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Sirsa News: शहरवासी बोले-सारा सिरसा पाड राख्या है
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:32 PM IST
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आपस में संवाद करते हुए शहर के मौजिज लोग। संवाद
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- संवाद कार्यक्रम में मौअजिज लोगों ने शहर के बदतर हालात पर साझा किया दर्द
- सड़क से लेकर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर जताई नाराजगी
- आवारा कुत्तों की विकट समस्या पर ध्यान दिलाया
- शिक्षकों और सेवानिवृत कर्मचारियों को आज भी सरकार से बेहतर कदम की उम्मीद
संवाद में संस्थाओं ने साझा किए विचार
फोटो-- - 21, 22
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के मौजूदा हालात पर मौअजिज लोगों ने अपना दर्द बयां किया। संवाद न्यूज एजेंसी के संवाद कार्यक्रम के तहत उन्होंने शहर के हालात पर चिंता व्यक्त की। साहित्यकार से लेकर शिक्षक और सामाजिक संस्थाओं से लेकर युवा क्लब के युवा सदस्यों तक अपने विचार साझा किए। सभी ने एक सुर में कहा कि सारा सिरसा पाड राख्या है, कड़े त भी निकल ल्यो।
मौअजिज लोगों ने कहा कि विकास का एक आयाम और दिशा होती है। सिरसा में बिना दिशा के विकास कार्य किया जा रहा है। कहीं बरसाती लाइन के नाम पर तो कहीं अंडरपास से लेकर ओवरब्रिज के नाम पर शहर की सड़कों को जगह-जगह पर खोदकर छोड़ दिया है। दुपहिया, चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल गुजरने वालों को परेशानी उठानी पड़ती है। रात के समय यह हादसों का केंद्र बन जाते हैं।
इसके अलावा, लोगों ने शहर में पार्किंग की सुविधा न होना, पार्क के बदतर हालात, दूषित पेयजल आपूर्ति, सीवरेज ओवरफ्लो, सफाई के अभाव में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर आदि समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। एजेंसी व संस्थाओं को ठेके देकर अधिकारी अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। कुत्तों की समस्या इतनी बड़ी हो चुकी है कि अब रेबीज से लोगों की मौत होने लगी है। इससे भय का माहौल है।
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इन संस्थाओं के पदाधिकारी पहुंचे
-- सरसाईं नाथ बुक बैंक
- हरियाणा स्टेट पेंशनर्स समाज
- युवा क्लब कर्मगढ़।
- अखिल भारतीय बाल साहित्य संस्था।
- पतंजलि योग संस्थान
- स्कूल कैडर लेक्चरर एसोसिएशन हरियाणा
-- --
ये रहे मौजूद
सरसाईंनाथ बुक बैंक से गुरदीप सैनी, रणजीत सिंह टक्कर, सतीश मित्तल, हरियाणा स्टेट पेंशनर्स एसोसिएशन राजेंद्र मोहन गुप्ता, राजकुमार खुग्गर, रघुवीर सिंगला, चेतन प्रकाश शास्त्री, गुरजंट सिंह, मदन लाल नारंग, सुशील बांगड़ी, युवा क्लब कर्मगढ़ से दीक्षित मेहता, अखिल भारतीय बाल साहित्य संस्था से डाॅ राजकुमार निजात, मदन वर्मा, पतंजलि योग संस्थान से जयप्रकाश उर्फ जेपी, स्कूल कैडर लेक्चरर एसोसिएशन हरियाणा विनोद कुमार, नवीन सिंगला, समाजसेवी डॉ. सत्यवान गौतम मौजूद रहे।
ये रखीं समस्याएं
- शहर में सड़कें जगह-जगह टूटी हुई हैं। उन्हें दुरुस्त नहीं किया गया।
- पार्कों में संस्थाएं बेहतर रख-रखाव नहीं कर रही हैं। हालात बदतर हैं।
- मिनी बाईपास पर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।
- हिसार रोड से लेकर मुख्य मार्गों पर बीएंडआर के बनाए अवैध ब्रेकरों से हादसे हो रहे हैं।
- शहर की कॉलोनियों में सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है।
- पेंशनर्स के कैशलेस कार्ड मान्यता नहीं है। इससे वे परेशान हो रहे हैं।
- शहर में पार्किंग नहीं है और सड़कों पर अव्यवस्था का माहौल है।
- कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इनको लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
- साहित्य से जुड़ीं संस्थाओं को बेहतर व्यवस्था मुहैया करवाने के लिए सरकार कदम उठाए। - गांव कर्मगढ़ के प्राइमरी स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए बेंच नहीं। इससे बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ता है।
- नशे को लेकर समाज और पुलिस को मिलकर काम करना चाहिए। इसे खत्म करने की दिशा में योजना बनाई जाए।
- ऑटो मार्केट की सड़कों व पार्किंग पर दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। इसको लेकर ठोस कदम उठाया जाना चाहिए।
