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Sirsa News: राजकीय स्कूलों में तत्परता कार्यक्रम शुरू, कक्षा पांच तक कौशल पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 15 Apr 2026 12:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले के सभी राजकीय स्कूलों में कक्षा तत्परता कार्यक्रम का शुभारंभ कर दिया गया है। इस कार्यक्रम के तहत बालवाटिका से लेकर कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) कौशल को मजबूत करना है।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए विषयवार दक्षताओं को ध्यान में रखते हुए गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाएगी। खासतौर पर हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषयों में बच्चों की समझ को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा। कक्षा के स्तर के अनुसार बच्चों को सरल और रोचक तरीकों से पढ़ाया जाएगा जिससे उनका सीखने के प्रति रुझान बढ़े।
शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) के उपयोग के जरिए बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके तहत चार्ट, मॉडल, खेल-आधारित गतिविधियां और समूह कार्य के माध्यम से कक्षा को रोचक बनाया जाएगा। साथ ही, बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संवादात्मक और अनुभवात्मक शिक्षण विधियों को अपनाया जाएगा।
बच्चों की प्रगति पर नियमित रूप से नजर रखी जाएगी। इसके लिए शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर बच्चों का आकलन करें और उनकी उपलब्धियों को दर्ज करें। कार्यक्रम के अंत में समग्र मूल्यांकन भी किया जाएगा, जिससे यह पता लगाया जा सके कि विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में कितना सुधार हुआ है।
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सिरसा। जिले के सभी राजकीय स्कूलों में कक्षा तत्परता कार्यक्रम का शुभारंभ कर दिया गया है। इस कार्यक्रम के तहत बालवाटिका से लेकर कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) कौशल को मजबूत करना है।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए विषयवार दक्षताओं को ध्यान में रखते हुए गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाएगी। खासतौर पर हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषयों में बच्चों की समझ को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा। कक्षा के स्तर के अनुसार बच्चों को सरल और रोचक तरीकों से पढ़ाया जाएगा जिससे उनका सीखने के प्रति रुझान बढ़े।
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शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) के उपयोग के जरिए बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके तहत चार्ट, मॉडल, खेल-आधारित गतिविधियां और समूह कार्य के माध्यम से कक्षा को रोचक बनाया जाएगा। साथ ही, बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संवादात्मक और अनुभवात्मक शिक्षण विधियों को अपनाया जाएगा।
बच्चों की प्रगति पर नियमित रूप से नजर रखी जाएगी। इसके लिए शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर बच्चों का आकलन करें और उनकी उपलब्धियों को दर्ज करें। कार्यक्रम के अंत में समग्र मूल्यांकन भी किया जाएगा, जिससे यह पता लगाया जा सके कि विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में कितना सुधार हुआ है।

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