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Sirsa News: कचरे के ढेरों पर हड़ताली कर्मचारियों का ‘ठिकरी पहरा’, 14 दिन से सफाई व्यवस्था बेहाल
Wed, 19 Aug 2026 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 19 Aug 2026 11:35 PM IST
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रात के समय कचरा पांइट पर पहरा देते हुए सफाई कर्मचारी
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शहर में कचरे के बढ़ते ढेर अब गंभीर समस्या बनते जा रहे
फोटो-- 24,25,26
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शहर में कचरे के बढ़ते ढेर अब गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने कचरा उठाने के बजाय शहर के विभिन्न कचरा पाॅइंटों पर ‘ठीकरी पहरा’ शुरू कर दिया है।
प्रत्येक कचरा पाॅइंट पर तीन से चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो वहां जमा कचरे की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई कदम इस कचरे के समाधान को लेकर नहीं किया जा रहा है।
14 दिनों से शहर में धरना जारी है और एक बार भी ठोस कार्रवाई को लेकर कदम प्रशासन की ओर से नहीं उठाया गया। बाजार से लेकर बस स्टैंड और कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी तक सभी के आसपास कचरा ही कचरा नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर कचरा सड़ने से दुर्गंध फैल रही है।
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परेशान लोग गलियों में जमा कचरे को खुद ही इकट्ठा कर जलाने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं, अब बीमारियां बढ़ने का खतरा लगातार बढ़ रहा है और होटलों व घरों आदि का गीला कचरा यहां पर बढ़े स्तर पर डाला जा रहा है। बची हुईं सब्जियों से लेकर अन्य पदार्थ डालने से दुर्गंध बढ़ गई है।
दूसरी ओर, सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद के अधिकारी भी प्रभावी कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे। जेई से लेकर सीटीएल जैसे बड़ा वेतन लेने वाले कर्मचारी अब अपनी कचरा प्रबंधन की ड्यूटी से गुरेज करते नजर आते हैं।
घर-घर जाकर लोगों को किचन वेस्ट के समाधान बताने के बजाय वे अब कार्यालयों में कहीं गुम हो गए हैं। सफाई कर्मचारियों के कंधों पर स्वच्छता की अलख जगाने वाले ये कर्मचारी कुछ भी नहीं कर रहे हैं।
लाखों रुपये के होर्डिंग बैनर, पम्फलेट व बाजारों में कुछ जगहों पर जाकर खानापूर्ति करने वाले इन कर्मचारियों को अब जागरूकता की जरूरत नजर नहीं आती हैं। कारण यह कि अब उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
हड़ताल रहेगी लगातार जारी
नगर पालिका कर्मचारी यूनियन के प्रधान नरेश कुमार व मनोज अठवाल ने बताया कि वे कचरा उठाने का काम नहीं कर रहे लेकिन कचरा पाॅइंटों पर निगरानी रखी जा रही है ताकि लोग कचरे में आग न लगाएं और स्थिति और खराब न हो। कचरा किसी को उठाने भी नहीं दिया जाएगा। यदि कोई जबरदस्ती करेगा तो उसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।
यह जानना जरूरी
शहर में कचरा जमा - 1300 एमटी के आसपास
जिले भर में जमा कुल कचरा - 2100 एमटी के आसपास
हड़ताल पर कर्मचारी - 700 के आसपास
यह व्यवस्था प्रभावित
घर-घर कचरा उठान
सड़कों व गलियों में कचरा उठान
स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान
प्रशासन के अब तक के प्रयास
दो दिन जेसीबी से कचरा उठाने का किया गया प्रयास
कचरा पाॅइंटों पर दवाओं का किया गया छिड़काव
कचरा पाॅइंटों नियमित की जा रही मॉनिटरिंग
सेक्टरों में ग्रीन बेल्ट बनीं कचरा पाॅइंट