- ऑटो मार्केट में बरसाती लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदकर छोड़ दी है। इससे धूलभरा माहौल रहता है। इसे दुरुस्त करवाया जाए।
- महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था होनी चाहिए।
- सड़क से लेकर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर जताई नाराजगी
- आवारा कुत्तों की विकट समस्या पर ध्यान दिलाया
- शिक्षकों और सेवानिवृत कर्मचारियों को आज भी सरकार से बेहतर कदम की उम्मीद
संवाद में संस्थाओं ने साझा किए विचार
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के मौजूदा हालात पर मौअजिज लोगों ने अपना दर्द बयां किया। संवाद न्यूज एजेंसी के संवाद कार्यक्रम के तहत उन्होंने शहर के हालात पर चिंता व्यक्त की। साहित्यकार से लेकर शिक्षक और सामाजिक संस्थाओं से लेकर युवा क्लब के युवा सदस्यों तक अपने विचार साझा किए। सभी ने एक सुर में कहा कि सारा सिरसा पाड राख्या है, कड़े त भी निकल ल्यो।
मौअजिज लोगों ने कहा कि विकास का एक आयाम और दिशा होती है। सिरसा में बिना दिशा के विकास कार्य किया जा रहा है। कहीं बरसाती लाइन के नाम पर तो कहीं अंडरपास से लेकर ओवरब्रिज के नाम पर शहर की सड़कों को जगह-जगह पर खोदकर छोड़ दिया है। दुपहिया, चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल गुजरने वालों को परेशानी उठानी पड़ती है। रात के समय यह हादसों का केंद्र बन जाते हैं।
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इसके अलावा, लोगों ने शहर में पार्किंग की सुविधा न होना, पार्क के बदतर हालात, दूषित पेयजल आपूर्ति, सीवरेज ओवरफ्लो, सफाई के अभाव में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर आदि समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। एजेंसी व संस्थाओं को ठेके देकर अधिकारी अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। कुत्तों की समस्या इतनी बड़ी हो चुकी है कि अब रेबीज से लोगों की मौत होने लगी है। इससे भय का माहौल है।
इन संस्थाओं के पदाधिकारी पहुंचे
- हरियाणा स्टेट पेंशनर्स समाज
- युवा क्लब कर्मगढ़।
- अखिल भारतीय बाल साहित्य संस्था।
- पतंजलि योग संस्थान
- स्कूल कैडर लेक्चरर एसोसिएशन हरियाणा
ये रहे मौजूद
सरसाईंनाथ बुक बैंक से गुरदीप सैनी, रणजीत सिंह टक्कर, सतीश मित्तल, हरियाणा स्टेट पेंशनर्स एसोसिएशन राजेंद्र मोहन गुप्ता, राजकुमार खुग्गर, रघुवीर सिंगला, चेतन प्रकाश शास्त्री, गुरजंट सिंह, मदन लाल नारंग, सुशील बांगड़ी, युवा क्लब कर्मगढ़ से दीक्षित मेहता, अखिल भारतीय बाल साहित्य संस्था से डाॅ राजकुमार निजात, मदन वर्मा, पतंजलि योग संस्थान से जयप्रकाश उर्फ जेपी, स्कूल कैडर लेक्चरर एसोसिएशन हरियाणा विनोद कुमार, नवीन सिंगला, समाजसेवी डॉ. सत्यवान गौतम मौजूद रहे।
ये रखीं समस्याएं
- शहर में सड़कें जगह-जगह टूटी हुई हैं। उन्हें दुरुस्त नहीं किया गया।
- पार्कों में संस्थाएं बेहतर रख-रखाव नहीं कर रही हैं। हालात बदतर हैं।
- मिनी बाईपास पर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।
- हिसार रोड से लेकर मुख्य मार्गों पर बीएंडआर के बनाए अवैध ब्रेकरों से हादसे हो रहे हैं।
- शहर की कॉलोनियों में सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है।
- पेंशनर्स के कैशलेस कार्ड मान्यता नहीं है। इससे वे परेशान हो रहे हैं।
- शहर में पार्किंग नहीं है और सड़कों पर अव्यवस्था का माहौल है।
- कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इनको लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
- साहित्य से जुड़ीं संस्थाओं को बेहतर व्यवस्था मुहैया करवाने के लिए सरकार कदम उठाए। - गांव कर्मगढ़ के प्राइमरी स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए बेंच नहीं। इससे बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ता है।
- नशे को लेकर समाज और पुलिस को मिलकर काम करना चाहिए। इसे खत्म करने की दिशा में योजना बनाई जाए।
- ऑटो मार्केट की सड़कों व पार्किंग पर दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। इसको लेकर ठोस कदम उठाया जाना चाहिए।
- ऑटो मार्केट में बरसाती लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदकर छोड़ दी है। इससे धूलभरा माहौल रहता है। इसे दुरुस्त करवाया जाए।
- महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था होनी चाहिए।