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Sonipat News: युवक को यूके का वीजा दिलाने के नाम पर 10.48 लाख ऐंठे
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 26 Mar 2026 01:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। गांव शाहपुर तुर्क के रहने वाले ग्रामीण ने पंजाब के मोहाली जिले की रहने वाली एजेंसी पर उनके बेटे का वीजा लगवाने के नाम पर 10.48 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोपी है एजेंसी ने पैसे लेकर विदेश नहीं भेजा। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को शिकायत दी तो पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
गांव शाहपुर तुर्क निवासी जयदीप ने मुरथल थाना में एफआईआर दर्ज करवाई है कि उनका बेटा शिवा (21) मई, 2025 में पंजाब के मोहाली की एजेंसी के संपर्क में आया। एजेंसी लोगों को विदेश भेजने का काम करती है। एजेंसी की कर्मचारी सुमन ने शिव को यूनाइटेड किंगडम (यूके) भेजने का भरोसा दिया।
सुमन ने कुल खर्च 16 लाख रुपये बताया। शुरुआत में फाइल तैयार करने के नाम पर 11,800 रुपये जमा करवाए गए। इसके बाद अलग-अलग बहानों से रकम मांगी जाती रही। 22 मई, 2025 को मोहाली स्थित कार्यालय में जाकर 20 हजार रुपये दिए गए जबकि 1 जून, 2025 को 3.80 लाख रुपये नकद जमा कराए गए।
जयदीप का आरोप है कि इसके बाद भी आरोपी रुपये मांगते रहे। सुरक्षा राशि के नाम पर 4,48,400 रुपये का चेक लिया गया। फिर दूतावास शुल्क, साक्षात्कार प्रक्रिया और बायोमीट्रिक के नाम पर भी रुपये लिए गए। इस प्रकार कुल 10,48,701 रुपये उनसे लिए गए।
जयदीप के अनुसार 22, अगस्त 2025 को उनके बेटे को चंडीगढ़ बुलाया गया लेकिन वहां पहुंचने पर बताया गया कि बायोमीट्रिक प्रक्रिया रद्द हो गई है। बाद में एक सप्ताह में नई तिथि देने का आश्वासन दिया गया लेकिन आज तक न तो वीजा मिला और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।
जयदीप का कहना है कि जब भी वह एजेंसी से संपर्क करते हैं तो टालमटोल किया जाता है। इस धोखाधड़ी के कारण उनका परिवार मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशान है।
किस्तों में ऐसे वसूली गई रकम
पीड़ित परिवार के अनुसार आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से रकम वसूली। पहले फाइल शुरू करने के नाम पर राशि ली फिर अग्रिम भुगतान के रूप में बड़ी रकम जमा कराई। इसके बाद सुरक्षा राशि, दूतावास शुल्क, साक्षात्कार शुल्क और बायोमेट्रिक प्रक्रिया के नाम पर बार-बार पैसे लिए गए। हर बार यह भरोसा दिलाया गया कि प्रक्रिया अंतिम चरण में है और भुगतान न करने पर वीजा रद्द हो जाएगा। इसी दबाव में परिवार ने कुल 10.48 लाख रुपये जमा करा दिए।
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गांव शाहपुर तुर्क निवासी जयदीप ने मुरथल थाना में एफआईआर दर्ज करवाई है कि उनका बेटा शिवा (21) मई, 2025 में पंजाब के मोहाली की एजेंसी के संपर्क में आया। एजेंसी लोगों को विदेश भेजने का काम करती है। एजेंसी की कर्मचारी सुमन ने शिव को यूनाइटेड किंगडम (यूके) भेजने का भरोसा दिया।
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सुमन ने कुल खर्च 16 लाख रुपये बताया। शुरुआत में फाइल तैयार करने के नाम पर 11,800 रुपये जमा करवाए गए। इसके बाद अलग-अलग बहानों से रकम मांगी जाती रही। 22 मई, 2025 को मोहाली स्थित कार्यालय में जाकर 20 हजार रुपये दिए गए जबकि 1 जून, 2025 को 3.80 लाख रुपये नकद जमा कराए गए।
जयदीप का आरोप है कि इसके बाद भी आरोपी रुपये मांगते रहे। सुरक्षा राशि के नाम पर 4,48,400 रुपये का चेक लिया गया। फिर दूतावास शुल्क, साक्षात्कार प्रक्रिया और बायोमीट्रिक के नाम पर भी रुपये लिए गए। इस प्रकार कुल 10,48,701 रुपये उनसे लिए गए।
जयदीप के अनुसार 22, अगस्त 2025 को उनके बेटे को चंडीगढ़ बुलाया गया लेकिन वहां पहुंचने पर बताया गया कि बायोमीट्रिक प्रक्रिया रद्द हो गई है। बाद में एक सप्ताह में नई तिथि देने का आश्वासन दिया गया लेकिन आज तक न तो वीजा मिला और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।
जयदीप का कहना है कि जब भी वह एजेंसी से संपर्क करते हैं तो टालमटोल किया जाता है। इस धोखाधड़ी के कारण उनका परिवार मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशान है।
किस्तों में ऐसे वसूली गई रकम
पीड़ित परिवार के अनुसार आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से रकम वसूली। पहले फाइल शुरू करने के नाम पर राशि ली फिर अग्रिम भुगतान के रूप में बड़ी रकम जमा कराई। इसके बाद सुरक्षा राशि, दूतावास शुल्क, साक्षात्कार शुल्क और बायोमेट्रिक प्रक्रिया के नाम पर बार-बार पैसे लिए गए। हर बार यह भरोसा दिलाया गया कि प्रक्रिया अंतिम चरण में है और भुगतान न करने पर वीजा रद्द हो जाएगा। इसी दबाव में परिवार ने कुल 10.48 लाख रुपये जमा करा दिए।