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Sirsa News: सरपंच सुनीता और शारदा को 26 को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 20 Jan 2026 11:46 PM IST
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सिरसा।सरपंच सुनीता
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सुनीता ने साढ़े तीन साल में 7.50 करोड़ रुपये से बदली गांव की तस्वीर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। खंड बड़ागुढ़ा के गांव फतेहपुरिया नियमत खां की सरपंच सुनीता ढिढोरिया ने बीते साढ़े तीन वर्षों में विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर जिले में गांव नई पहचान बनाई है। गांव में करीब 7 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से विकास कार्य करवाए गए हैं। 26 जनवरी को सुनीता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित करेंगी।
खास बात यह है कि योजनाबद्ध ढंग से कराए गए कार्यों के चलते पूरे कार्यकाल में गांव में एक भी आरटीआई दर्ज नहीं हुई, जो प्रशासनिक पारदर्शिता का उदाहरण है।
गांव में संपूर्ण सीवरेज व्यवस्था को पूरा कर लिया गया है। हरियाणा के चुनिंदा गांवों में शामिल फतेहपुरिया नियमत खां ऐसा गांव बन गया है, जहां कहीं भी खुली नालियां नजर नहीं आतीं। सभी गलियां पक्की और इंटरलॉकिंग से युक्त हैं, जिससे जलभराव और गंदगी की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। जोहड़ों के सुंदरीकरण और विकास का काम भी पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा जोहड़ की चहारदीवारी और इंटरलॉकिंग के लिए 12 लाख रुपये का टेंडर भी स्वीकृत किया गया है।
25 लाख रुपये की लागत से आधुनिक इनडोर जिम का निर्माण : लंबे समय से अटके प्लॉट आवंटन का मुद्दा भी सुलझाया गया है। करीब 20 वर्षों से लंबित 250 प्लॉटों को अलॉट कर उनकी रजिस्ट्री करवाई गई, वहीं, 250 प्लॉटों को ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत पूरा किया गया। इसके अलावा 160 नए प्लॉट भी स्वीकृत कराए गए हैं। दो श्मशान घाटों की चहारदीवारी, आरसीसी रोड का निर्माण पूरा किया गया है।
गांव में लगाए 1500 पौधे
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए गांव में हर घर के आगे दो-दो पौधे लगाए गए हैं। अब तक 1500 से अधिक पेड़-पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनकी नियमित देखरेख भी की जा रही है। गांव में 2 एकड़ 4 कनाल भूमि पर हर्बल पार्क का निर्माण किया गया है, जो ग्रामीणों के लिए सैर और स्वास्थ्य का केंद्र बन गया है। वहीं, स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए पांच सोख्ता गड्ढों का निर्माण भी किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे गांव में स्ट्रीट लाइट के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ढाणियों में रहने वाले लोगों के लिए पीने के पानी की समस्या को दूर करते हुए पाइपलाइन बिछाई गई है।
गांव भुन्ना की सरपंच शारदा ने शिक्षा और खेल के क्षेत्र में रचा इतिहास
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। 26 जनवरी को दिल्ली में राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के लिए गांव भुन्ना की सरपंच शारदा का चयन हुआ है। शारदा ने सशक्त नेतृत्व और दूरदर्शी सोच से जिले में शिक्षा, खेल और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। इन्हीं उपलब्धियों के चलते उनका नाम जिले में बेहतर कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों की सूची में चयनित किया गया है।
सरपंच शारदा ने ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए महिलाओं, युवाओं और खिलाड़ियों के लिए कई नई पहल शुरू की है, जो अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और आजीविका के साधन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सरपंच शारदा गांव में करीब 10 महिला स्वयं सहायता समूहों का नेतृत्व कर रही हैं। इन समूहों से जुड़कर लगभग 100 महिलाएं स्वरोजगार कर रही हैं। महिला समूहों द्वारा चूड़ियां, सर्फ, स्वेटर, पंखे, साबुन, कढ़ाई-बुनाई सहित अन्य घरेलू उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है।
शिक्षा के क्षेत्र में उठाए महत्वपूर्ण कदम : शिक्षा के क्षेत्र में भी सरपंच शारदा ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बीते ढाई वर्ष में गांव के युवाओं को सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए 40 सीटों वाला आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पुस्तकालय स्थापित करवाया गया।
पार्क कम व्यायामशाला का करवाया निर्माण : गांव में चार एकड़ भूमि पर पार्क कम व्यायामशाला सह स्टेडियम का निर्माण करवाया गया है। इस स्टेडियम में एथलेटिक्स ट्रैक, क्रिकेट पिच, हरी घास, लाइटिंग व्यवस्था, पानी के फव्वारे, योग स्टेज बनाया गया है।
सरपंच शारदा का नमो ड्रोन दीदी के तहत चयन
महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए एक वर्ष पूर्व केंद्र सरकार की ओर से शारदा का चयन नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत किया गया। इस योजना के अंतर्गत उन्हें कृषि क्षेत्र में कार्य के लिए एक ड्रोन उपलब्ध करवाया गया। इस ड्रोन के माध्यम से गांव की महिलाएं और किसान कम लागत में फसलों पर दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं, जिससे खेती में समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। खंड बड़ागुढ़ा के गांव फतेहपुरिया नियमत खां की सरपंच सुनीता ढिढोरिया ने बीते साढ़े तीन वर्षों में विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर जिले में गांव नई पहचान बनाई है। गांव में करीब 7 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से विकास कार्य करवाए गए हैं। 26 जनवरी को सुनीता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित करेंगी।
खास बात यह है कि योजनाबद्ध ढंग से कराए गए कार्यों के चलते पूरे कार्यकाल में गांव में एक भी आरटीआई दर्ज नहीं हुई, जो प्रशासनिक पारदर्शिता का उदाहरण है।
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गांव में संपूर्ण सीवरेज व्यवस्था को पूरा कर लिया गया है। हरियाणा के चुनिंदा गांवों में शामिल फतेहपुरिया नियमत खां ऐसा गांव बन गया है, जहां कहीं भी खुली नालियां नजर नहीं आतीं। सभी गलियां पक्की और इंटरलॉकिंग से युक्त हैं, जिससे जलभराव और गंदगी की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। जोहड़ों के सुंदरीकरण और विकास का काम भी पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा जोहड़ की चहारदीवारी और इंटरलॉकिंग के लिए 12 लाख रुपये का टेंडर भी स्वीकृत किया गया है।
25 लाख रुपये की लागत से आधुनिक इनडोर जिम का निर्माण : लंबे समय से अटके प्लॉट आवंटन का मुद्दा भी सुलझाया गया है। करीब 20 वर्षों से लंबित 250 प्लॉटों को अलॉट कर उनकी रजिस्ट्री करवाई गई, वहीं, 250 प्लॉटों को ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत पूरा किया गया। इसके अलावा 160 नए प्लॉट भी स्वीकृत कराए गए हैं। दो श्मशान घाटों की चहारदीवारी, आरसीसी रोड का निर्माण पूरा किया गया है।
गांव में लगाए 1500 पौधे
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए गांव में हर घर के आगे दो-दो पौधे लगाए गए हैं। अब तक 1500 से अधिक पेड़-पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनकी नियमित देखरेख भी की जा रही है। गांव में 2 एकड़ 4 कनाल भूमि पर हर्बल पार्क का निर्माण किया गया है, जो ग्रामीणों के लिए सैर और स्वास्थ्य का केंद्र बन गया है। वहीं, स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए पांच सोख्ता गड्ढों का निर्माण भी किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे गांव में स्ट्रीट लाइट के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ढाणियों में रहने वाले लोगों के लिए पीने के पानी की समस्या को दूर करते हुए पाइपलाइन बिछाई गई है।
गांव भुन्ना की सरपंच शारदा ने शिक्षा और खेल के क्षेत्र में रचा इतिहास
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। 26 जनवरी को दिल्ली में राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के लिए गांव भुन्ना की सरपंच शारदा का चयन हुआ है। शारदा ने सशक्त नेतृत्व और दूरदर्शी सोच से जिले में शिक्षा, खेल और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। इन्हीं उपलब्धियों के चलते उनका नाम जिले में बेहतर कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों की सूची में चयनित किया गया है।
सरपंच शारदा ने ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए महिलाओं, युवाओं और खिलाड़ियों के लिए कई नई पहल शुरू की है, जो अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और आजीविका के साधन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सरपंच शारदा गांव में करीब 10 महिला स्वयं सहायता समूहों का नेतृत्व कर रही हैं। इन समूहों से जुड़कर लगभग 100 महिलाएं स्वरोजगार कर रही हैं। महिला समूहों द्वारा चूड़ियां, सर्फ, स्वेटर, पंखे, साबुन, कढ़ाई-बुनाई सहित अन्य घरेलू उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है।
शिक्षा के क्षेत्र में उठाए महत्वपूर्ण कदम : शिक्षा के क्षेत्र में भी सरपंच शारदा ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बीते ढाई वर्ष में गांव के युवाओं को सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए 40 सीटों वाला आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पुस्तकालय स्थापित करवाया गया।
पार्क कम व्यायामशाला का करवाया निर्माण : गांव में चार एकड़ भूमि पर पार्क कम व्यायामशाला सह स्टेडियम का निर्माण करवाया गया है। इस स्टेडियम में एथलेटिक्स ट्रैक, क्रिकेट पिच, हरी घास, लाइटिंग व्यवस्था, पानी के फव्वारे, योग स्टेज बनाया गया है।
सरपंच शारदा का नमो ड्रोन दीदी के तहत चयन
महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए एक वर्ष पूर्व केंद्र सरकार की ओर से शारदा का चयन नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत किया गया। इस योजना के अंतर्गत उन्हें कृषि क्षेत्र में कार्य के लिए एक ड्रोन उपलब्ध करवाया गया। इस ड्रोन के माध्यम से गांव की महिलाएं और किसान कम लागत में फसलों पर दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं, जिससे खेती में समय और धन दोनों की बचत हो रही है।

सिरसा।सरपंच सुनीता
