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Sirsa News: नायब दरबार में आज खुलेगी भ्रष्ट तंत्र की पोल, मुख्यमंत्री पहली बार जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 18 Jun 2026 10:42 PM IST
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वीरवार रात करीब पौने 9 बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पहुंचे मुख्यमंत्री।
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सिरसा। पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में होगी। बैठक में 4 पुरानी और 11 नई शिकायतें रखी जाएंगी जिन्हें निपटाने के लिए अधिकारी दो दिनों से मशक्कत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के समक्ष पहली की बैठक में बिजली निगम में भ्रष्टाचार से लेकर आयुष्मान कार्ड में गड़बड़ी जैसे गंभीर मामले उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही समस्याओं को आनन-फानन में निपटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कई शिकायतों का निपटारा किया गया तो कहीं सरकारी कर्मचारी समझौता कराने के लिए फोन करते नजर आए। आयुष्मान कार्ड में गड़बड़ी की शिकायत करने वाली शकुंतला को एक आशा वर्कर ने फोन कर मामला सीएम के सामने न उठाने के लिए गुमराह करने का प्रयास किया लेकिन शिकायतकर्ता कार्रवाई की मांग पर अड़ी हैं। ऐसे में सीएम की पहली ही बैठक में भ्रष्टाचार के मामले उठने से सरकारी तंत्र की पोल खुलना तय है और कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
रिश्वतखोरी : कनेक्शन जोड़ने के बदले किसान से पैसे मांग रहे अधिकारी
गांव भादड़ा निवासी महेंद्र सिंह ने शिकायत की है कि उसके और उसके चाचा के पास कुल छह एकड़ जमीन है। सिंचाई के लिए उसके नाम पर पिछले 3 वर्षों से ट्यूबवेल कनेक्शन (2861422000) है। बिजली विभाग के उपमंडल अभियंता रवि कंबोज और जेई ने बिना नोटिस के कनेक्शन काट दिया। अब वे इसे दोबारा जोड़ने के बदले रिश्वत मांग रहे हैं और न देने पर धमकी दे रहे हैं। पानी न मिलने से फसल खराब हो रही है और परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो गया है। प्रार्थी ने कनेक्शन बहाल करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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अनदेखी : ट्रैक्टर से फसल नष्ट करने और मुआवजा न मिलने की शिकायत
कालांवाली के गांव तरूआना निवासी राम सिंह ने शिकायत दी है कि गुरमेल सिंह और गुरनाम सिंह ने उसके खेत में खड़ी सरसों की फसल ट्रैक्टर से नष्ट कर दी थी। आदेश के बावजूद हलका कानूनगो और पटवारी की रिपोर्ट पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही मुआवजा मिला। रिपोर्ट को उपमंडल अधिकारी नायब कालांवाली को आगामी आवश्यक कार्रवाई को भेजी गई थी। पीड़ितों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
लापरवाही : शिकायत के बाद बिना एस्टीमेट जोड़े ट्यूबवेल कनेक्शन
जांडवाला बिश्नोईयां निवासी ओम विष्णु ने शिकायत दी थी कि उसके पुत्र अरमान के ट्यूबवेल कनेक्शन (टी-33-823-95) के लिए विभाग ने 1,41,207 रुपये भरवाए थे और नया ट्रांसफार्मर देने की बात कही थी लेकिन विभाग ने पड़ोसी के ट्रांसफार्मर को बड़ा करने का प्रयास किया जिसका पड़ोसी ने विरोध किया। जेई ने अलग से 20-30 हजार रुपये की मांग की और गुमराह किया। सीएम विंडो पर शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ। हैरानी की बात यह है कि ग्रीवेंस समिति की बैठक में मामला आते ही अधिकारी कार्रवाई के डर से बिना किसी नए एस्टीमेट के आनन-फानन में कनेक्शन जोड़ गए।
रंजिश : फर्जी दस्तावेज के आधार पर रुकवाई बुढ़ापा पेंशन
डबवाली के गांव खुईया मलकाना निवासी जरनैल सिंह ने शिकायत दी है कि अंकित नामक व्यक्ति ने जमीनी रंजिश के कारण उसकी बुढ़ापा पेंशन रुकवा दी है। शिकायत में पंजाब स्कूल का एक फर्जी लेटरहेड लगाया गया है जिसमें कोई स्थायी पता या माता का नाम नहीं है। स्कूल ने भी किसी दस्तावेज को वेरीफाई नहीं किया है। प्रार्थी ने विभाग से पेंशन बहाली की मांग की है।
धोखाधड़ी : अस्पताल पर आयुष्मान कार्ड का पैसा हड़पने और दुर्व्यवहार का आरोप
बरनाला राम कॉलोनी निवासी शकुंतला ने श्री गुरु नानक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पित्त की थैली की पथरी के इलाज के दौरान डॉक्टर ने उन्हें महंगी लैब से टेस्ट करवाने के लिए मजबूर किया और रिपोर्ट में पथरी का आकार कम दिखाकर भ्रमित किया। सर्जरी पीएमजेएवाई के तहत मुफ्त होने के बावजूद 20 हजार रुपये की मांग की गई। अंगूठे का निशान लेकर बिना रसीद दिए फाइल लौटाने के बदले 500 रुपये लिए गए। शिकायतकर्ता को शक है कि अस्पताल ने धोखे से उनके कार्ड से क्लेम उठाया है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की है।
धांधली : सड़क निर्माण में गड़बड़ी का आरोप
