{"_id":"697268289d10bcc18c0b96fa","slug":"vishwakarma-fair-from-today-sirsa-news-c-128-1-svns1027-151748-2026-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए तीन दिवसीय प्रदर्शनी और मेला आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए तीन दिवसीय प्रदर्शनी और मेला आज
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 22 Jan 2026 11:40 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
संवादन्यूज एजेंसी
सिरसा। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय, करनाल द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए तीन दिवसीय भव्य प्रदर्शनी एवं मेले का शुक्रवार को होगा। तीन दिनों तक यह मेला चलेगा। इसमें अब तक 50 से अधिक कारीगरों और शिल्पकारों को स्टॉल उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
जिला जनसूचना एवं संपर्क अधिकारी रामनाथ ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें और उत्पादों की बिक्री बढ़ा सकें। मेले में कुम्हार, दर्जी, मोची, पेंटर, सुनार, मालाकार के साथ-साथ गुड़िया, टोकरी, चटाई और खिलौने बनाने वाले शिल्पकार शामिल होंगे।
प्रदर्शनी में लाभार्थियों को निशुल्क स्टॉल प्रदान किए जाएंगे। यहां वे मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां, जूती, मालाएं और लकड़ी के उत्पाद प्रदर्शित एवं विक्रय कर सकेंगे। स्टॉल का वितरण “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा।
साथ ही, कारीगरों को आधुनिक बाजार से जोड़ने के लिए मीशो, सुलेखा और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पाद बेचने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। शहरवासी और आगंतुक इस मेले में पहुँच कर सीधे कारीगरों से हस्तनिर्मित सामान उचित और सस्ते दामों पर खरीद सकते हैं।
Trending Videos
सिरसा। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय, करनाल द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए तीन दिवसीय भव्य प्रदर्शनी एवं मेले का शुक्रवार को होगा। तीन दिनों तक यह मेला चलेगा। इसमें अब तक 50 से अधिक कारीगरों और शिल्पकारों को स्टॉल उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
जिला जनसूचना एवं संपर्क अधिकारी रामनाथ ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें और उत्पादों की बिक्री बढ़ा सकें। मेले में कुम्हार, दर्जी, मोची, पेंटर, सुनार, मालाकार के साथ-साथ गुड़िया, टोकरी, चटाई और खिलौने बनाने वाले शिल्पकार शामिल होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शनी में लाभार्थियों को निशुल्क स्टॉल प्रदान किए जाएंगे। यहां वे मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां, जूती, मालाएं और लकड़ी के उत्पाद प्रदर्शित एवं विक्रय कर सकेंगे। स्टॉल का वितरण “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा।
साथ ही, कारीगरों को आधुनिक बाजार से जोड़ने के लिए मीशो, सुलेखा और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पाद बेचने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। शहरवासी और आगंतुक इस मेले में पहुँच कर सीधे कारीगरों से हस्तनिर्मित सामान उचित और सस्ते दामों पर खरीद सकते हैं।
