्रतिदिन हो रहा है। मंगलवार तक हड़ताल चलने पर पांचों पालिकाएं व नगर परिषद के दायरे में 800 एमटी के आसपास कचरा जमा हो जाएगा। वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं हो पाएगी कारगर
कचरे के निपटान और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए नगर परिषद अपने स्तर पर प्रयास करेगी। डोर-टू-डोर उठान को दो दिनों से बंद कर दी गई है। ऐसे में प्राथमिक, सेकेंडरी व मुख्य पॉइंटों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। हालांकि, कुछ जगहों पर रैक पिकर या कचरा बीनने वाले कचरा बीन रहे हैं। ऐसे में जिलेभर व शहर में वैकल्पिक कर्मचारियों की व्यवस्था करना प्रबंधन के लिए चुनौती बन गया है।
परिषद व पालिका कर्मचारियों ने नहीं दिया साध
एक बार फिर पालिका व परिषदों के कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी सफाई कर्मचारी यूनियन के साथ नहीं आए हैं। इतना ही नहीं, बार-बार साथ होने का दावा करने के बाद भी साथ नहीं आने यूनियन इन कर्मचारियों से नाराज हैं। यही कारण है कि कार्यालय और जनगणना के काम में कोई बाधा पैदा नहीं हो रही है।
नगर परिषद के सफाई कर्मचारी
कुल - 192
अनुबंधित - 56
सरकारी कोठियों पर कार्यरत - 45
पूर्व मंत्री, सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व सीएम के ओएसडी - 10
एजेंसी के कर्मचारी डिंग मैनपॉवर
कुल जोन - 4
प्रत्येक जोन में सफाई कर्मचारी - 52
कुल कर्मचारी - 208
पूजा वेस्ट मैनेजमेंट
कुल वाहन - 60
कर्मचारी - 200
डंपर - 3 ट्रैक्टर ट्रॉली - 3 लोडर - 2 कोटस--
सफाई व्यवस्था को लेकर आमजन को परेशानी न आए। इसको लेकर वैकल्पिक व्यवस्था का प्रयास किया जाएगा। मुख्य डंपिंग पॉइंटों को साफ करवाना हमारी प्राथमिकता रहेगी। इसको लेकर अधिकारी अपने स्तर पर निर्णय लेंगे।
-जयवीर सिंह, सीएसआई
कोट्स
यूनियन की पांच मई तक हड़ताल जारी रहेगी। नगर परिषद के साथ साथ डिंग मैनपॉवर और डोर-टू-डोर एजेंसी के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। पूरी तरह से शहर में सफाई बंद है। अधिकारी कोई जबरदस्ती करेंगे तो यूनियन अपने स्तर पर निर्णय लेगी।
-मनोज अठवाल, प्रधान, नगर परिषद
गंदगी व बदबू से शहरवासियों का जीना मुश्किल
फोटो - 27,28
रानियां। नगर पालिका कार्यालय में जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। सभी सफाई कर्मचारियों सफाई कार्य बंद कर हड़ताल पर बैठे हैं। सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन कर अपनी मांगों को पूरी करवाने पर अड़े हैं। इसके चलते शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है।
शहर के अंदर लोगों के घरों में डस्टबिन कूड़े से भरे पड़े हैं। माहौल खराब हो रहा है। शहर में पॉलिथिन व खाद्य पैकेटों के रेपर, सब्जी व फलों के छिलके, घरों से निकलने वाला कूड़ा आदि के ढेर लगे हुए हैं। दूसरी ओर नगर पालिका सफाई कर्मचारी अपनी सभी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उन सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तब तक वे अपने कार्य पर नहीं लौटेंगे। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उनके हकों और सुविधाओं को नजरअंदाज कर रही है। इससे उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
फोटो - रानियां03,04 कूड़े के लगे ढेर व हड़ताल पर बैठे कर्मचारी।
शहर में लगे कूड़े के ढेर
फोटो -29
संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की बीते तीन दिनों चल रही हड़ताल के कारण शहर सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इसके चलते शहर में जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। रविवार सुबह आई तेज हवाओं व आंधी ने इस स्थिति को और भी बदहाल कर दिया। इससे आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हड़ताल के चलते तीन दिनों से कूड़ा उठाने व सफाई का कार्य पूरी तरह बंद रहा, जिसके चलते घरों, बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा जमा हो गया। शहर की सब्जी मंडी, बस स्टैंड, टेलीफोन एक्सचेंज के पास, माडॅल टाऊन सहित आवासीय कॉलोनियों में गंदगी का आलम साफ देखा जा सकता है।