शहर के सेक्टर पूरी तरह से साफ-सुथरे नजर आ रहे हैं। इनके आसपास बनीं ग्रीन बेल्ट में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। पहले ही अव्यवस्था की मार झेल रहीं इन ग्रीन बेल्ट में बड़े स्तर पर कचरा डाला जा रहा है। इसके साथ-साथ यहां पर कचरा जलाया जा रहा है ताकि गंदगी न फैले।
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शहर में कचरे के बढ़ते ढेर अब गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने कचरा उठाने के बजाय शहर के विभिन्न कचरा पाॅइंटों पर ‘ठीकरी पहरा’ शुरू कर दिया है।
प्रत्येक कचरा पाॅइंट पर तीन से चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो वहां जमा कचरे की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई कदम इस कचरे के समाधान को लेकर नहीं किया जा रहा है।
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14 दिनों से शहर में धरना जारी है और एक बार भी ठोस कार्रवाई को लेकर कदम प्रशासन की ओर से नहीं उठाया गया। बाजार से लेकर बस स्टैंड और कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी तक सभी के आसपास कचरा ही कचरा नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर कचरा सड़ने से दुर्गंध फैल रही है।
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परेशान लोग गलियों में जमा कचरे को खुद ही इकट्ठा कर जलाने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं, अब बीमारियां बढ़ने का खतरा लगातार बढ़ रहा है और होटलों व घरों आदि का गीला कचरा यहां पर बढ़े स्तर पर डाला जा रहा है। बची हुईं सब्जियों से लेकर अन्य पदार्थ डालने से दुर्गंध बढ़ गई है।
दूसरी ओर, सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद के अधिकारी भी प्रभावी कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे। जेई से लेकर सीटीएल जैसे बड़ा वेतन लेने वाले कर्मचारी अब अपनी कचरा प्रबंधन की ड्यूटी से गुरेज करते नजर आते हैं।
घर-घर जाकर लोगों को किचन वेस्ट के समाधान बताने के बजाय वे अब कार्यालयों में कहीं गुम हो गए हैं। सफाई कर्मचारियों के कंधों पर स्वच्छता की अलख जगाने वाले ये कर्मचारी कुछ भी नहीं कर रहे हैं।
लाखों रुपये के होर्डिंग बैनर, पम्फलेट व बाजारों में कुछ जगहों पर जाकर खानापूर्ति करने वाले इन कर्मचारियों को अब जागरूकता की जरूरत नजर नहीं आती हैं। कारण यह कि अब उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
हड़ताल रहेगी लगातार जारी
नगर पालिका कर्मचारी यूनियन के प्रधान नरेश कुमार व मनोज अठवाल ने बताया कि वे कचरा उठाने का काम नहीं कर रहे लेकिन कचरा पाॅइंटों पर निगरानी रखी जा रही है ताकि लोग कचरे में आग न लगाएं और स्थिति और खराब न हो। कचरा किसी को उठाने भी नहीं दिया जाएगा। यदि कोई जबरदस्ती करेगा तो उसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।
यह जानना जरूरी
शहर में कचरा जमा - 1300 एमटी के आसपास
जिले भर में जमा कुल कचरा - 2100 एमटी के आसपास
हड़ताल पर कर्मचारी - 700 के आसपास
यह व्यवस्था प्रभावित
घर-घर कचरा उठान
सड़कों व गलियों में कचरा उठान
स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियान
प्रशासन के अब तक के प्रयास
दो दिन जेसीबी से कचरा उठाने का किया गया प्रयास
कचरा पाॅइंटों पर दवाओं का किया गया छिड़काव
कचरा पाॅइंटों नियमित की जा रही मॉनिटरिंग
सेक्टरों में ग्रीन बेल्ट बनीं कचरा पाॅइंट
शहर के सेक्टर पूरी तरह से साफ-सुथरे नजर आ रहे हैं। इनके आसपास बनीं ग्रीन बेल्ट में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। पहले ही अव्यवस्था की मार झेल रहीं इन ग्रीन बेल्ट में बड़े स्तर पर कचरा डाला जा रहा है। इसके साथ-साथ यहां पर कचरा जलाया जा रहा है ताकि गंदगी न फैले।