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वृद्धाश्रम विवाद : विभाग ने दी सफाई, इनेलो ने आंदोलन को चेताया
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 04 May 2026 01:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी। सुरतिया रोड स्थित वर्ष 2002 में बने वृद्धाश्रम को महिला चौपाल में बदलने के विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। शनिवार को ग्रामीण बुजुर्गों द्वारा भवन पर ताला जड़ने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब पंचायती विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। साथ ही इनेलो ने भी इस मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
पंचायती विभाग के जेई दिनेश ने बताया कि हरियाणा सरकार की योजना के तहत जर्जर हो चुके पुराने भवनों की मरम्मत महिला चौपाल योजना के अंतर्गत की जानी थी। इसके बाद वर्ष 2023-24 में इस भवन की मरम्मत का एस्टीमेट भेजा गया था। ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव (रेजोल्यूशन) पारित किया गया जिसके आधार पर एक्सईएन कार्यालय से बजट जारी कर सीधे पंचायत को उपलब्ध कराया गया। उसी के तहत उक्त भवन की मरम्मत करवाई गई है।
जेई ने बताया कि यह संभव है कि भवन का उद्घाटन वर्ष 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला द्वारा किया गया हो लेकिन मरम्मत कार्य शुरू होने से पहले भवन पर कोई शिलान्यास पत्थर मौजूद नहीं था। यदि पत्थर बाउंड्रीवॉल पर लगा हुआ था तो वह सड़क चौड़ीकरण के दौरान लोक निर्माण विभाग की ओर से हटाया गया होगा।
गांव रोड़ी के सरपंच दर्शन सिंह ने बताया कि महिला चौपाल के निर्माण को लेकर काफी समय से पत्राचार चल रहा था। पंचायत ने विधिवत प्रस्ताव पारित किया था और सभी विभागीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही कार्य शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय योजनाबद्ध तरीके से लिया गया था।
दूसरी ओर, ग्रामीण बुजुर्ग अपने रुख पर अड़े हुए हैं। वे वृद्धाश्रम की बहाली की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह भवन वर्षों से उनके सामाजिक जीवन का केंद्र रहा है। इसे बिना सहमति बदला जाना अनुचित है। इसी बीच, इनेलो ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए विभागीय अधिकारियों को सोमवार तक का अल्टीमेटम दिया है।
पार्टी का कहना है कि यदि तय समय तक शिलान्यास पत्थर दोबारा नहीं लगाया गया और महिला चौपाल की प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो गांव में महापंचायत आयोजित कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे को किस तरह सुलझाता है और क्या ग्रामीणों की मांगों पर कोई समाधान निकल पाता है।
कोटस
रेजुलेशन पास कर महिला चौपाल बनाई गई है। भजन मंडली के लोग सामान रखने के लिए आए थे। जिन्हें बुजुर्गों ने मना कर दिया है। महिला चौपाल भी ग्रामीणों के लिए ही है।
-दर्शन सिंह, सरपंच
रोड़ी । रोड़ी में मौजूद वृद्धाश्रम का भवन____संवाद।
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रोड़ी। सुरतिया रोड स्थित वर्ष 2002 में बने वृद्धाश्रम को महिला चौपाल में बदलने के विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। शनिवार को ग्रामीण बुजुर्गों द्वारा भवन पर ताला जड़ने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब पंचायती विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। साथ ही इनेलो ने भी इस मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
पंचायती विभाग के जेई दिनेश ने बताया कि हरियाणा सरकार की योजना के तहत जर्जर हो चुके पुराने भवनों की मरम्मत महिला चौपाल योजना के अंतर्गत की जानी थी। इसके बाद वर्ष 2023-24 में इस भवन की मरम्मत का एस्टीमेट भेजा गया था। ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव (रेजोल्यूशन) पारित किया गया जिसके आधार पर एक्सईएन कार्यालय से बजट जारी कर सीधे पंचायत को उपलब्ध कराया गया। उसी के तहत उक्त भवन की मरम्मत करवाई गई है।
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जेई ने बताया कि यह संभव है कि भवन का उद्घाटन वर्ष 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला द्वारा किया गया हो लेकिन मरम्मत कार्य शुरू होने से पहले भवन पर कोई शिलान्यास पत्थर मौजूद नहीं था। यदि पत्थर बाउंड्रीवॉल पर लगा हुआ था तो वह सड़क चौड़ीकरण के दौरान लोक निर्माण विभाग की ओर से हटाया गया होगा।
गांव रोड़ी के सरपंच दर्शन सिंह ने बताया कि महिला चौपाल के निर्माण को लेकर काफी समय से पत्राचार चल रहा था। पंचायत ने विधिवत प्रस्ताव पारित किया था और सभी विभागीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही कार्य शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय योजनाबद्ध तरीके से लिया गया था।
दूसरी ओर, ग्रामीण बुजुर्ग अपने रुख पर अड़े हुए हैं। वे वृद्धाश्रम की बहाली की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह भवन वर्षों से उनके सामाजिक जीवन का केंद्र रहा है। इसे बिना सहमति बदला जाना अनुचित है। इसी बीच, इनेलो ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए विभागीय अधिकारियों को सोमवार तक का अल्टीमेटम दिया है।
पार्टी का कहना है कि यदि तय समय तक शिलान्यास पत्थर दोबारा नहीं लगाया गया और महिला चौपाल की प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो गांव में महापंचायत आयोजित कर आंदोलन शुरू किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे को किस तरह सुलझाता है और क्या ग्रामीणों की मांगों पर कोई समाधान निकल पाता है।
कोटस
रेजुलेशन पास कर महिला चौपाल बनाई गई है। भजन मंडली के लोग सामान रखने के लिए आए थे। जिन्हें बुजुर्गों ने मना कर दिया है। महिला चौपाल भी ग्रामीणों के लिए ही है।
-दर्शन सिंह, सरपंच
रोड़ी । रोड़ी में मौजूद वृद्धाश्रम का भवन____संवाद।