ऐलनाबाद में लगे कूड़े के ढ़ेर, कर्मचारी हड़ताल पर फोटो - 8
संवाद न्यूज एजेंसी
ऐलनाबाद। नगर पालिका कर्मचारियों की पांच मई तक की हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पिछले तीन-चार दिनों से कूड़ा नहीं उठाए जाने के कारण शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं।
रविवार को नगर पालिका कर्मचारियों ने ताऊ देवीलाल चौक पर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में गौरीशंकर, इंदर सिंह, नाथूराम, सनी चावरिया, आत्माराम सरबटा, जयचंद, अजय कुमार, संदीप खन्ना अन्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई और जल्द समाधान की मांग की। कर्मचारियों ने बताया कि वे लगातार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
इसी क्रम में उन्होंने 27 और 28 अप्रैल को भूख हड़ताल की थी जबकि 1 और 2 मई को राष्ट्रीय स्तर पर हड़ताल में भी भाग लिया। इसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं।
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- प्रतिदिन जिले से 400 टन निकलता है कचरा, शहर में पड़ा, 400 टन कूड़ा
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले भर में नगर परिषद और पालिकाओं के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। दो दिनों से पूरी तरह से शहर में झाड़ू नहीं लगी है। न ही डोर-टू-डोर कचरा उठान हुई है। ऐसे में डंपिंग पॉइंटों से लेकर शहर की गलियों व बाजारों में जगह-जगह पर कूड़ा पड़ा हुआ है। इसबार हड़ताल को खत्म करने के मूड में कर्मचारी यूनियन नजर नहीं आ रहा है। वह लंबी लड़ाई लड़ने के लिए धरने पर बैठी है।
सफाई कर्मचारियों की इस हड़ताल में डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली एजेंसी से लेकर शहर में झाड़ू लगाने वाली एजेंसी के कर्मचारी भी समर्थन में आ गए हैं। रविवार को भी नगर परिषद कार्यालय में 100 के आसपास कर्मचारी धरने पर डटे रहे। इस दौरान महिलाओं की संख्या ज्यादा रही।
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सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिदिन शहर से 130 से 140 टन के करीब कूड़ा पैदा होता है। इसी प्रकार, रानियां और ऐलनाबाद का 80 एमटी कचरा पैदा होता है। इसके अलावा, कालांवाली और डबवाली में भी 40 के आसपास एमटी कचरा निकलता है। सही मायने में हड़ताल से 260 एमटी कचरे का निपटान प्रतिदिन हो रहा है। मंगलवार तक हड़ताल चलने पर पांचों पालिकाएं व नगर परिषद के दायरे में 800 एमटी के आसपास कचरा जमा हो जाएगा। वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं हो पाएगी कारगर
कचरे के निपटान और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए नगर परिषद अपने स्तर पर प्रयास करेगी। डोर-टू-डोर उठान को दो दिनों से बंद कर दी गई है। ऐसे में प्राथमिक, सेकेंडरी व मुख्य पॉइंटों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं। हालांकि, कुछ जगहों पर रैक पिकर या कचरा बीनने वाले कचरा बीन रहे हैं। ऐसे में जिलेभर व शहर में वैकल्पिक कर्मचारियों की व्यवस्था करना प्रबंधन के लिए चुनौती बन गया है।
परिषद व पालिका कर्मचारियों ने नहीं दिया साध
एक बार फिर पालिका व परिषदों के कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी सफाई कर्मचारी यूनियन के साथ नहीं आए हैं। इतना ही नहीं, बार-बार साथ होने का दावा करने के बाद भी साथ नहीं आने यूनियन इन कर्मचारियों से नाराज हैं। यही कारण है कि कार्यालय और जनगणना के काम में कोई बाधा पैदा नहीं हो रही है।
नगर परिषद के सफाई कर्मचारी
कुल - 192
अनुबंधित - 56
सरकारी कोठियों पर कार्यरत - 45