गांव रोड़ी निवासी रूलदू सिंह ने शिकायत दी है कि कालांवाली रोड से उनके कोठे तक रास्ता मंजूर हुआ था और राशि भी आ गई थी। लेकिन सरपंच और अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर रास्ता दोनों तरफ से छोड़कर बीच में से बना दिया। जब उन्होंने बीडीपीओ और जेई से मुलाकात की, तो जेई ने टेंडर रेट में 2 प्रतिशत बढ़ोतरी के पैसे मांगे और अपशब्द कहते हुए दफ्तर से निकाल दिया। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही समस्याओं को आनन-फानन में निपटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कई शिकायतों का निपटारा किया गया तो कहीं सरकारी कर्मचारी समझौता कराने के लिए फोन करते नजर आए। आयुष्मान कार्ड में गड़बड़ी की शिकायत करने वाली शकुंतला को एक आशा वर्कर ने फोन कर मामला सीएम के सामने न उठाने के लिए गुमराह करने का प्रयास किया लेकिन शिकायतकर्ता कार्रवाई की मांग पर अड़ी हैं। ऐसे में सीएम की पहली ही बैठक में भ्रष्टाचार के मामले उठने से सरकारी तंत्र की पोल खुलना तय है और कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
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रिश्वतखोरी : कनेक्शन जोड़ने के बदले किसान से पैसे मांग रहे अधिकारी
गांव भादड़ा निवासी महेंद्र सिंह ने शिकायत की है कि उसके और उसके चाचा के पास कुल छह एकड़ जमीन है। सिंचाई के लिए उसके नाम पर पिछले 3 वर्षों से ट्यूबवेल कनेक्शन (2861422000) है। बिजली विभाग के उपमंडल अभियंता रवि कंबोज और जेई ने बिना नोटिस के कनेक्शन काट दिया। अब वे इसे दोबारा जोड़ने के बदले रिश्वत मांग रहे हैं और न देने पर धमकी दे रहे हैं। पानी न मिलने से फसल खराब हो रही है और परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो गया है। प्रार्थी ने कनेक्शन बहाल करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अनदेखी : ट्रैक्टर से फसल नष्ट करने और मुआवजा न मिलने की शिकायत
कालांवाली के गांव तरूआना निवासी राम सिंह ने शिकायत दी है कि गुरमेल सिंह और गुरनाम सिंह ने उसके खेत में खड़ी सरसों की फसल ट्रैक्टर से नष्ट कर दी थी। आदेश के बावजूद हलका कानूनगो और पटवारी की रिपोर्ट पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही मुआवजा मिला। रिपोर्ट को उपमंडल अधिकारी नायब कालांवाली को आगामी आवश्यक कार्रवाई को भेजी गई थी। पीड़ितों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
लापरवाही : शिकायत के बाद बिना एस्टीमेट जोड़े ट्यूबवेल कनेक्शन
जांडवाला बिश्नोईयां निवासी ओम विष्णु ने शिकायत दी थी कि उसके पुत्र अरमान के ट्यूबवेल कनेक्शन (टी-33-823-95) के लिए विभाग ने 1,41,207 रुपये भरवाए थे और नया ट्रांसफार्मर देने की बात कही थी लेकिन विभाग ने पड़ोसी के ट्रांसफार्मर को बड़ा करने का प्रयास किया जिसका पड़ोसी ने विरोध किया। जेई ने अलग से 20-30 हजार रुपये की मांग की और गुमराह किया। सीएम विंडो पर शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ। हैरानी की बात यह है कि ग्रीवेंस समिति की बैठक में मामला आते ही अधिकारी कार्रवाई के डर से बिना किसी नए एस्टीमेट के आनन-फानन में कनेक्शन जोड़ गए।
रंजिश : फर्जी दस्तावेज के आधार पर रुकवाई बुढ़ापा पेंशन
डबवाली के गांव खुईया मलकाना निवासी जरनैल सिंह ने शिकायत दी है कि अंकित नामक व्यक्ति ने जमीनी रंजिश के कारण उसकी बुढ़ापा पेंशन रुकवा दी है। शिकायत में पंजाब स्कूल का एक फर्जी लेटरहेड लगाया गया है जिसमें कोई स्थायी पता या माता का नाम नहीं है। स्कूल ने भी किसी दस्तावेज को वेरीफाई नहीं किया है। प्रार्थी ने विभाग से पेंशन बहाली की मांग की है।
धोखाधड़ी : अस्पताल पर आयुष्मान कार्ड का पैसा हड़पने और दुर्व्यवहार का आरोप
बरनाला राम कॉलोनी निवासी शकुंतला ने श्री गुरु नानक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पित्त की थैली की पथरी के इलाज के दौरान डॉक्टर ने उन्हें महंगी लैब से टेस्ट करवाने के लिए मजबूर किया और रिपोर्ट में पथरी का आकार कम दिखाकर भ्रमित किया। सर्जरी पीएमजेएवाई के तहत मुफ्त होने के बावजूद 20 हजार रुपये की मांग की गई। अंगूठे का निशान लेकर बिना रसीद दिए फाइल लौटाने के बदले 500 रुपये लिए गए। शिकायतकर्ता को शक है कि अस्पताल ने धोखे से उनके कार्ड से क्लेम उठाया है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की है।
धांधली : सड़क निर्माण में गड़बड़ी का आरोप
गांव रोड़ी निवासी रूलदू सिंह ने शिकायत दी है कि कालांवाली रोड से उनके कोठे तक रास्ता मंजूर हुआ था और राशि भी आ गई थी। लेकिन सरपंच और अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर रास्ता दोनों तरफ से छोड़कर बीच में से बना दिया। जब उन्होंने बीडीपीओ और जेई से मुलाकात की, तो जेई ने टेंडर रेट में 2 प्रतिशत बढ़ोतरी के पैसे मांगे और अपशब्द कहते हुए दफ्तर से निकाल दिया। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।