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Sonipat News: 250 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा ग्रामीण दूसरे दिन भी नहीं उतरा, लिखित आश्वासन पर अड़ा

संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 26 Mar 2026 05:55 AM IST
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A villager who climbed a 250-foot-high tower refused to come down even on the second day, insisting on a written assurance.
फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद
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सोनीपत। गांव असावरपुर में मंगलवार को कब्जा लेने पहुंची हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की टीम को देखकर ग्रामीण सुनील (48) 250 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गए थे। वह बुधवार को दूसरे दिन भी नहीं उतरे।
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भूखे-प्यासे टावर पर बैठे ग्रामीण ने साफ कह दिया है कि लिखित आश्वासन या वैकल्पिक जमीन मिलने तक वह नीचे नहीं उतरेंगे। उनके समर्थन में ग्रामीणों के साथ ही राजनीतिक दलों व संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है।
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एचएसवीपी की टीम गांव असावरपुर में वर्ष 2006 में अधिग्रहित की गई जमीन पर कब्जा करने के लिए पहुंची तो बुलडोजर को देखकर सुनील घर के पास ही स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गए थे। उन्होंने नीचे कूदने की धमकी दी थी। इस पर कार्रवाई रोक दी गई थी मगर सुनील की भाभी सोमिल के स्कूल के कमरे को गिरा दिया था।
कार्रवाई के विरोध में सोमिल ने भी धरना देते हुए परिवार सहित आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। बाद में टीम लौट गई थी। उसके बाद से सुनील टावर पर ही बैठे हैं। सुनील की पत्नी पूनम ने बताया कि उनके पति नवरात्र का व्रत रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन के ठोस और लिखित भरोसे से ही संकट का समाधान होगा।

अब इस मामले को लेकर ग्रामीण एकजुट हो रहे हैं। घटना के विरोध में गांव की महिलाएं भी मौके पर एकत्रित हो गई हैं। ग्रामीणों ने पंचायत बुलाकर सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अदालत में जाने के चलते स्कूल पर नहीं हुई थी कार्रवाई
जमीन अधिग्रहण के बाद स्कूल का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण वह अस्थायी मान्यता पर चल रहा था लेकिन शिक्षा विभाग ने आगामी सत्र के लिए इसकी मान्यता समाप्त कर दी है। स्कूल में 150 बच्चे पढ़ते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया के अनुसार यह जमीन 2006 में अधिग्रहित की गई थी। स्कूल अस्थायी मान्यता पर चल रहा था। अदालत के आदेश के चलते इसे बीच सत्र में बंद नहीं किया गया लेकिन अब सत्र खत्म होने के बाद बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। अगले सेशन के लिए स्कूल की अपील रद्द की जा चुकी है।



परिजन बोले-ज्यादती हो रही है

जमीन को लेकर उनका उच्च न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। अब 5 जुलाई को तारीख है। उसके बावजूद प्रशासन धक्केशाही कर रहा है। मंगलवार को उनके परिवार पर हमला किया गया। उनके भाई मंगलवार दोपहर से ही टावर पर बैठे हैं। उनकी प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली। एचएसवीपी के अधिकारी ने उनके परिवार के बुजुर्ग व महिलाओं से अभद्रता की। बिना नोटिस उनका मकान तोड़ने आए। उनको जमीन के बदले जमीन दी जाए। -कृष्ण, सुनील के भाई
बिना नोटिस दिए उनके घर व स्कूल को तोड़ने के लिए प्रशासन की टीम आई थी। जब सामान टूटने की बात कही तो उन्हें ही धमकाया गया। मेरे देवर जमीन बचाने के लिए टावर पर बैठे हैं। उनके तोड़े गए मकान का मुआवजा व जमीन के बदले जमीन दें। -सोमिल, सुनील की भाभी



समर्थन में आए राजनीतिक दल और किसान संगठन

एजुकेशन सिटी के निर्माण के लिए कांग्रेस सरकार ने गलत तरीके से जमीन का अधिग्रहण किया था। दो दशक बाद भी यहां विकास नहीं हुआ। महज चार विश्वविद्यालय ही यहां संचालित हैं। ऐसे में खाली पड़ी जमीन को किसानों को वापस दिया जाए। साथ ही अगर 24 घंटे में ग्रामीण की समस्या दूर कर उन्हें नहीं बचाया गया तो जजपा सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेगी। -अशोक सरोहा, जिला अध्यक्ष, जजपा
किसानों और ग्रामीणों के घर नहीं तोड़ने चाहिए। भाजपा की स्थानीय विधायक ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर सभी घरों का समाधान निकाला जाएगा। इसके विपरीत अब इन्हें तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। -जय भगवान आंतिल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता।
गांव असावरपुर में 150 से अधिक मकान तोड़ने की कोशिश हो रही है। अधिग्रहण के दौरान रही खामियों को लेकर कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2007 में नई पॉलिसी लाकर घरों को नहीं तोड़ने की बात कही थी। साथ ही जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित हुई है उन्हें प्लॉट व उनके बच्चों को यहां खुल रहे विवि में दाखिले से लेकर अन्य सुविधाओं में छूट देने की बात कही थी। हालांकि, उन्हें अब तक कोई फायदा नहीं मिला है। -बंसी कुंडू, कांग्रेस नेता
किसानों का एक बड़ा वर्ग आंदोलन में शामिल हो गया है। प्रशासन ग्रामीणों के साथ अन्याय कर रहा है। बिना उचित पुनर्वास के इस तरह की कार्रवाई अस्वीकार्य है। कांग्रेस व भाजपा सरकार ने किसानों की कोई सुनवाई नहीं की है। उनकी समिति ने 11 साल से अधिक समय तक धरना दिया था। -राजपाल, प्रधान, भूमि अधिग्रहण विरोधी संघर्ष समिति
उनके पति नवरात्र कर रहे हैं। कल से उपवास पर ही हैं। हमने तो पानी भी नहीं दिया। देने जा रहे थे लेकिन उन्होंने नहीं लिया। उनके पास फोन है। उनसे मेरी बात नहीं हुई है। भाई साहब से बात हुई थी। -पूनम, सुनील की पत्नी
पूरे मामले में राई थाना पुलिस कार्रवाई कर रही है। टावर पर एक व्यक्ति चढ़ा है। नीचे भीड़ एकत्रित हो गई है। पुलिस पहले लोगों को शांत करेगी उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट से भी जमीन पर कब्जाधारी की याचिका खारिज हो चुकी है। कई बार नोटिस देने के बाद यह कार्रवाई की गई है। यदि वे मुआवजा चाहते हैं तो आवेदन कर सकते हैं लेकिन उन्हें 2006 के निर्धारित रेट के अनुसार ही मुआवजा मिलेगा क्योंकि जमीन अधिग्रहण उसी वर्ष हुआ था। फिलहाल आगे की कार्रवाई को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। - सिद्धार्थ, ईओ, एचएसवीपी

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

फोटो : सोनीपत के गांव असावरपुर में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे राजनीतिक दलों के नेता। संवाद

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