पूर्व मंत्री, सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व सीएम के ओएसडी - 10
एजेंसी के कर्मचारी डिंग मैनपॉवर
कुल जोन - 4
प्रत्येक जोन में सफाई कर्मचारी - 52
कुल कर्मचारी - 208
पूजा वेस्ट मैनेजमेंट
कुल वाहन - 60
कर्मचारी - 200
डंपर - 3 ट्रैक्टर ट्रॉली - 3 लोडर - 2 कोटस
सफाई व्यवस्था को लेकर आमजन को परेशानी न आए। इसको लेकर वैकल्पिक व्यवस्था का प्रयास किया जाएगा। मुख्य डंपिंग पॉइंटों को साफ करवाना हमारी प्राथमिकता रहेगी। इसको लेकर अधिकारी अपने स्तर पर निर्णय लेंगे।
-जयवीर सिंह, सीएसआई
कोट्स
यूनियन की पांच मई तक हड़ताल जारी रहेगी। नगर परिषद के साथ साथ डिंग मैनपॉवर और डोर-टू-डोर एजेंसी के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। पूरी तरह से शहर में सफाई बंद है। अधिकारी कोई जबरदस्ती करेंगे तो यूनियन अपने स्तर पर निर्णय लेगी।
-मनोज अठवाल, प्रधान, नगर परिषद
गंदगी व बदबू से शहरवासियों का जीना मुश्किल
फोटो - 27,28
रानियां। नगर पालिका कार्यालय में जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। सभी सफाई कर्मचारियों सफाई कार्य बंद कर हड़ताल पर बैठे हैं। सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन कर अपनी मांगों को पूरी करवाने पर अड़े हैं। इसके चलते शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है।
शहर के अंदर लोगों के घरों में डस्टबिन कूड़े से भरे पड़े हैं। माहौल खराब हो रहा है। शहर में पॉलिथिन व खाद्य पैकेटों के रेपर, सब्जी व फलों के छिलके, घरों से निकलने वाला कूड़ा आदि के ढेर लगे हुए हैं। दूसरी ओर नगर पालिका सफाई कर्मचारी अपनी सभी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उन सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तब तक वे अपने कार्य पर नहीं लौटेंगे। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उनके हकों और सुविधाओं को नजरअंदाज कर रही है। इससे उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
फोटो - रानियां03,04 कूड़े के लगे ढेर व हड़ताल पर बैठे कर्मचारी।
शहर में लगे कूड़े के ढेर
फोटो -29
संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की बीते तीन दिनों चल रही हड़ताल के कारण शहर सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इसके चलते शहर में जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। रविवार सुबह आई तेज हवाओं व आंधी ने इस स्थिति को और भी बदहाल कर दिया। इससे आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हड़ताल के चलते तीन दिनों से कूड़ा उठाने व सफाई का कार्य पूरी तरह बंद रहा, जिसके चलते घरों, बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा जमा हो गया। शहर की सब्जी मंडी, बस स्टैंड, टेलीफोन एक्सचेंज के पास, माडॅल टाऊन सहित आवासीय कॉलोनियों में गंदगी का आलम साफ देखा जा सकता है।
ऐलनाबाद में लगे कूड़े के ढ़ेर, कर्मचारी हड़ताल पर फोटो - 8
संवाद न्यूज एजेंसी
ऐलनाबाद। नगर पालिका कर्मचारियों की पांच मई तक की हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पिछले तीन-चार दिनों से कूड़ा नहीं उठाए जाने के कारण शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं।
रविवार को नगर पालिका कर्मचारियों ने ताऊ देवीलाल चौक पर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में गौरीशंकर, इंदर सिंह, नाथूराम, सनी चावरिया, आत्माराम सरबटा, जयचंद, अजय कुमार, संदीप खन्ना अन्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई और जल्द समाधान की मांग की। कर्मचारियों ने बताया कि वे लगातार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
इसी क्रम में उन्होंने 27 और 28 अप्रैल को भूख हड़ताल की थी जबकि 1 और 2 मई को राष्ट्रीय स्तर पर हड़ताल में भी भाग लिया। इसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं।
